Belpatra Ke Upay: सावन महीने में जल्दी से कर लें बेलपत्र के ये उपाय, मिलेगा संतान सुख, होगी पैसों की बरसात

Belpatra Ke Upay: ऐसी मान्यता है कि बेलपत्र भगवान शिव की प्रिय वस्तुओं में से एक है और सावन के महीने में भोलेबाबा को बेलपत्र अर्पित करने से मनोकामनाएं शीघ्र पूरी होती हैं।

यह भी माना जाता है कि सावन के महीने में बेलपत्र के कुछ सरल उपायों के माध्यम से आपके जीवन की मुश्किलें हल हो सकती हैं। आइये बिना देर किये जानते हैं सावन में बेलपत्र के आसान और अचूक उपायों के बारे में।

Belpatra Upay in Sawan: Follow these bel patra remedies for money, success, love in your life

संतान प्राप्ति के इच्छुक जातकों के लिए बेलपत्र का उपाय

संतान की इच्छा रखने वाले जातकों के लिए यह उपाय लाभकारी है। इस उपाय के लिए उन्हें बेलपत्र और गाय के दूध की जरूरत है। आपकी जितनी उम्र है आप उसी संख्या में बेलपत्र लें और फिर उन्हें गाय के कच्चे दूध में डूबा दें। शिवजी की पूजा के समय उन्हें यही बेलपत्र चढ़ाएं। इसके साथ ही सावन के महीने में बेल का पौधा लगाना भी शुभकारी होता है।

पैसों से जुड़ी समस्या से राहत पाने के लिए बेलपत्र का उपाय

श्रावण माह के सोमवार को आप भगवान शिव की पूजा अर्चना करें। पूजन के पश्चात् आप शिवजी को चढ़ाए हुए कम से कम तीन बेलपत्र पर लाल चंदन से 'ओम नमः शिवाय' लिखें और इसे अपने की तिजोरी या घर में धन रखने वाले स्थान पर रख लें।

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आर्थिक मजबूती के लिए बेलपत्र का उपाय

यदि आप घर में पैसों की आवक को बनाए रखना चाहते हैं तो श्रावण माह में घर के बगीचे में बेल और मदार अथवा आक का पौधा जोड़े में लगाएं। इस उपाय से घर में धन की किल्लत नहीं होगी।

पितरों का आशीर्वाद पाने के लिए बेलपत का उपाय

श्रावण मास में भगवान शिव के साथ अपने पितरों का आशीर्वाद पाने के लिए आपको यह उपाय करना चाहिए। इसके तहत बेल के पौधे को पानी दें। इससे आपके पितृ तृप्त होंगे और आप पर कृपा बरसाएंगे। पितरों को खुश रखने से पूरा परिवार प्रसन्न और सुरक्षित रहता है।

सुखी वैवाहिक जीवन के लिए बेलपत्र का उपाय

विवाह के बाद जिन जातकों को जीवनसाथी के साथ तालमेल बिठाने में मुश्किल का सामना करना पड़ रहा है, उन्हें यह उपाय अवश्य करना चाहिए।
पति और पत्नी दोनों को साथ में सावन सोमवार के दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करनी चाहिए। दंपत्ति को साथ में भगवान शिव को बेलपत्र चढ़ाना चाहिए और गौरी माता को श्रृंगार सामग्री अर्पित करनी चाहिए।

नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।

Story first published: Friday, July 14, 2023, 8:00 [IST]
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