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मानसून में बागवानी करने के लिए कहीं खरीद तो नहीं लाए नकली खाद, ऐसे करें पहचान
How to Identify Fake or Real Fertilizers : मानसून का मौसम बागवानी के लिए सबसे अनुकूल समय होता है। इस दौरान कई लोग अपने गार्डन को हरा-भरा बनाने के लिए तरह-तरह के पौधे लगाते हैं। बारिश की नमी और ठंडक पौधों की ग्रोथ के लिए लाभकारी होती है, इसलिए यह समय घर में हरियाली बढ़ाने का उत्तम मौका होता है। हालांकि, पौधों की अच्छी वृद्धि के लिए सिर्फ पानी ही नहीं, बल्कि सही उर्वरक का चुनाव भी उतना ही जरूरी होता है। बाजार में नकली उर्वरकों की मौजूदगी के कारण असली खाद की पहचान करना बेहद ज़रूरी हो गया है।
डीएपी (डाय-अमोनियम फॉस्फेट), यूरिया, पोटाश और सिंगल सुपर फॉस्फेट (SSP) जैसे उर्वरक अक्सर गार्डनिंग में इस्तेमाल होते हैं, लेकिन इनकी पहचान न हो तो पौधों को नुकसान हो सकता है।
इस आर्टिकल में हम जानेंगे कि बागवानी करने वाले लोग कैसे असली खाद की पहचान करें और मानसून में अपने गार्डन को सुरक्षित और हरा-भरा बनाए रखें।

1. डीएपी (डाय-अमोनियम फॉस्फेट) की पहचान कैसे करें?
डीएपी एक संतुलित उर्वरक है जिसमें नाइट्रोजन (N) और फॉस्फोरस (P) की मात्रा होती है। असली डीएपी की पहचान इस प्रकार करें:
दाने का रंग: डीएपी के दाने काले, गहरे भूरे या थोड़े चमकदार होते हैं।
घुलनशीलता: डीएपी आंशिक रूप से पानी में घुलता है। अगर पूरी तरह घुल जाए या रंग छोड़ने लगे, तो वह नकली हो सकता है।
गंध: इसमें तेज़ अमोनिया जैसी हल्की गंध हो सकती है।
दाने का आकार: एक जैसे आकार और कठोरता वाले दाने असली डीएपी की पहचान होते हैं।
बागवानी में इस्तेमाल: डीएपी विशेष रूप से बागवानी में फूलों और फलदार पौधों के लिए फायदेमंद होता है क्योंकि यह पौधों की जड़ों को मजबूत करता है और फूलों की संख्या बढ़ाता है।
2. यूरिया की पहचान कैसे करें?
यूरिया सबसे अधिक इस्तेमाल होने वाला नाइट्रोजन उर्वरक है। असली यूरिया की विशेषताएं:
रंग और बनावट: सफेद, चमकदार और क्रिस्टल जैसे दाने।
घुलनशीलता: पानी में तुरंत घुल जाता है। यदि यूरिया के दाने जल्दी नहीं घुलते या कोई गंध छोड़ते हैं, तो वह नकली हो सकता है।
स्पर्श पर अनुभव: दाने नरम और फिसलन भरे नहीं होने चाहिए।
बागवानी टिप: यूरिया का सीमित प्रयोग करना चाहिए क्योंकि अधिक उपयोग से पत्तियां तो हरी होंगी, लेकिन फूल और फल कम लग सकते हैं।

पोटाश की पहचान कैसे करें?
पोटाश पौधों में कोशिका निर्माण और जल संतुलन के लिए आवश्यक होता है। असली पोटाश की पहचान:
रंग: सफेद कणों में कुछ लाल या गुलाबी मिश्रण।
बनावट: पिसे हुए नमक या लाल मिर्च जैसे कण।
नमी पर प्रतिक्रिया: नमी मिलने पर कण आपस में नहीं चिपकते।
गार्डनिंग के लिए फायदेमंद: टमाटर, आलू, केला जैसे पौधों को पोटाश देने से फल बड़े और स्वादिष्ट होते हैं।
सिंगल सुपर फॉस्फेट (SSP) की पहचान कैसे करें?
SSP फॉस्फोरस का एक अच्छा स्रोत है जो पौधों की जड़ों और शुरुआती वृद्धि को बढ़ाता है। असली SSP की पहचान:
रंग: भूरा, बदामी या काला।
दाने: कठोर और आकार में थोड़े असमान हो सकते हैं।
घुलनशीलता: यह पूरी तरह पानी में नहीं घुलता।
बागवानी के लिए लाभकारी: SSP का उपयोग बगीचे में मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने के लिए किया जा सकता है, खासकर फूलों और जड़वाले पौधों में।
उर्वरक की पैकिंग और ब्रांड की जांच करें
- ISI मार्क और FCO (Fertiliser Control Order) प्रमाणन जरूर जांचें।
- अधिकृत डीलर से ही खरीदें और बिल अवश्य लें।
- उर्वरक के बोरे पर NPK मानक संख्या जैसे 18-46-0 (डीएपी के लिए) देखना न भूलें।
- ऑनलाइन खाद खरीदने से बचें।



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