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Chhath Puja 2025: क्या छठ पूजा व्रत कुंवारी लड़कियां कर सकती हैं? जानें शास्त्रों में क्या हैं नियम
Can Unmarried Girls Do Chhath Puja Fast: छठ पूजा न केवल एक व्रत है, बल्कि सूर्य देव और छठी मइया की आराधना का ऐसा पवित्र पर्व है जिसमें श्रद्धा, तप और आस्था एक साथ जुड़ते हैं। ये व्रत न सिर्फ भारत में बल्कि दुनिया के कोने-कोने में बड़ी श्रद्धा से मनाया जाता है जहां भी बिहारी समुदाय के लोग रहते हैं। छठ का व्रत बहुत ही कठिन होता है जिसे महिलाएं संतान, परिवार और सुख-समृद्धि की कामना के लिए रखती हैं जो निर्जला रखा जाता है।
ऐसे में अक्सर एक सवाल लोगों के मन में उठता है कि क्या कुंवारी लड़कियां भी छठ व्रत कर सकती हैं? आइए जानते हैं कि क्या कुंवारी लड़कियां इस व्रत को रख सकती हैं या नहीं?

क्या कुंवारी लड़कियां छठी मैया का व्रत रख सकती हैं?
छठी मैया का व्रत संतान प्राप्ति और उनकी दीर्घ आयु के लिए किया जाता है। शास्त्रों में भी इस व्रत का बहुत महत्व बताया गया है। कुछ लोगों का सवाल होता है कि क्या कुंवारी लड़कियां छठी मैया का व्रत रख सकती हैं। वैदिक शास्त्रों में साफ तौर पर बताया गया है कि इस व्रत को विवाहित महिलाएं ही रखती हैं।
इस व्रत की कहानी कुंती माता की घटना से जुड़ी हुई है जब उन्होंने सूर्य देव की पूजा की और उन्हें उसके फलस्वरूप कर्ण के रूप में संतान की प्राप्ति हुई। ऐसे में ये साफ है कि कुंवारी लड़कियां नहीं बल्कि विवाहित महिलाओं को ही छठी मैया का व्रत रखना चाहिए।
कुंवारी लड़कियां कर सकती हैं प्रसाद बनाने में मदद
ये तो साफ हो गया है कि कुंवारी लड़कियां छठी मैया का व्रत नहीं रख सकती हैं। मगर वो प्रसाद बनाने में मदद कर सकती हैं। ऐसा करने से ही छठी मैया प्रसन्न हो जाती हैं। अगर आपके घर में भी छठी मैया का व्रत रखा जाता है तो इस बात का खास ध्यान रखें कि कुंवारी लड़कियां व्रत न रखें लेकिन अपनी भाभी और मां के साथ छठी मैया का प्रसाद बनाने में पूरी मदद करें। ऐसा करने से एक तो अपने रीति-रिवाज का पता चलता है और दूसरा व्रती महिलाओं की मदद भी हो जाती है।
नवविवाहिता भी रख सकती हैं व्रत
जान लें कि जिन महिलाओं की नई-नई शादी हुई है वो भी छठी मैया का व्रत रख सकती हैं। ऐसा करने से उन्हें जल्दी ही सुयोग्य और बुद्धिमान संतान की प्राप्ति होती है।



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