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Bhutadi Amavasya: इस दिन क्यों करना चाहिए नदी में स्नान, चैत्र अमावस्या के दिन क्या करें व क्या न करें
ऐसी मान्यता है कि चैत्र अमावस्या के दिन जिन आत्माओं को शांति नहीं मिलती वे ज्यादा उग्र और सक्रिय हो जाती हैं। वे अपने वंशजों को बुरा कार्य करते देख नाराज भी हो जाते हैं।
ऐसे में जरुरी है कि चैत्र अमावस्या की पूजा करते वक़्त कुछ सावधानी बरतें और जिन कार्य से पूर्वजों को नाराजगी हो सकती है, वो काम बिल्कुल ना करें। हम ये भी बताएंगे कि चैत्र अमावस्या के दिन नदी में स्नान करने से क्या फायदा होता है और सही पूजन विधि क्या है।

भूतड़ी अमावस्या तिथि, मुहूर्त और शुभ योग
चैत्र अमावस्या 20 मार्च 2023 को रात 01:47 पर प्रारंभ होगी और 21 मार्च 2023, रात 10:53 पर समाप्त होगी। इस बार चैत्र अमावस्या मंगलवार को पड़ रही है ऐसे में इसे भौमवती अमावस्या भी कहा जाता है।
क्या करें क्या ना करें
सुबह जल्दी उठें
सबसे पहला काम तो ये करें कि अमावस्या के दिन प्रातः काल जल्दी उठ जाएं। देर तक सोना पूर्वज अच्छा नहीं मानते हैं और हो सकता है वो नाराज हो जाएं। सूर्योदय से पूर्व उठ जायें तो बेहतर है, नहीं तो सूर्योदय के तुरंत बाद तक उठा जा सकता है।

सुनसान जगह पर न जाएं
चैत्र अमावस्या के दिन खासतौर पर रात में किसी सुनसान स्थान पर ना जाएं। इस दिन उग्र और सक्रिय आत्माएं नुकसान पंहुचा सकती है। अगर मजबूरी में जाना ही पड़े तो कोई नुकीली वस्तु जैसे चाकू अपने पास रखें या फिर अभिमंत्रित लोकेट पहनें।
न बनाएं शारीरिक संबंध
चैत्र अमावस्या के दिन शारीरिक संबंध बनाना नुकसानदेह हो सकता है। वैसे भी इस दिन पूर्वजो का स्मरण करना चाहिए और सादगी भरा जीवन जीना चाहिए। ऐसी मान्यता है कि अगर चैत्र अमावस्या के दिन गर्भ धारण हुआ तो बच्चे को बहुत सारे कष्टों का सामना करना पड़ सकता है।

न करें लड़ाई-झगड़ा
परिवार के सदस्य मेल मिलाप से रहें। आज के दिन पूर्वज अपने वंशजो को देखने आते हैं। अगर परिवार के सदस्य झगड़ रहे हों तो ये देखकर उन्हें पीड़ा होती है और फिर उनकी कृपा नहीं मिल पाती है। इसलिए चैत्र अमावस्या के दिन मनमुटाव और झगडा ना करें और प्यार मोहब्बत से रहे।
तामसिक भोजन से रहें दूर
तामसिक भोजन और नशे के सामान से दूर रहें। पूर्वजों को ये देखकर तकलीफ होती है कि उनके वंशज आज के दिन भी तामसिक भोजन जैसे की मीट, मछली, मुर्गा, दारू, तम्बाकू आदि का सेवन कर रहे हैं। इससे पूर्वजों की कृपा आनी रुक सकती है।

न काटें नाख़ून व बाल
चैत्र अमावस्या के दिन बाल नाख़ून ना कटवाएं। अगर जरुरी नहीं हो तो बालों में शेम्पू वगैरह भी ना करें। श्रृंगार प्रसाधन का इस्तेमाल ना के बराबर करें। सादगी से रहें और पितरों को स्मरण करते रहें।
करें नदी में स्नान
इस दिन आत्माओं की उग्रता को शांत करने के लिए किस नदी में जरुर स्नान करें। अगर आसपास कोई नदी ना हो तो घर पर ही स्नान करें लेकिन जल में गंगाजल जरुर मिला लें।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



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