Bihu 2023: साल में तीन बार आता है बिहू, जानिए क्या है इनसे जुड़ी मान्यता

बिहू का त्योहार असम के लोगों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। इस पर्व को उत्तर पूर्वी राज्य के लोग पूरे हर्षोल्लास और बिना किसी भेदभाव के मनाते हैं। यह त्योहार तीन प्रकार का होता है भोगली बिहू, बोहाग बिहू, और कंगाली बिहू। यानी यह त्योहार साल में 3 बार मनाया जाता है।

भोगाली बिहू जनवरी के मध्य में पड़ता है। इसके बाद बोहाग बिहू अप्रैल के महीने में मनाया जाता है, फिर सबसे अंत में आता है कंगाली बिहू जो अक्टूबर माह में पड़ता है। इन तीनों बिहू से कई रीति-रिवाज जुड़े हुए हैं। लोग इन्हें अलग अलग तरह से मनाते हैं।

असम को उसकी प्राकृतिक सुंदरता और विभिन्न संस्कृतियों के लिए जाना जाता है, बिहू का यह त्योहार वहां के गौरवपूर्ण परंपराओं में से एक है। बिहू फसल की कटाई से लेकर शादी-ब्याह जैसे शुभ कार्यों की शुरुआत होता है। अपने इस लेख में हम आपको इस खास पर्व के बारे में बताएंगे।

Bihu 2023: Know types of Bihu and rituals in Hindi

भोगाली बिहू
भोगाली बिहू को माघ बिहू भी कहते हैं क्योंकि यह माघ के महीने में पड़ता है। इस बिहू से इस खास उत्सव की शुरुआत होती है। भोगाली बिहू 15 जनवरी यानी मकर संक्रांति के आसपास मनाई जाती है। माघ बिहू को भी मकर संक्रांति की तरह ही मनाया जाता है। इस दिन लोग कृषि के देवता को अच्छी फसल देने के लिए धन्यवाद देते हैं। इस माह फसल की कटाई भी पूरी होती है। पहले लोग इस त्योहार को पूरे महीने मनाते थे लेकिन आजकल इसे सिर्फ एक ही दिन मनाया जाता है।

बोहाग बिहू
इस बिहू की शुरुआत हर साल 14 अप्रैल से होती है। बोहाग बिहू पूरे एक हफ्ते तक मनाए जाने वाला उत्सव है। इस दौरान कई रंगारंग कार्यक्रमों का आयोजन होता है, साथ ही अलग-अलग दिन लोग इसे अलग तरीकों से मनाते हैं। बोहाग बिहू के दौरान असम में सबसे ज्यादा शुभ कार्य संपन्न होते हैं। इस उत्सव के साथ शादी विवाह जैसे अच्छे कार्यों की शुरुआत हो जाती है। इस बिगो को रंगोली बिहू भी कहा जाता है।

कंगाली बिहू
कार्तिक महीने की संक्रांति के दिन असम के लोग कंगाली बिहू मनाते हैं। कार्तिक मास में यह पर्व आने के कारण इसे काती बिहू कहा जाता है। इस बिहू को काती बिहू के अलावा कंगाली बिहू या कंगली बिहू भी कहा जाता है। चूंकि धान असम की प्रधान फसल है इसलिए इसे लगाने के बाद जब अन्न आने लगता है तो कीड़े उसे खाकर बर्बाद करने लगते हैं। ऐसे में फसल अच्छी नहीं होती है। इस दिन लोग अपने घर के आंगन में तुलसी का पौधा लगाकर दिया जलाते हैं और पूजा करते हैं। साथ ही माता तुलसी से फसल अच्छी रखने के लिए प्रार्थना भी करते हैं। दौरान अच्छी फसल की कामना के साथ उसकी सुरक्षा के लिए आशीर्वाद मांगते हैं।

Story first published: Tuesday, April 11, 2023, 17:30 [IST]
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