Latest Updates
-
Aaj Ka Rashifal 31 May 2026: रविवार को इन 4 राशियों पर बरसेगी सूर्य देव की कृपा, धन लाभ के साथ चमकेगा भाग्य -
Light Digestive Lauki Sabzi Recipe: कम मसालों में बनाएं सेहतमंद और स्वादिष्ट सब्जी -
Param Ekadashi 2026: 10 या 11 जून, कब है परम एकादशी? नोट करें सही डेट और पारण का समय -
माचा नहीं हल्दी, केल नहीं मोरिंगा: विदेशी सुपरफूड्स से कहीं ज्यादा ताकतवर हैं भारत के ये 5 देसी खजाने -
आप भी तो नहीं खा रहे केमिकल से पके आम? ऐसे करें असली-नकली की पहचान, जानें सेहत को होने वाले नुकसान -
Silao Style Crispy Khaja Recipe: घर पर बनाएं बिहार की मशहूर परतदार मिठाई -
Electricity Price Hike: यूपी की जनता को झटका! 10% बढ़ा फ्यूल सरचार्ज, जानें कम बिल लाने के 5 अचूक उपाय -
Guru Gochar 2026: 2 जून को कर्क राशि में प्रवेश करेंगे देवगुरु बृहस्पति, ये 4 राशियां होने वाली हैं अमीर -
क्या होता है वेपर हीट ट्रीटमेट? वो टेक्नोलॉजी जिसके टेस्ट में फेल होने पर जापान ने बैन किए भारतीय आम -
Healthy Iron Rich Aloo Palak Recipe: लंच के लिए बनाएं आयरन से भरपूर स्वादिष्ट सब्जी
सर्दियों में साइनस की समस्या से छुटकारा पाने के लिए रोज करें ये 4 योगासन, चुटकियों में मिलेगा आराम
Yoga For Sinusitis: सर्दियों के मौसम का कई लोगों को बेसब्री से इंतजार रहता है। वहीं, कुछ लोगों के लिए यह मौसम कई तरह की परेशानियां भी लेकर आता है। सर्दियों के मौसम में खांसी-जुकाम, बुखार, गले में खराश और जोड़ों में दर्द जैसी समस्याएं होना आम बात है। इसके अलावा, सर्दियों में साइनस के मरीजों की परेशानी भी काफी ज्यादा बढ़ जाती है। दरअसल, साइनस श्वसन तंत्र से जुड़ी एक समस्या है, जो एलर्जी, बैक्टीरियल या अधिक ठंड के कारण हो सकती है। नाक बंद होना, सिरदर्द, बलगम, नाक से पानी गिरना और सांस लेने में तकलीफ इसके कुछ आम लक्षण हैं। यदि समय पर इसका इलाज न किया जाए, तो यह अस्थमा का भी कारण बन सकता है। अगर आप भी सर्दियों में साइनस की समस्या से परेशान रहते हैं, तो इससे राहत पाने के लिए कुछ योगासनों का अभ्यास कर सकते हैं। आज इस लेख में हम आपको कुछ ऐसे योगासन बताने जा रहे हैं, जो साइनस की समस्या से राहत दिलाने में मददगार साबित हो सकते हैं। तो आइए, जानते हैं इन योगासनों के बारे में विस्तार से -

उष्ट्रासन
इस आसन को करने के लिए जमीन पर घुटने के बल बैठ जाएं और दोनों हाथों को कूल्हों पर रखें।
अब गहरी सांस लेते हुए रीढ़ की निचली हड्डी पर आगे की तरफ दबाव डालें।
इस दौरान पूरा दबाव नाभि पर महसूस होना चाहिए।
इसके बाद अपने हाथों से पैरों को पकड़ें और कमर को पीछे की तरफ मोड़ें।।
इस स्थिति में 30-60 सेकंड रुकने के बाद आप धीरे-धीरे सामान्य स्थिति में आ सकते हैं।
इस प्रक्रिया को 3-5 बार दोहराएं।
भुजंगासन
इस आसन को करने के लिए योगा मैट पर पेट के बल लेट जाएं।
अपनी कोहनियों को कमर से सटा के रखें और हथेलियां ऊपर की ओर रखें।
अब धीरे-धीरे सांस भरते हुए, अपनी छाती को ऊपर की ओर उठाएं।
उसके बाद अपने पेट को धीरे-धीरे ऊपर उठा लें। इस स्थिति में 30 सेकंड तक रहें।
अब सांस छोड़ते हुए, सिर को धीरे-धीरे जमीन की ओर नीचे लाएं।
इस प्रक्रिया को आप 3 से 5 बार दोहराएं।
सेतुबंधासन
इस आसन को करने के लिए सबसे पहले जमीन पर पीठ के बल लेट जाएं।
अब अपने घुटनों को मोड़ें और तलवों को जमीन पर रखें।
अपने दोनों हाथों से पैरों की एड़ियों को पकड़ें।
सांस लेते हुए धीरे-धीरे अपनी बॉडी को ऊपर उठाएं।
इस मुद्रा में 1-2 मिनट तक रहें।
इसके बाद सांस छोड़ते हुए प्रारंभिक मुद्रा में आ जाएं।
इस प्रक्रिया को 3-5 बार दोहराएं।
गौमुखासन
इस आसन को करने के लिए योगा मैट पर अपने दोनों पैरों को आगे करके बैठ जाएं।
अपने दोनों हाथों को बगल में रखें।
अब अपने बाएं पैर को घुटने से मोड़ें।
इसके बाद, अपने दाएं पैर को घुटने से मोड़ें और बाएं पैर के ऊपर रख दें।
फिर अपने बाएं हाथ को कोहनी से मोड़कर पीठ पर ले जाएं और ऊपर को रखें।
इसी तरह अपने दाएं हाथ को कोहनी से मोड़कर पीछे की तरफ ले जाएं और इससे बाएं हाथ को पकड़ें।
इस स्थिति में 30 सेकंड के लिए रहें।
फिर धीरे-धीरे प्रारंभिक अवस्था में लौट आएं।
इस प्रक्रिया को 3-5 बार दोहराएं।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications