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Adhik Maas Amavasya 2023: अधिकमास की अमावस्या है पूर्वजों को प्रसन्न करने का विशेष अवसर, जरुर करें ये उपाय
Adhik Maas Amavasya 2023: हिन्दू धर्म में पूर्वज या पितृ का महत्व देवी देवताओं से कम नहीं है। अगर पूर्वज प्रसन्न हो तो फिर सुख समृद्धि में कमी नहीं आती है।
वहीं अगर पूर्वज किसी कारण दुखी या अप्रसन्न हैं तो फिर संतान के जीवन में कष्ट ही कष्ट होता है, मेहनत का सही फल नहीं मिलता, विघ्न बाधा आते रहते हैं। इसलिए पितरों को प्रसन्न रखना बहुत अवश्यक है।

पितरों को प्रसन्न करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है अधिकमास की अमावस्या। ऐसी मान्यता है कि इस दिन पूर्वज धरती पर आते हैं और अपने संतान का हाल चाल जानते हैं। ऐसे में ये एक मौका होता है जब हम अपने पूर्वजों को प्रसन्न कर सकें। आइये आपको बताते हैं कि श्रावण की अमावस्या को पूर्वजों को प्रसन्न करने के लिए क्या करना चाहिए।
पूर्वजों या पितरों को प्रसन्न करने के लिए उनका तर्पण करना अवश्यक है। अधिकमास या पुरुषोत्तम मास में किया गए तर्पण या श्राद्ध से पूर्वज तृप्त हो जाते हैं और प्रसन्न हो जाते हैं। पूर्वज प्रसन्न हुए मतलब समझ लीजिये कि परिवार में सुख समृद्धि की कमी नहीं होगी। सबसे पहले आपको बता देते हैं कि अधिकमास की अमावस्या कब है और पूजा का मुहूर्त क्या है।
2023 में श्रावण के अधिकमास में अमावस्या 16 अगस्त को है। इस अमावस्या के बाद कृष्ण पक्ष समाप्त होगा और शुक्ल पक्ष शुरू हो जायेगा। हिन्दू पंचांग के अनुसार 15 अगस्त को आधी रात बाद 12 बजकर 42 मिनट पर अमावस्या प्रारंभ होगा और अगले दिन यानी 16 अगस्त को दोपहर 3 बजकर 7 मिनट तक रहेगा।
इस दौरान स्नान दान करने का समय है सुबह 4 बजकर 20 मिनट से 5 बजकर 2 मिनट तक। पंचांग के अनुसार अधिकमास अमावस्या तिथि की शुरुआत 15 अगस्त 2023 को प्रात: 12 बजकर 42 मिनट पर होगी और अगले दिन 16 अगस्त 2023 को दोपहर 03 बजकर 07 मिनट पर इसका समापन होगा।
अधिकमास में किये गए धार्मिक कार्य का वैसे भी कई गुना ज्यादा फल मिलता है इसलिए अमावस्या के दिन किये गए तर्पण और श्राद्ध से पूर्वजो को तृप्ति मिलती है और वे प्रसन्न होते हैं। अधिकमास श्री हरी भगवान् विष्णु को बहुत प्रिय है इसलिए इस दिन नदियों में स्नान कर दान करने से भक्त को विष्णु लोक में स्थान मिलता है। इस दिन पीपल की पूजा करने से भी पूर्वज बहुत प्रसन्न होते हैं। एक बात का विशेष ध्यान दें कि इस दिन कोई गरीब भोजान मांगे तो मना ना करें।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



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