Latest Updates
-
बार-बार होने वाला सिरदर्द कहीं ब्रेन ट्यूमर तो नहीं? डॉक्टर ने बताए 5 वार्निंग संकेत जिन्हें पहचानना है जरूरी -
Ahoi Ashtami 2026: 1 या 2 नवंबर, अहोई अष्टमी कब है? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
Karwa Chauth Wishes For Saasu Maa: आपके आशीर्वाद से...करवा चौथ पर सासू मां को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
Happy Karwa Chauth Wishes For Husband: चांद से भी प्यारा...करवाचौथ पर जीवनसाथी को भेजें ये प्यार भरे संदेश -
Karwa Chauth Wishes For Wife: चांद की चांदनी...करवा चौथ के मौके पर पत्नी को भेजें ये प्यार भरे मैसेज और शायरी -
Happy Karwa Chauth 2026 Wishes: चांद से मांगी हैं आपके लिए खुशियां…इन संदेशों से दें करवा चौथ की शुभकामनाएं -
Karwa Chauth 2026: करवा चौथ पर पति-पत्नी शारीरिक संबंध बना सकते हैं या नहीं? जानें क्या कहते हैं शास्त्र -
Karwa Chauth 2026 Moonrise Time: करवा चौथ पर चांद कब निकलेगा? जानें आपके शहर में कब होगा दीदार -
Aditi Rao Hydari ने बताया ब्यूटी सीक्रेट, ग्लोइंग और फ्लॉलेस स्किन के लिए इस्तेमाल करती हैं ये घरेलू नुस्खे -
Karwa Chauth 2026 Puja Samagri: करवा चौथ की पूजा में क्या-क्या सामान लगेगा? यहां देखें पूरी सामग्री लिस्ट
Amarnath Yatra 2026: अमरनाथ गुफा में हमेशा कबूतरों का जोड़ा क्यों बैठा रहता है? जानिए इससे जुड़ा रहस्य
Amarnath Yatra 2026: अमरनाथ धाम हिंदुओं के सबसे पवित्र तीर्थ स्थलों में से एक माना जाता है। हर साल लाखों श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए यहां पहुंचते हैं। इस साल अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त तक चलेगी। हिमालय की ऊंची पहाड़ियों के बीच स्थित अमरनाथ गुफा में प्राकृतिक रूप से बनने वाला बर्फ का शिवलिंग श्रद्धालुओं की आस्था का मुख्य केंद्र है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी गुफा में भगवान शिव ने माता पार्वती को अमरत्व का रहस्य बताया था। यही कारण है कि अमरनाथ गुफा से कई पौराणिक कथाएं और मान्यताएं जुड़ी हुई हैं। इनमें गुफा में दिखाई देने वाले कबूतरों के जोड़े की कथा भी काफी प्रसिद्ध है। कई श्रद्धालुओं का दावा है कि उन्हें गुफा के आसपास कबूतरों का यह जोड़ा दिखाई देता है, जिसे बेहद शुभ माना जाता है। आखिर इस मान्यता के पीछे क्या कहानी है, आइए जानते हैं -

अमरनाथ गुफा में क्यों बैठा रहता है कबूतर का जोड़ा?
पौराणिक कथाओं के अनुसार, अमरनाथ गुफा में भगवान शिव ने माता पार्वती को अमरत्व और मोक्ष का रहस्य बताया था। कहा जाता है कि उस समय गुफा में एक कबूतर का जोड़ा भी मौजूद था, जिसने यह पूरी कथा सुन ली। मान्यता है कि इस दिव्य ज्ञान को सुनने के कारण वह जोड़ा अमर हो गया। सबसे आश्चर्य की बात है कि अमरनाथ गुफा में या उसके आसपास ऑक्सीजन की कमी है और खाने-पीने के साधन भी नहीं है। बावजूद इसके यह कबूतर वहां रहते हैं। यही वजह है कि आज भी अमरनाथ गुफा में दिखाई देने वाले कबूतरों को श्रद्धालु विशेष आस्था से देखते हैं। माना जाता है कि बाबा बर्फानी के दर्शन के साथ इन कबूतरों के दर्शन होना भी शुभ माना जाता है।
शुकदेव मुनि से जुड़ी कथा
एक अन्य कथा के अनुसार, जब भगवान शिव माता पार्वती को अमरत्व का ज्ञान दे रहे थे, तब गुफा में एक शुक यानी तोता भी मौजूद था। माता पार्वती को कथा सुनते-सुनते नींद आ गई, लेकिन तोता पूरी बात ध्यान से सुनता रहा। जब भगवान शिव को इसका पता चला तो वह उससे नाराज हो गए। अपनी जान बचाने के लिए तोता वहां से उड़ गया और महर्षि व्यास के आश्रम पहुंच गया। वहां वह सूक्ष्म रूप धारण कर व्यासजी की पत्नी के मुख में घुस गया और 12 वर्ष तक उनके गर्भ में रहा। एक बार भगवान कृष्ण ने स्वयं आकर शुक को आश्वासन दिया कि बाहर आने पर तुम्हारे ऊपर माया को कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। मान्यता है कि बाद में वही शुक महर्षि व्यास के पुत्र शुकदेव मुनि के रूप में प्रसिद्ध हुआ। धार्मिक ग्रंथों में शुकदेव मुनि को महान ज्ञानी और तपस्वी माना जाता है।



Click it and Unblock the Notifications
