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कानपुर में मालकिन को नोच नोचकर जर्मन शेफर्ड ने मार डाला, डॉग को घर लाने से पहले जरूर जान लें ये बातें
कानपुर के विकास नगर में होली के दिन दर्दनाक हादसा हुआ। 90 वर्षीय मोहनी देवी पर उनके पालतू जर्मन शेफर्ड "रॉबर्ट" ने हमला कर दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। बताया जा रहा है कि मोहनी देवी ने कुत्ते को सिर पर छड़ी से मारा, जिससे वह आक्रामक हो गया और उन पर हमला कर दिया। घटना के समय उनकी बहू और पोता घर पर थे, लेकिन चोटिल होने के कारण बचाने में असमर्थ रहे। बाद में नगर निगम की टीम कुत्ते को अपने साथ ले गई।
कुत्ते (डॉग) को घर लाने का फैसला जितना रोमांचक होता है, उतना ही जिम्मेदारी भरा भी होता है। पालतू कुत्ते न केवल परिवार के सदस्य बन जाते हैं, बल्कि उनकी देखभाल करना भी जरूरी होता है। अगर आप पहली बार डॉग पालने की सोच रहे हैं, तो कुछ जरूरी बातें जान लेना बेहद जरूरी है।

1. कुत्ते की नस्ल (Breed) का सही चुनाव करें
हर नस्ल के कुत्ते का स्वभाव, ऊर्जा स्तर और देखभाल की जरूरतें अलग-अलग होती हैं। जैसे:
गोल्डन रिट्रीवर, लैब्राडोर - मिलनसार और बच्चों के अनुकूल होते हैं।
जर्मन शेफर्ड, डोबर्मैन - अधिक सक्रिय और सुरक्षा के लिए अच्छे होते हैं।
पग, शिह त्ज़ू, बीगल - छोटे घरों और अपार्टमेंट में रखने के लिए उपयुक्त हैं।
कुत्ते की नस्ल का चयन अपनी जीवनशैली, घर के आकार और अनुभव के अनुसार करें।
2. समय और देखभाल के लिए तैयार रहें
डॉग पालना सिर्फ उनके खाने और खेलने तक सीमित नहीं होता। उनकी देखभाल के लिए पर्याप्त समय देना जरूरी है।
- उन्हें रोज़ाना टहलाना (वॉक) जरूरी होता है।
- उनके स्वास्थ्य और ग्रूमिंग पर ध्यान देना पड़ता है।
- उन्हें प्यार और ट्रेनिंग देने के लिए धैर्य की जरूरत होती है।
3. कुत्ते के लिए जरूरी सामान खरीदें
डॉग को घर लाने से पहले उसके लिए कुछ जरूरी सामान का इंतजाम कर लें, जैसे:
- डॉग फूड और बाउल (खाने और पानी के लिए)
- डॉग बेड (आराम करने के लिए)
- कॉलर और लीश (टहलाने और कंट्रोल करने के लिए)
- टॉयज (खेलने और दांतों को स्वस्थ रखने के लिए)
- शैम्पू और ब्रश (नियमित ग्रूमिंग के लिए)
4. स्वास्थ्य और टीकाकरण (Vaccination) पर दें ध्यान
- कुत्ते के स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए समय पर टीकाकरण और पशु चिकित्सक (Vet) की जांच कराना बहुत जरूरी है।
- रेबीज, डिस्टेंपर, परवो वायरस जैसी बीमारियों से बचाने के लिए वैक्सीन लगवाएं।
- पालतू कुत्ते को समय-समय पर डीवॉर्मिंग कराना चाहिए।
- नियमित हेल्थ चेकअप करवाएं।
5. घर का वातावरण अनुकूल बनाएं
- घर के ऐसे स्थान को चुनें, जहां कुत्ता आराम से सो सके।
- घर में जहरीले पौधे, केमिकल या अन्य नुकसानदायक चीजें न रखें।
- डॉग को ऐसी जगह रखें, जहां वह परिवार से जुड़ा महसूस करे।
6. डॉग ट्रेनिंग और व्यवहार
- डॉग को सही आदतें सिखाना जरूरी है, जैसे टॉयलेट ट्रेनिंग, बैठने और रुकने का इशारा समझना।
- पॉजिटिव रिवॉर्ड सिस्टम का इस्तेमाल करें ताकि डॉग जल्दी सीखे।
- धैर्य और प्यार के साथ डॉग को ट्रेनिंग दें।
7. खानपान और पोषण का रखें ध्यान
- छोटे कुत्तों के लिए पपी फूड, बड़े कुत्तों के लिए एडल्ट डॉग फूड दें।
- चॉकलेट, अंगूर, प्याज, लहसुन जैसी चीजें न खिलाएं, ये जहरीली हो सकती हैं।
- कुत्ते को पर्याप्त पानी पिलाएं ताकि वह हाइड्रेटेड रहे।
8. कुत्ते की शारीरिक और मानसिक एक्सरसाइज
- डॉग को रोज़ाना टहलाएं और खेलाएं ताकि वह फिट और खुशहाल रहे।
- मानसिक विकास के लिए इंटरएक्टिव टॉयज और खेल अपनाएं।
9. डॉग की ग्रूमिंग और साफ-सफाई
- समय-समय पर नहलाएं और ब्रश करें ताकि बाल न उलझें।
- कान, दांत और नाखूनों की सफाई का ध्यान रखें।
- नियमित ग्रूमिंग से डॉग की सेहत और स्वच्छता बनी रहती है।
10. कुत्ते के प्रति जिम्मेदारी को समझें
- डॉग को घर लाने से पहले यह समझें कि यह एक दीर्घकालिक जिम्मेदारी है।
- उसे प्यार और देखभाल दें, न कि सिर्फ एक फैशन या स्टेटस सिंबल समझें।
- यदि आप यात्रा करते हैं, तो पहले यह सुनिश्चित करें कि डॉग की देखभाल कौन करेगा।



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