Latest Updates
-
Restaurant Style Kadai Sabzi Recipe: घर पर बनाएं होटल जैसी चटपटी और मसालेदार सब्जी -
Blue Moon 2026: 31 मई को आसमान में दिखेगा दुर्लभ 'ब्लू मून'; जानिए इसकी खासियत, कहां और कैसे देखें -
Hindi Journalism Day: 30 मई को ही क्यों मनाया जाता है हिंदी पत्रकारिता दिवस? जानें इस दिन का इतिहास और महत्व -
Kumaoni Sweet Bal Mithai Recipe: घर पर बनाएं उत्तराखंड की पारंपरिक और स्वादिष्ट मिठाई -
महिलाओं के लिए वरदान से कम नहीं है हलीम के बीज, अनियमित पीरियड्स समेत इन 5 समस्याओं को कर सकते हैं दूर -
गर्मियों में पसीने से होने वाली 5 कॉमन स्किन प्रॉब्लम्स, एक्सपर्ट से जानें इन समस्याओं से बचने के घरेलू उपाय -
World Digestive Health Day: क्यों मनाया जाता है विश्व पाचन स्वास्थ्य दिवस? जानें इस दिन का महत्व और इतिहास -
Grandma Style Aloo Baingan Recipe: दादी के हाथों जैसा चटपटा और लाजवाब स्वाद -
क्या ज्यादा तनाव लेने से ब्रेन स्ट्रोक हो सकता है? AIIMS न्यूरोसर्जन ने बताई सच्चाई -
June 2026 Vrat Tyohar: निर्जला एकादशी से लेकर वट पूर्णिमा तक, जून के महीने में आएंगे ये प्रमुख व्रत-त्योहार
Alvida Jummah 2025: कब है रमजान का अलविदा जुमा? जानें क्यों खास होता है रमजान का आखिरी जुमा
Alvida Jummah 2025 Date : रमजान का पाक महीना अपने अंतिम चरण में है, और इस साल ईद 31 मार्च 2025 को मनाई जाएगी। हालांकि, चांद के नजर आने के आधार पर तारीख में बदलाव संभव है। रमजान के आखिरी जुमे को अलविदा जुमा, जुमातुल विदा, जुमा-उल-विदा कहा जाता है और इस दिन का खास महत्व होता है। इस बार अलविदा जुमा 28 मार्च 2025, शुक्रवार को पड़ेगा।

अलविदा जुमा का महत्व
शुक्रवार यानी जुमे का दिन इस्लाम में बेहद पवित्र माना जाता है। रमजान के महीने में इसका महत्व और बढ़ जाता है, खासकर रमजान के आखिरी जुमे को बेहद पाक और फजीलत वाला माना जाता है। इस दिन मस्जिदों में बड़ी संख्या में लोग नमाज अदा करने के लिए इकट्ठा होते हैं और अल्लाह से अमन, चैन और बरकत की दुआ मांगते हैं।
इस दिन का ऐतिहासिक महत्व पैगंबर मोहम्मद (Prophet Muhammad) से जुड़ा है। इस्लामी मान्यताओं के अनुसार, पैगंबर मोहम्मद हर शुक्रवार को खास बातें बताते थे और इस दिन को अन्य दिनों की तुलना में अधिक पाक और महत्वपूर्ण बताया गया था। अलविदा जुमा के दौरान खुत्बे में इमाम रमजान की फजीलत, अल्लाह की रहमत और इंसान की जिम्मेदारियों के बारे में बताते हैं।
इस दिन को रमजान के विदाई संकेत के रूप में भी देखा जाता है। पूरे रमजान रोजा, इबादत और नेक काम करने के बाद, अलविदा जुमा लोगों को यह अहसास दिलाता है कि अब रमजान खत्म होने वाला है। इसलिए इस दिन एक तरफ खुशी होती है तो दूसरी तरफ एक अलग तरह की उदासी भी रहती है।
अलविदा जुमा के बाद ईद-उल-फितर
अलविदा जुमा के बाद ईद-उल-फितर का पर्व मनाया जाता है, जिसे मीठी ईद भी कहा जाता है। यह इस्लामिक कैलेंडर के 10वें महीने शव्वाल की पहली तारीख को मनाई जाती है। ईद की सही तारीख चांद देखने के बाद तय की जाती है, और इस दिन रोजे खत्म होने की खुशी में खास नमाज अदा की जाती है।
ईद-उल-फितर का पर्व भाईचारे, प्रेम और खुशी का संदेश देता है, जिसमें लोग एक-दूसरे से गले मिलते हैं, सेवइयां और मीठे पकवान बनाते हैं और जरूरतमंदों को दान देते हैं।



Click it and Unblock the Notifications