Ayodhya Ram Mandir Schedule: 16 जनवरी से होगी अनुष्ठान की शुरुआत, देखें पूरे 7 दिवसीय कार्यक्रम की डिटेल्स

Ayodhya Ram Mandir Schedule: एक लम्बे अरसे के संघर्ष के पश्चात अब वो दिन आ गया है जब अयोध्या में राम लला अपने घर पहुंच जायेंगे और विराजमान होंगे। जी हां, मंदिर में श्री राम जी की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा की तारीख निश्चित कर दी गयी है। 22 जनवरी 2024 को प्राण प्रतिष्ठा की जायेगी।

प्राचीन भारतीय महाकाव्य रामायण के अनुसार माना जाता है कि भगवान राम का जन्म अयोध्या में हुआ था। हिंदू धर्म में, भगवान राम को भगवान विष्णु के अवतार के रूप में जाना जाता है, जिनकी पूरे भारत में व्यापक रूप से पूजा की जाती है। अयोध्या में बहुप्रतीक्षित राम मंदिर का निर्माण दिसंबर 2023 तक पूरा होने की उम्मीद है। इस मंदिर के अंदर सीता रसोई, कैकई भवन, कौशल्या भवन, सुमित्रा भवन, अंगद टीला, लव कुश मंदिर, हनुमान मंदिर, और रंग महल भी है।

Ayodhya Ram Temple Pran Pratishtha: Schedule Of Rituals and other key details in Hindi

रिपोर्ट्स के मुताबिक, अयोध्या में राम मंदिर बनाने में 1,800 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत आई है। अब बस सभी को भगवान राम के प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम का इंतजार है जिसमें देश और दुनिया के कई गणमान्य लोगों को भी आमंत्रित किया गया है।

आइए जानते हैं 16 जनवरी से 22 जनवरी 2024 तक अयोध्या राम मंदिर में होने वाले अनुष्ठान का शेड्यूल

16 जनवरी 2024: इस दिन 'महापूजन' आयोजित किया जाएगा। अनुष्ठान लक्ष्मीकांत के नेतृत्व में वैदिक विद्वानों द्वारा आयोजित किए जाएंगे और उनमें शामिल होंगे- सर्व प्रायश्चित होम, दशविद स्नान (सरयू नदी में स्नान), दोपहर में यजमान (यज्ञ करने वाला व्यक्ति) द्वारा अपना स्थान ग्रहण करना।

17 जनवरी 2024: इस दिन जलयात्रा, तीर्थ और कलश पूजन जैसे अनुष्ठान किए जाएंगे, जिसके बाद कलश यात्रा होगी।

18 जनवरी 2024: इस दिन मंडप प्रवेश और यज्ञभूमि पूजन के साथ-साथ प्रधान संकल्प और गणेशम्बिका पूजन जैसे मुख्य अभिषेक अनुष्ठान आयोजित किए जाएंगे।

19 जनवरी 2024: इस दिन देवता पूजन, वेदों की सभी शाखाओं का पाठ, अधिवासन, कुंडपूजन, हवन के लिए प्राकृतिक विधि से अग्नि फूंकना, जलाधिवास (मूर्ति को पानी में डुबोकर रखना) और अन्य प्राण-प्रतिष्ठा पूर्व अनुष्ठान किए जाएंगे।

20 जनवरी 2024: इस दिन वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मंदिर का वास्तुपूजन किया जाएगा।

21 जनवरी 2024: इस दिन रामलला की मूर्ति को 114 कलशों में भरकर विभिन्न तीर्थ स्थलों और पवित्र नदियों के जल से स्नान कराया जाएगा। यह महापूजा और नगरभ्रमण करने से पहले किया जाएगा। बाद में, मूर्ति को यज्ञ मंडप में लाया जाएगा ताकि शैय्याधिवास, तत्वन्यास, महान्यास और अन्य अनुष्ठान किए जा सकें।

22 जनवरी 2024: यह वह दिन है जब दोपहर में देवप्राणप्रतिष्ठा (अभिषेक) होगी, जिसके बाद महापूजन, आरती और पूर्णाहुति होगी।

नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।

Story first published: Friday, December 8, 2023, 19:35 [IST]
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