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अपने किचन गार्डन को कैसे करें मेंटेन
हाल के दिनों में किचन गार्डनिंग का प्रचलन तेजी से बढ़ा है। ज्यादातर हाउस वाइफ समय का सदुपयोग करने के लिए घर पर गार्डनिंग करने लगी हैं। किचन गार्डनिंग के अंतर्गत कई सारे फलों, सब्जियों और मसालों को घर के पिछले हिस्से में उगाया जाता है। आप नाम पर बिल्कुल भी न जाएं। किचन गार्डन का यह मतलब बिल्कुल भी नहीं कि गार्डन किचन में होगा। यह घर के पिछले हिस्से में या फिर किचन के ठीक बगल वाली दीवार पर भी हो सकता है।
अच्छे परिणाम के लिए किचन गार्डन की कुछ बारीकियों को जनना बेहद जरूरी है। आप इस तरह के गार्डन में टमाटर, मिर्च, प्याज, इमली, तुलसी, करी का पत्ता और नींबू सहित और भी कई चीजें उगा सकते हैं। ऐसे पौधों की एक लंबी फेहरिस्त है, जिसे आप वेजटेबल गार्डनिंग में उगा सकते हैं। यह जलवायु, मिट्टी और आपकी मेहनत पर निर्भर करता है कि आप क्या उगाना चाहते हैं।
आइए हम आपको किचन गार्डनिंग से संबंधित कुछ ऐसे टिप्स देते हैं, जो आपके लिए काफी फायदेमंद साबित होगें। साथ ही यह गार्डन को तैयार करने और सही सब्जी व फलों का चुनाव करने में भी मददगार साबित होगें।

1. सूरज की रोशनी वाला हिस्सा: अपने घर के पिछले हिस्से में ऐसी जगह का चुनाव करें जहां पर्याप्त मात्रा में सूरज की रोशनी पहुंचती हो। क्योंकि सूरज की रोशनी से ही पौधे का विकास संभव है। पौधों को रोज 5—6 घंटे सूरज की रोशनी मिलना बहुत जरूरी होता है। इसलिए अपना गार्डन छांव वाले जगह पर न बनाएं।
2.पानी की मात्रा: यह सुनिश्चित कर लें कि आपने गार्डनिंग के लिए जिस मिट्टी का चयन किया है, उसमें पानी की पर्याप्त मात्रा है। साथ ही नियमित रूप से पानी निकासी की भी व्यवस्था है। बहुत ज्यादा या बहुत कम पानी पौधों के लिए नुकसानदायक होता है।
3. मिट्टी को तैयार करें: जिस मिट्टी पर आप सब्जियां उगाने के बारे में सोच रहे हैं, उसे अच्छे से तैयार कर लें। मिट्टी में अगर पत्थर हो तो उसे हटा लें। साथ ही मिट्टी में कम्पोस्ट भी मिलाएं।
4. पौधों का चुनाव: ऐसे फलों और सब्जियों का चुनाव करें जिसे आप सबसे पहले उगाना चाहते हैं। पौधे का चुनाव करते समय मिट्टी, जलवायु और उनके प्रतिदिन की जरूरतों का ध्यान जरूर रखें।
5. डिजाइन: अपने गार्डन की एक अच्छी डिजाइन और लेआउट तैयार करें। आपको इस बात की जानकारी होनी चाहिए कि आपको कौन सा पौधा लगाना है और कहां लगाना है। इससे आपका गार्डन व्यवस्थित दिखेगा। साथ ही इससे गार्डन का रखरखाव भी आसान हो जाएगा।
6. पालन—पोषण: आपके पौधों को शुरुआती दौर में बहुत अधिक पालन—पोषण की जरूरत पड़ेगी। हर पौधे की जरूरत अगल—अलग होती है। आपको पौधे के अनुसार ही उन्हें पोषक तत्व देना चाहिए।
7. पानी देना: पौधों को नियमित पानी देना बेहद जरूरी है। आप एक दिन पानी के बिना गुजारने के बारे में सोचिए। यही बात पौधों पर भी लागू होती है। खासकर पौधा जब छोटा होता है तो उसे पानी की निहायत जरूरत होती है, क्योंकि उनकी जड़ें इतनी गहरी नहीं होती है कि मिट्टी से पानी सोख सके।



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