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Zubeen Garg Death: 'या अली' सिंगर जुबीन गर्ग की स्कूबा डाइविंग करते वक्त गई जान, ये गलतियां बनती है जानलेवा
Singer zubeen garg death cause : मशहूर गायक जुबिन गर्ग ने 52 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कह दिया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सिंगापुर में स्कूबा डाइविंग करते समय हुए हादसे में उनकी मौत हो गई। जुबिन गर्ग इन दिनों नॉर्थ ईस्ट फेस्टिवल में हिस्सा लेने सिंगापुर गए थे। डाइविंग के दौरान अचानक आई समस्या ने उनकी ज़िंदगी छीन ली। उन्हें तुरंत रेस्क्यू करके अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टर उन्हें बचा नहीं पाए। उनके निधन की खबर ने म्यूजिक इंडस्ट्री और फैंस को गहरे सदमे में डाल दिया है।
जुबिन गर्ग असम के सबसे बड़े कलाकारों में से एक थे और बॉलीवुड में भी उन्होंने कई हिट गाने दिए। फिल्म गैंगस्टर का गाना "या अली" उन्हें एक अलग पहचान दिलाने वाला गाना साबित हुआ था। लेकिन उनका अचानक इस तरह चले जाना इस बात की याद दिलाता है कि स्कूबा डाइविंग जैसी एडवेंचरस गतिविधियों में ज़रा सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है।

स्कूबा डाइविंग क्यों है जोखिम भरी?
स्कूबा डाइविंग रोमांचक तो होती है, लेकिन इसमें खतरे भी होते हैं। ज़्यादातर हादसे अचानक हो जाते हैं, जैसे-
- हवा (गैस) खत्म हो जाना।
- अचानक तेज़ी से ऊपर आना (Rapid ascent)।
- साथी (Buddy) से बिछड़ जाना।
- समुद्र के भीतर अचानक स्वास्थ्य समस्या आ जाना।
इनमें से कई जोखिमों को खत्म तो नहीं किया जा सकता है, नहीं की जा सकती, गलतियाँ ऐसी हैं जिन्हें टालकर और सावधानी को बरतकर स्कूबा डाइविंग को सुरक्षित बनाया जा सकता है।
डाइविंग को सुरक्षित बनाने के लिए जरूरी सावधानियां
1. डाइविंग कोर्स और ट्रेनिंग लें
बिना सही ट्रेनिंग के कभी भी डाइविंग न करें। बेसिक कोर्स के साथ-साथ BLS (Basic Life Support), फर्स्ट एड और ऑक्सीजन से जुड़ी ट्रेनिंग भी लें। इससे आप इमरजेंसी में खुद को और दूसरों को बचा सकते हैं।
2. मेडिकल चेकअप ज़रूरी है
हर साल मेडिकल एग्ज़ामिनेशन कराना ज़रूरी है। खासकर अगर आपको कोई बीमारी रही हो, चोट लगी हो या आप कोई दवा ले रहे हों। यह सुनिश्चित करेगा कि आप डाइविंग के लिए फिट हैं।
3. हाइड्रेशन बनाए रखें
डाइव से पहले और बाद में खूब पानी पिएं। अल्कोहल और बहुत भारी व्यायाम से बचें। डिहाइड्रेशन डाइविंग के दौरान चक्कर, थकान और दुर्घटना की वजह बन सकता है।
4. उपकरण की जांच करें
मास्क, फ्लिंस, BCD (Buoyancy Control Device), रेगुलेटर, टैंक और नाइफ जैसे सभी उपकरण सही तरह से काम कर रहे हों, इसकी जांच करें। खुद का और अपने साथी का गियर ज़रूर चेक करें।
5. सही गियर हमेशा साथ रखें
BCD, डबल रेगुलेटर, प्रेशर गेज, नाइफ, डेप्थ गेज, वॉच और टेबल जैसे उपकरण अपने साथ ज़रूर रखें। भले ही आप डाइविंग कंप्यूटर का इस्तेमाल करते हों, बेसिक उपकरण का होना ज़रूरी है।
6. मौसम और समुद्र की स्थिति देखें
हमेशा अच्छे मौसम और शांत समुद्र में ही डाइव करें। सतह पर पर्याप्त सपोर्ट टीम होनी चाहिए और हमेशा बडी (Buddy) सिस्टम का पालन करें।
7. ट्रेनिंग लिमिट से बाहर न जाएं
अपने सर्टिफिकेशन और अनुभव के हिसाब से ही गहराई में जाएं। बहुत गहरे जाने पर नाइट्रोजन नार्कोसिस और ऑक्सीजन टॉक्सिसिटी का खतरा बढ़ जाता है।
8. धीरे-धीरे ऊपर आएं
तेज़ी से ऊपर आने से शरीर पर दबाव का असर होता है और डीकम्प्रेशन सिकनेस (Decompression sickness) हो सकता है। हमेशा 9-10 मीटर प्रति मिनट की रफ्तार से ऊपर आएं और सुरक्षा स्टॉप लें।
9. DCI (Decompression Illness) में सही कदम उठाएं
अगर किसी को डीकम्प्रेशन समस्या हो जाए तो तुरंत 100% ऑक्सीजन दें और DAN (Divers Alert Network) या मेडिकल इमरजेंसी से संपर्क करें।
10. फ्लाइट लेने से बचें
डाइविंग के बाद फ्लाइंग यानी उडान को नंजरअंदाज करें, अगर आपने सिर्फ एक बार डाइविंग की है तो कम से कम 12 घंटे का इंतजार ज़रूर करें।अगर आपने कई बार या गहरी डाइविंग की है तो कम से कम 24 घंटे के बाद एयर ट्रेवल करें। यानि डाइविंग के बाद तुरंत हवाई जहाज़ से सफर करना खतरनाक है, इसलिए शरीर को नॉर्मल होने का समय देना ज़रूरी है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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