यूरिक एसिड को कम करने के लिए रोज करें ये 5 योगासन, जोड़ों के दर्द और सूजन से मिलेगी राहत

Yoga For Uric Acid: यूरिक एसिड हमारे शरीर में मौजूद एक अपशिष्ट पदार्थ होता है, जो प्यूरीन नामक केमिकल के टूटने से बनता है। आमतौर पर, किडनी इसे फिल्टर करके पेशाब के रास्ते शरीर से बाहर निकाल देती है। लेकिन जब किडनी सही ढंग से काम नहीं कर पाती है, तो यह जोड़ों के आसपास क्रिस्टल के रूप में जमा होने लगता है। इसकी वजह से जोड़ों में दर्द, सूजन और चलने-फिरने में दिक्कत जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इतना ही नहीं, शरीर में बढ़ा हुआ यूरिक एसिड गठिया, गाउट और किडनी में पथरी का कारण भी बन सकता है। इसलिए यूरिक एसिड को कंट्रोल में रखना बेहद जरूरी होता है। यूरिक एसिड को कंट्रोल करने के लिए आप कुछ योगासनों का अभ्यास कर सकते हैं। आज इस लेख में हम आपको कुछ ऐसे योगासनों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्हें करने से यूरिक एसिड कम होता है। तो आइए, जानते हैं इसके बारे में विस्तार से -

Yoga Poses For Uric Acid

भुजंगासन

इस आसन को करने के लिए सबसे पहले जमीन पर पेट के बल लेट जाएं।
अपनी कोहनियों को कमर से सटा कर रखें और हथेलियां ऊपर की ओर रखें।
अब धीरे-धीरे सांस भरते हुए, अपनी छाती को ऊपर की ओर उठाएं।
उसके बाद अपने पेट को धीरे-धीरे ऊपर उठा लें।
इस स्थिति में 30-50 सेकंड तक रहें।
अब सांस छोड़ते हुए, अपने सिर को धीरे-धीरे जमीन की ओर नीचे लाएं।
इस प्रक्रिया को 3-5 बार दोहराएं।

उत्तानासन

इस आसन को करने के लिए योग मैट पर सीधे खड़े हाे जाएं।
अपने दोनों पैराें के बीच करीब एक फीट की दूरी बनाकर रखें।
अब लंबी गहरी सांस लें और हाथाें काे सिर से ऊपर की तरफ ले जाएं।
सांस छाेड़ते हुए हाथाें काे नीचे की तरफ लाएं।
अब अपने हाथाें से पैराें के अंगूठे काे छूने की काेशिश करें।
इस दौरान आपके पैर घुटनाें से मुड़ने नहीं चाहिए।
कुछ देर इस अवस्था में रहने के बाद धीरे-धीरे सामान्य अवस्था में आ जाएं।
आप इस प्रक्रिया काे 3-5 बार दाेहरा सकते हैं।

पवनमुक्तासन

इस आसन को करने के लिए सबसे पहले पीठ के बल लेट जाएं।
अब अपने दोनों पैरों को एक साथ उठाएं और पैरों को घुटनों से मोड़ें।
अब अपने घुटनों को मुंह के पास लाने की कोशिश करें।
इस दौरान आपको अपने दोनों हाथों से पैरों को पकड़ना है।
ऐसा करते समय अपने घुटनों से नाक को छूने की कोशिश करें।
करीब 30 सेकंड तक इस स्थिति में रहें।
इसके बाद सांस छोड़ते हुए प्रारंभिक मुद्रा में आ जाएं।
10 से 15 बार इस योग को दोहराएं।

अर्ध मत्स्येन्द्रासन

इस आसन को करने के लिए योगा मैट पर बैठें और अपने बाएं पैर को दाहिने पैर के नीचे रखें।
दाहिने पैर को बाएं घुटने के पार रखें।
बाएं हाथ को दाहिने घुटने पर रखें और दाहिने हाथ को पीछे की ओर रखें।
अब शरीर को दाहिनी ओर मोड़ें और इस स्थिति में कुछ सेकंड तक रहें।
धीरे-धीरे वापस आएं और दूसरी ओर से भी इस प्रक्रिया को दोहराएं।
इस प्रक्रिया को आप 3 से 5 बार दोहराएं।

सेतुबंधासन

इस आसन को करने के लिए सबसे पहले जमीन पर पीठ के बल लेट जाएं।
अब अपने घुटनों को मोड़ें और तलवों को जमीन पर रखें।
अपने दोनों हाथों से पैरों की एड़ियों को पकड़ें।
सांस लेते हुए धीरे-धीरे अपनी बॉडी को ऊपर उठाएं।
इस मुद्रा में 1-2 मिनट तक रहें।
इसके बाद सांस छोड़ते हुए प्रारंभिक मुद्रा में आ जाएं।
इस प्रक्रिया को 3-5 बार दोहराएं।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

Story first published: Friday, July 3, 2026, 19:10 [IST]
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