Latest Updates
-
दीपिका पादुकोण और रणवीर सिंह दूसरी बार बने माता-पिता, एक्ट्रेस ने राधा अष्टमी पर दिया बेटी को जन्म -
Oscars 2027: सिर्फ 90 लाख कमाने वाली ‘गोंधल’ ने 33 फिल्मों को पछाड़ा, बनी भारत की ऑफिशियल एंट्री -
Mahalaxmi Vrat Katha: महालक्ष्मी व्रत में जरूर पढ़ें ये कथा, मां लक्ष्मी पूरी करेंगी हर मनोकामना -
Mahalaxmi Vrat 2026: महालक्ष्मी व्रत आज से शुरू, जानें पूजा विधि, नियम और महत्व -
Radha Ashtami Vrat Katha: राधा अष्टमी पर पढ़ें यह व्रत कथा, किशोरी जी के साथ श्री कृष्ण का मिलेगा आशीर्वाद -
Radha Ashtami Wishes in Sanskrit: इन संस्कृत श्लोकों और संदेशों से अपनों को दें राधा अष्टमी की शुभकामनाएं -
Radha Ashtami 2026 Wishes: राधा रानी की कृपा...इन संदेशों के जरिए अपनों को दें राधा अष्टमी की शुभकामनाएं -
खाना खाने के बाद 10 मिनट वॉक करना क्यों है जरूरी? जानें इसके 5 जबरदस्त फायदे -
राधा अष्टमी का व्रत क्या दोपहर तक रखा जाता है? जानें राधा अष्टमी व्रत नियम, विधि और पारण का समय -
डायबिटीज में भी खा सकते हैं चावल, बस डॉक्टर की बताई इन 4 बातों का रखें ध्यान, नहीं बढ़ेगा ब्लड शुगर
Amarnath Yatra 2026: अमरनाथ गुफा में हमेशा कबूतरों का जोड़ा क्यों बैठा रहता है? जानिए इससे जुड़ा रहस्य
Amarnath Yatra 2026: अमरनाथ धाम हिंदुओं के सबसे पवित्र तीर्थ स्थलों में से एक माना जाता है। हर साल लाखों श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए यहां पहुंचते हैं। इस साल अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त तक चलेगी। हिमालय की ऊंची पहाड़ियों के बीच स्थित अमरनाथ गुफा में प्राकृतिक रूप से बनने वाला बर्फ का शिवलिंग श्रद्धालुओं की आस्था का मुख्य केंद्र है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी गुफा में भगवान शिव ने माता पार्वती को अमरत्व का रहस्य बताया था। यही कारण है कि अमरनाथ गुफा से कई पौराणिक कथाएं और मान्यताएं जुड़ी हुई हैं। इनमें गुफा में दिखाई देने वाले कबूतरों के जोड़े की कथा भी काफी प्रसिद्ध है। कई श्रद्धालुओं का दावा है कि उन्हें गुफा के आसपास कबूतरों का यह जोड़ा दिखाई देता है, जिसे बेहद शुभ माना जाता है। आखिर इस मान्यता के पीछे क्या कहानी है, आइए जानते हैं -

अमरनाथ गुफा में क्यों बैठा रहता है कबूतर का जोड़ा?
पौराणिक कथाओं के अनुसार, अमरनाथ गुफा में भगवान शिव ने माता पार्वती को अमरत्व और मोक्ष का रहस्य बताया था। कहा जाता है कि उस समय गुफा में एक कबूतर का जोड़ा भी मौजूद था, जिसने यह पूरी कथा सुन ली। मान्यता है कि इस दिव्य ज्ञान को सुनने के कारण वह जोड़ा अमर हो गया। सबसे आश्चर्य की बात है कि अमरनाथ गुफा में या उसके आसपास ऑक्सीजन की कमी है और खाने-पीने के साधन भी नहीं है। बावजूद इसके यह कबूतर वहां रहते हैं। यही वजह है कि आज भी अमरनाथ गुफा में दिखाई देने वाले कबूतरों को श्रद्धालु विशेष आस्था से देखते हैं। माना जाता है कि बाबा बर्फानी के दर्शन के साथ इन कबूतरों के दर्शन होना भी शुभ माना जाता है।
शुकदेव मुनि से जुड़ी कथा
एक अन्य कथा के अनुसार, जब भगवान शिव माता पार्वती को अमरत्व का ज्ञान दे रहे थे, तब गुफा में एक शुक यानी तोता भी मौजूद था। माता पार्वती को कथा सुनते-सुनते नींद आ गई, लेकिन तोता पूरी बात ध्यान से सुनता रहा। जब भगवान शिव को इसका पता चला तो वह उससे नाराज हो गए। अपनी जान बचाने के लिए तोता वहां से उड़ गया और महर्षि व्यास के आश्रम पहुंच गया। वहां वह सूक्ष्म रूप धारण कर व्यासजी की पत्नी के मुख में घुस गया और 12 वर्ष तक उनके गर्भ में रहा। एक बार भगवान कृष्ण ने स्वयं आकर शुक को आश्वासन दिया कि बाहर आने पर तुम्हारे ऊपर माया को कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। मान्यता है कि बाद में वही शुक महर्षि व्यास के पुत्र शुकदेव मुनि के रूप में प्रसिद्ध हुआ। धार्मिक ग्रंथों में शुकदेव मुनि को महान ज्ञानी और तपस्वी माना जाता है।



Click it and Unblock the Notifications
