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झमाझम बारिश में घर को रखना है वाटरप्रूफ तुरंत ये काम कर लें, छत टपकने से लेकर सीलन से मिलेगी राहत
Monsoon Tips for Home : बारिश का मौसम खुशियों की बौछार लेकर आता है। लेकिन, बरसात के स्वागत की तैयारी भी जरूरी है, नहीं तो कई परेशानियां भी खड़ी हो सकती हैं।
छत पर जमा बरसाती पानी, दीवारों में सीलन और दरारें मुसीबत का कारण बन सकती हैं। इसलिए बरसात में घर को वाटरप्रूफ बनाना जरूरी है। वैसे तो घर के निर्माण के समय ही रेन प्रूफिंग के बारे में ध्यान रखना चाहिए।
लेकिन साल बीतने के साथ ही 2-3 बारिश की मार झेल चुके घरों को मैंटनेस की जरुरत पड़ती है।

बारिश के दिनों में घर में सीलन और छत टपकना कॉमन प्रॉब्लम है। सीलन के कारण दीवारों पर कई तरह के बैक्टीरिया पनपने लगते हैं। इनसे न केवल घर में बदबू हो जाती है बल्कि ये घर में रहने वाले लोगों को बीमार भी बना देते हैं। इसके अलावा मकान की मजबूती के लिए बने बीम में लगे सरियों पर भी सीलन के कारण जंग लगना शुरू हो जाता है जिससे बीम के साथ घर भी कमजोर होने लगता है। अगर घर में सीलन आ गई है तो उसे दूर जरूर करें।
छत पर क्रैक करें ठीक
दीवार से लेकर छत के कोने-कोने तक चेक करें कि कहीं कोई क्रैक तो नहीं है। अगर छत में किसी तरह की दरार है, तो इसे सीमेंट या वॉटरप्रूफ कंपाउंड से भर दें। इसके अलावा बरसात में छत न टपके इसके लिए मार्केट में व्हाइट शीट से लेकर कोलतार शीट, फिक्सिट और चाइनीज मोजेक जैसे तमाम विकल्प मौजूद हैं। ध्यान रहें कि अगर कहीं से कोई दीवार टूटी है या ईंट निकली है तो उसे ठीक करा लें।
ड्रेनेज सिस्टम से चैक कर लें
घर के ड्रेनेज सिस्टम को चैक कर लें। बारिश आने से पहले चैक कर लें कि कहीं कोई पाइप लाइन या ड्रेनेज ब्लॉक तो नहीं। पानी इक्ट्ठा होने की वजह से भी अक्सर दीवारों पर सीलन आ जाती है। रेन गटर हमेशा घर की विपरीत दिशा में होना चाहिए, ताकि पानी का बहाव सही हो। यह भी सुनिश्चित कर लें कि ड्रेनेज से निकलने वाला पानी किसी भी जगह या वजह से घर के अंदर न आता हो।
खिड़कियां-दरवाजे भी चैक कर लें
घर में खिड़की और दरवाजों के जॉइंट चेक करें। अगर घर में स्प्लिट एसी लगा है और उसका आउटर छत या दीवार पर लगा है तो दीवार में से जहां से पाइप आ रही है, उस जगह को चेक करें। अगर वह खुली है तो उसे सील कर दें और वॉटरप्रूफिंग कर दें।
छोटी मगर काम की बात
दीमक हटाएं :
घर में अगर दीमक की समस्या है, तो तुरंत खत्म करें, क्योंकि बारिश में नमी की वजह से ये दिक्कत बढ़ सकती है। अगर घर में वुडन फ्लोरिंग है, तो आपको मानसून में ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है।
फुटवियर:
बारिश में फिसल कर गिरने का खतरा रहता है, इसलिए रेनी फुटवियर पहनना बेहतर होगा।
शू-रैक:
मानसून में शू- रैक मेन डोर के दरवाजे के बाहर ही रखें। इससे गंदगी और नमी दोनों घर के अंदर नहीं आएगी।
डोरमैट:
दरवाजे पर डोरमैट जरूर रखें, इस मौसम में रबर का मैट बेहतर ऑप्शन है।
रेन प्रोटेक्शन:
अलमारी या दीवान में रखें पिछले साल का छाता, रेनकोट, रबर शूज और रेन जैकेट जैसी चीजें निकालकर उन्हें चेक कर लें।
स्कूल बैग:
बच्चों के बैग में हमेशा एक बड़ा पॉलीथिन रखें, ताकि जरूरत पड़ने पर वे उसे इस्तेमाल कर सकें।



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