Ashadha Gupt Navratri: शुरू हुए गुप्त नवरात्र, मां का आशीर्वाद पाने के लिए करें दिन के अनुसार मंत्रों का जाप

हिन्दू धर्म में नवरात्रि पर्व की बहुत अधिक महत्ता बताई गयी है। इस दौरान मां दुर्गा के नौ रूपों की पूरे विधि विधान के साथ अराधना की जाती है।

वैसे तो मुख्यतौर पर दो नवरात्रि का जिक्र होता है जो चैत्र और शरद माह में आते हैं। मगर इनके अलावा साल में दो गुप्त नवरात्रि भी आती हैं जो माघ और आषाढ़ महीने में पड़ती हैं।

गुप्त नवरात्रि में विशेष रूप से दस दिन मां अम्बे के 10 रूपों की पूजा होती है। तंत्र मंत्र की विद्या में लगे साधकों के लिए गुप्त नवरात्रि बेहद खास होती है। गुप्त नवरात्रों में गुप्त तरीकों से मां की आराधना की जाती है। जानते हैं साल 2023 में गुप्त नवरात्रि कब से कब रहेगी और इस दौरान किन मंत्रों का जाप करना फलदायी होता है।

Ashadha Gupt Navratri 2023 Kab Se Hai: Date, Time, Ghatsthapana, Mantra

आषाढ़ गुप्त नवरात्रि 2023

इस साल आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि 18 जून को सुबह 10:06 बजे होगी। यह प्रतिपदा तिथि अगले दिन 19 जून को सुबह 11:25 तक चलेगी। उदया तिथि को मानते हुए नवरात्रि का पहला दिन 19 जून को माना जाएगा और इसी दिन से गुप्त नवरात्रि का शुभारंभ होगा।

कलश स्थापना मुहूर्त

शुभ मुहूर्त: 19 जून, सोमवार को सुबह 05:23 बजे से 07:27 बजे तक
अभिजित मुहूर्त: 19 जून, सुबह 11:55 बजे से दोपहर 12:50
इन दोनों मुहूर्त पर गुप्त नवरात्रों के कलश की स्थापना की जा सकती है।

गुप्त नवरात्रि में मां अम्बे का आशीर्वाद पाने के लिए दिन के अनुसार करें मंत्रों का जाप

पहली महाविद्या- मां काली
ॐ हृीं श्रीं क्रीं परमेश्वरि कालिके स्वाहा।।

दूसरी महाविद्या - मां तारा
ऊँ हृीं स्त्रीं हुम फट्‌ ।।

तीसरी महाविद्या - मां त्रिपुर सुंदरी
ऐं हृीं श्रीं त्रिपुर सुंदरीयै नमः।।

Ashadha Gupt Navratri 2023 Kab Se Hai: Date, Time, Ghatsthapana, Mantra

चौथी महाविद्या - मां भुवनेश्वरी
हृीं भुवनेश्वरीयै हृीं नमः।।

पांचवी महाविद्या - मां छिन्नमस्ता
श्रीं हृीं ऐं वज्र वैरोचानियै हृीं फट स्वाहा।।

छठी महाविद्या - मां त्रिपुरा भैरवी
ॐ ऐं ह्रीं श्रीं त्रिपुर सुंदरीयै नमः।।

सातवीं महाविद्या - मां धूमावती
ऊँ धूं धूं धूमावती देव्यै स्वाहाः।।

आठवीं महाविद्या - मां बगलामुखी
ऊँ हृीं बगुलामुखी देव्यै हृीं ओम नमः।।

नौंवी महाविद्या - मां मातंगी
ऊँ ह्नीं ऐ भगवती मतंगेश्वरी श्रीं स्वाहा।।

दसवीं महाविद्या - मां कमला
ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं ॐ महालक्ष्मयै नमः।

नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।

Story first published: Monday, June 19, 2023, 8:00 [IST]
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