Latest Updates
-
Putrada Ekadashi Vrat Katha: पुत्रदा एकादशी पर जरूर करें इस व्रत कथा का पाठ, पूरी होगी संतान से जुड़ी हर कामना -
Putrada Ekadashi 2026 Wishes: विष्णु जी की भक्ति...इन संदेशों से अपनों को दें पुत्रदा एकादशी की शुभकामनाएं -
Putrada Ekadashi 2026: 23 या 24 अगस्त, कब है पुत्रदा एकादशी? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
कौन हैं क्रिकेटर मेधावी बिधूड़ी? ‘6-7’ सेलिब्रेशन के बाद इंटरनेट पर हुईं वायरल, खूबसूरती के दीवाने हुए फैंस -
दिल्ली में तेजी से बढ़ रहे स्वाइन फ्लू के मामले, जानें बच्चों में H1N1 के लक्षण और बचाव के उपाय -
53 की उम्र में दूल्हा बने अर्जुन रामपाल, गोवा में 14 साल छोटी गर्लफ्रेंड गैब्रिएला संग रचाई शादी -
IND vs SL 2nd Test: कोलंबो में सीरीज जीत की दहलीज पर भारत, बारिश और पिच का क्या है हाल? -
Varalakshmi Vrat Katha: वरलक्ष्मी व्रत के दिन जरूर पढ़ें ये व्रत कथा, धन से जुड़ी बाधाएं होंगी दूर -
Varalakshmi Vrat 2026 Wishes: मां लक्ष्मी का आशीर्वाद...वरलक्ष्मी व्रत पर प्रियजनों को भेजें ये शुभकामना संदेश -
Rakhi Gift Ideas For Sister: इस रक्षाबंधन बहन को दें ये 7 प्यार भरे तोहफे, देखते ही खुशी से झूम उठेगी
World Water Day 2024 : कितना होना चाहिए RO के पानी का TDS, कम और ज्यादा होने के अलग-अलग हैं नुकसान
What is the Ideal TDS of RO Water : जल है तो कल है... ये स्लोगन नहीं हैं यह जीवन से जुड़ा सच है क्योंकि बिना जल के जीवन की परिकल्पना करना असंभव हैं। गंदा या दूषित पानी पीने से कई तरह की बीमारियां हो सकती है। इसलिए साफ पानी के लिए हर घर में आज RO लगा हुआ है।
शहरों में पानी का टीडीएस इतना ज्यादा होता है कि डॉक्टर उसे नहीं पीने की सलाह देते हैं। TDS मतलब Total dissolved solids यानी पानी में घुले पदार्थों की होता है। यही वजह है कि लोगों ने अपने घरों में आरओ लगा रखा है जो पानी को प्यूरीफायर करके देता है।

इसका सबसे बड़ा फायदा है कि ये पानी में से गंदगी को दूर कर इसे पीने योग्य बनाता है। RO पानी में मौजूद ज्यादा टीडीएस को कम करके इसे पीने योग्य बनाता है। टीडीएस दरअसल पानी में मौजूद अशुद्धियां को जांचने का पैमाना है। TDS मतलब Total dissolved solids यानी पानी में घुले पदार्थों की होता है।
हालांकि ज्यादा TDS वाला पानी पीने के नुकसान होते हैं लेकिन आपको बता दें कि कम टीडीएस वाला पानी पीने से भी आप कई बीमारियों से घिर सकते हैं। आइए जानते हैं कि पानी का आदर्श टीडीएस क्या होता है?
WHO की क्या है गाइडलाइन?
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक प्रति लीटर पानी में TDS की मात्रा 300 मिलीग्राम से कम होनी चाहिए। अगर एक लीटर पानी में 300 मिलीग्राम से 600 मिलीग्राम तक TDS हो तो उसे पीने योग्य माना जाता है। हालांकि अगर एक लीटर पानी में TDS की मात्रा 900 मिलीग्राम से ज्यादा है तो वो पानी पीने योग्य नहीं माना जाता है।
ज्यादा टीडीएस वाला पानी पीने का खतरा?
वैसे आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पानी में कई अकार्बनिक और कार्बनिक पदार्थ मौजूद हैं। इसमें सबसे ज्यादा नुकसानदायक कार्बनिक पदार्थ होते हैं जिनमें कैल्शियम, मैग्नीशियम और सोडियम जैसे पदार्थ शामिल होते हैं। इनकी ज्यादा मात्रा वाले पानी को पीने से किडनी खराब होने का खतरा बढ़ जाता है।
ज्यादा टीडीएस वाले पानी से नहाने से आपकी त्वचा रफ और ड्राय हो जाती है। यह तक की आपके बाल भी रूखे और डैमेज हो जाते हैं, जिसकी वजह से बाल झड़ने लगते हैं।

टीडीएस कम होने पर क्या नुकसान हैं?
RO पानी में अशुद्धियों को निकालने के साथ ही मीठा बनाता है। इस वजह से वो पानी में मौजूद अच्छे व बुरे मिनरल्स में अंतर नहीं कर पाता है। पानी में से हानिकारक मिनरल्स के साथ सेहत को फायदे पहुंचाने वाले को भी निकाल देता है। कम टीडीएस की वजह से प्लास्टिक और दूसरे चीजों के कण भी पानी में घुलने लगते हैं।
विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक पानी में मिनरल्स की कमी के वजह से हड्डियां खोखली होने लगती है। कुछ समय बाद घुटने, ज्वाइंट्स या हाथ-पैरों में दर्द होने लगता है। यहां तक हार्मोनल इम्बैलेंस होने लगता है।
पानी में कितना होना चाहिए मिनरल्स?
स्वादरहित, गंधरहित और रंगरहित पानी ही शुद्ध माना जाता है। पानी में टीडीएस की मात्रा 350 से 500 टीडीएस तक आदर्श माना जाता है। पानी में भारीपन 300 से कम व 600 पीपीएम से अधिक न हो। इसके अलावा पीने योग्य पानी में कैल्शियम 75 से 200 पीपीएम, मैग्नीशियम 30 से 100, फ्लोराइड 1.0 से 1.5 व नाइट्रेट 45 पीपीएम से अधिक नहीं होना चाहिए। ये सभी जरुरी मिनरल्स है जो पानी के लिए आवश्यक हैं। इनके ज्यादा या कमी के वजह से शरीर को नुकसान पहुंच सकता है। (PPM मतलब Parts per million होता है। एक पीपीएम यानी एक मिलिग्राम होता है)
कैसे चैक करें पानी का टीडीएस
पानी में टीडीएस चेक करने वाली डिवाइस को TDS मीटर कहते हैं। बाजार में यह आसानी से उपलब्ध हैं और यह ज्यादा कीमती भी नहीं होते हैं। ये आपको चुटकियों में आपके पानी में मौजूद टीडीएस का हाल बता देगा।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications