Latest Updates
-
पाम ऑयल क्या होता है और इसे खाने से क्या नुकसान होते हैं? जानिए इससे शरीर पर क्या असर होता है -
October 2026 Vrat Tyohar List: नवरात्रि, दशहरा से करवा चौथ तक, यहां देखें व्रत-त्योहारों की पूरी लिस्ट -
जुबिन नौटियाल बने पापा, पत्नी ने दिया बेटे को जन्म, गणेश चतुर्थी पर घर आया नन्हा मेहमान -
'मन की बात' में PM मोदी ने बताया क्यों इतना खास है आंवला, जानिए इसके 5 जबरदस्त फायदे और सेवन का सही तरीका -
World Heart Day 2026: क्रॉनिक स्ट्रेस बन सकता है हार्ट अटैक और स्ट्रोक की वजह, डॉक्टर से जानें बचाव के तरीके -
Pitru Paksha 2026: गया जी के इस मंदिर में जिंदा लोग खुद करते हैं अपना पिंडदान, बेहद अनोखी है मान्यता -
दिल को हेल्दी रखते हैं ये 5 योगासन, हार्ट अटैक से बचने के लिए आज से ही बना लें रूटीन का हिस्सा -
World Heart Day 2026: क्यों मनाया जाता है विश्व हृदय दिवस? जानें इसका इतिहास, महत्व और इस साल की थीम -
रात में लाइट जलाकर सोते हैं? आपकी ये आदत दिल पर पड़ सकती है भारी, रिसर्च में हुआ बड़ा खुलासा -
Bank Holidays October 2026: अक्टूबर में 16 दिन बंद रहेंगे बैंक, यहां देखें छुट्टियों की पूरी लिस्ट
Ashadha Gupt Navratri 2025: कैसे करें आषाढ़ गुप्त नवरात्र की घट स्थापना? नियम और शुभ मुहूर्त जानें
Ashadha Gupt Navratri 2025 Starts Date : सनातन धर्म में नवरात्रि का पर्व विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व रखता है। वर्ष में चार बार नवरात्र आते हैं, चैत्र, शारदीय, माघ और आषाढ़। इनमें से चैत्र और शारदीय नवरात्रि सार्वजनिक रूप से धूमधाम से मनाए जाते हैं, जबकि माघ और आषाढ़ के नवरात्र को गुप्त नवरात्रि कहा जाता है।
ये विशेष रूप से तंत्र साधना, मां दुर्गा की दस महाविद्याओं की आराधना और आध्यात्मिक शक्ति प्राप्ति के लिए अत्यंत शुभ माने जाते हैं।

आषाढ़ गुप्त नवरात्रि 2025 की तिथि
पंचांग के अनुसार, आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि 25 जून 2025 को शाम 4 बजे से प्रारंभ होगी। लेकिन चूंकि सनातन परंपरा में उदया तिथि को अधिक महत्व दिया जाता है, इसलिए आषाढ़ गुप्त नवरात्र की शुरुआत 26 जून से मानी जाएगी। इस पर्व का समापन भी 26 जून को दोपहर 1 बजकर 24 मिनट पर हो जाएगा।
घटस्थापना का शुभ मुहूर्त
घटस्थापना का विशेष महत्व होता है क्योंकि यही वह क्षण होता है जब नवरात्रि पूजा की शुरुआत होती है। 26 जून को सुबह 5 बजकर 25 मिनट से 6 बजकर 58 मिनट तक घटस्थापना का श्रेष्ठ समय रहेगा। यदि आप इस समय पूजा न कर सकें, तो अभिजीत मुहूर्त में भी घटस्थापना कर सकते हैं, जो कि उसी दिन सुबह 11:56 से दोपहर 12:52 तक रहेगा।
घटस्थापना विधि
- घट स्थापना के लिए मिट्टी का कलश, गंगाजल, अक्षत, जौ, गंगा जी की मिट्टी, नारियल, लाल वस्त्र, आम या अशोक के पत्ते, सुपारी, सिक्का, रोली, मौली आदि सामग्री तैयार रखें।
- घर के ईशान कोण (उत्तर-पूर्व दिशा) में साफ स्थान पर मिट्टी का पात्र रखें और उसमें जौ बोएं।
- जौ वाले पात्र पर कलश रखें। कलश में गंगाजल, अक्षत, सुपारी, सिक्का, हल्दी, फूल, रोली डालें।
- कलश के मुंह पर आम या अशोक के पत्ते रखें और उसके ऊपर लाल वस्त्र में लिपटा हुआ नारियल रखें जिसे मौली से बांध दें।
- घट स्थापना के बाद मां दुर्गा का ध्यान करें और वैदिक मंत्रों का उच्चारण करें।
- अखंड ज्योति जलाने का संकल्प लें और दीपक प्रज्वलित करें।
- नौ दिन तक दुर्गा सप्तशती का पाठ करें।
- प्रतिदिन देवी को हलवा, चने और बताशे का भोग लगाएं।
- पूजा के अंत में कपूर से आरती करें, शंखनाद करें और पूजा में हुई त्रुटियों के लिए क्षमा याचना करें।
यह नवरात्र साधना और आत्मिक शुद्धि का अवसर होता है। श्रद्धा और नियमपूर्वक की गई पूजा साधक को विशेष फल देती है।
अगर आप चाहें तो मैं दुर्गा सप्तशती पाठ का संक्षिप्त प्रारूप भी साझा कर सकती हूं।



Click it and Unblock the Notifications
