डॉगी को स्‍वेटर पहनाना क्‍यों है जरुरी?

सर्दियों का मौसम आ गया है तो जाहिर सी बात है कि आपने अपने लिये स्‍वेटर और जैकिट का इंतजाम भी कर लिया होगा। पर क्‍या आपने अपने पालतू जानवर, कुत्‍ते को सर्दी से बचाने का इंतजाम किया है? कई लोग सोचते हैं कि कुत्‍तों को भला स्‍वेटर की क्‍या आवश्‍यकता। लेकिन दोस्‍तों जिस तरह से आपको ठंडी और गर्मी लगती है ठीक उसी तरह से कुत्‍तों को भी इन सब चीजों का एहसास होता है।

कई कुत्‍ते सर्दी और गर्मी को आराम से झेल लेते हैं पर हर कुत्‍तों की नसल ऐसी नहीं होती। कुछ कुत्‍ते तो ज्‍यादा सर्दी से मर तक भी जाते हैं। आपने यह भी देखा होगा कि वे जो कुत्‍ते पहाड़ पर रहते हैं उनके बदन के फर बहुत मोटे होते हैं, जो कि उन्‍हें ठंड से बचाने में मदद करते हैं।

एक बात और भी ध्‍यान देने वाली है, वह यह कि यदि आपका कुत्‍ता बहुत छोटा है और आप उसे तभी से ही स्‍वेटर पहनाने लग गए हैं तो आपको उसे बडे़ होकर भी स्‍वेटर पहनाना पडे़गा क्‍योंकि इससे उन्‍हें स्‍वेटर पहनने की आदत पड़ चुकी होगी। इसके अलावा जो बूढे कुत्‍ते हैं, उन्‍हें भी प्रोटेक्‍शन की आवश्‍यकता होती है।

नवजात कुत्‍ते

नवजात कुत्‍ते

पपी नवजात शिशुओं की तरह होते हैं। उन्‍हें सर्दियों में विशेष रूप से गर्मी की आवश्‍यकता होती है।

गर्म मौसम वाले कुत्‍ते

गर्म मौसम वाले कुत्‍ते

सभी कुत्‍ते सर्द मौसम के लिये उपयुक्‍त नहीं होते। उदाहरण के तौर पर चिहुआहुआ एक ऐसा कुत्‍ता है जिसे गर्मी पसंद है।

प्‍यार से पलने वाले कुत्‍ते

प्‍यार से पलने वाले कुत्‍ते

कुछ कुत्‍ते बडे़ ही नाजुक होते हैं और सर्दी झेल नहीं पाते। इसी तरह का एक कुत्‍ता पेरिस हिल्‍टन के पास भी है जो कि सर्द नहीं झेल सकता है।

कम फर वाले कुत्‍ते

कम फर वाले कुत्‍ते

हर कुत्‍ते मोटे फर वाले नहीं होते इसलिये जिन कुत्‍तों के हल्‍के फर होते हैं, उन्‍हें ठंड ज्‍यादा लगती है।

बर्फीले इलाके में रहने वाले कुत्‍ते

बर्फीले इलाके में रहने वाले कुत्‍ते

कुत्‍ते जो बर्फीले इलाके में रहते हैं उन्‍हें ठंड लगते ही पेशाब लगना शुरु हो जाती है, जिसकी वजह से उन्‍हें बार-बार बाहर जाना पड़ता है। उन्‍हें ठंउ से बचाने के लिये स्‍वेटर जरुर पहनाएं।

Story first published: Monday, November 26, 2012, 14:55 [IST]
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