Chaitra Navratri 2025: चैत्र नवरात्रि के 9 दिन के 9 रंग, जानें देवी कृपा के ल‍िए कौनसे दिन पहने कौनसा रंग

Chaitra Navratri 2025 : हिंदू धर्म में चैत्र नवरात्रि का विशेष महत्व है, क्योंकि इस दौरान मां दुर्गा की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नवरात्रि के नौ दिनों में देवी के नौ स्वरूपों की आराधना करने से जीवन में सुख-समृद्धि, शांति और मनोकामनाओं की पूर्ति होती है। इस बार चैत्र नवरात्रि 30 मार्च 2025 से शुरू होकर 6 अप्रैल 2025 तक चलेगी। खास बात यह है कि इस बार मां दुर्गा का आगमन हाथी पर हो रहा है, जिसे धन-संपत्ति और अर्थव्यवस्था में सुधार का संकेत माना जाता है।

नवरात्रि के दौरान विशेष रंगों के वस्त्र पहनने की परंपरा है, जो प्रत्येक देवी के स्वरूप और उनकी ऊर्जा से जुड़े होते हैं। आइए जानते हैं कि इन नौ दिनों में कौन-कौन से रंग शुभ माने जाते हैं।

Chaitra Navratri 2025

पहला दिन: नारंगी रंग

चैत्र नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है। इस दिन नारंगी रंग पहनना शुभ माना जाता है, क्योंकि यह रंग ऊर्जा, उमंग और नई शुरुआत का प्रतीक है। नारंगी रंग धारण करने से जीवन में सकारात्मकता बनी रहती है।

दूसरा दिन: सफेद रंग

दूसरे दिन देवी ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाती है। उन्हें सफेद रंग अत्यंत प्रिय है, जो शुद्धता, शांति और सादगी का प्रतीक है। इस दिन सफेद वस्त्र पहनने से मानसिक शांति मिलती है और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।

तीसरा दिन: लाल रंग

नवरात्रि के तीसरे दिन देवी चंद्रघंटा की आराधना की जाती है। लाल रंग शक्ति, साहस और आत्मविश्वास का प्रतीक है। इस दिन लाल रंग पहनने से नकारात्मक ऊर्जाएं दूर होती हैं और जीवन में ऊर्जा का संचार होता है।

चौथा दिन: नीला रंग

माता कुष्मांडा की पूजा नवरात्रि के चौथे दिन की जाती है। नीला रंग स्थिरता, ज्ञान और गंभीरता का प्रतीक है। इस दिन नीले रंग के वस्त्र पहनने से धन लाभ और कार्यों में सफलता प्राप्त होती है।

पांचवा दिन: पीला या सफेद रंग

पांचवे दिन माता स्कंदमाता की पूजा का विधान है। इस दिन सफेद या पीले रंग के वस्त्र पहनने से मां की विशेष कृपा प्राप्त होती है। पीला रंग बुद्धिमत्ता, समृद्धि और सौभाग्य का प्रतीक है।

छठा दिन: हरा रंग

छठे दिन मां कात्यायनी की उपासना की जाती है। हरा रंग जीवन में वृद्धि, प्रेम और समृद्धि का प्रतीक है। इस दिन हरे रंग के वस्त्र धारण करने से करियर और पारिवारिक जीवन में सकारात्मकता आती है।

सातवां दिन: कत्थई या ग्रे रंग

नवरात्रि के सातवें दिन मां कालरात्रि की पूजा की जाती है। उनका स्वरूप प्रचंड और तेजस्वी है, इसलिए इस दिन कत्थई या ग्रे रंग पहनना शुभ माना जाता है। यह रंग धैर्य, संतुलन और आत्मसंयम का प्रतीक है।

आठवां दिन: सफेद या बैंगनी रंग

अष्टमी के दिन मां महागौरी की पूजा की जाती है। सफेद रंग शुद्धता और शांति का प्रतीक है, जबकि बैंगनी रंग आध्यात्मिकता और भक्ति को दर्शाता है। इस दिन इन रंगों के वस्त्र पहनने से देवी की कृपा प्राप्त होती है।

नवमी दिन: गहरा हरा रंग

चैत्र नवरात्रि के नवें दिन मां सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है। इस दिन गहरे हरे रंग के वस्त्र पहनना शुभ माना जाता है, क्योंकि यह रंग प्रकृति, समृद्धि और स्थिरता का प्रतीक है।

निष्कर्ष

चैत्र नवरात्रि के दौरान प्रत्येक दिन एक विशेष देवी की आराधना की जाती है, और हर दिन के लिए एक विशेष रंग शुभ माना जाता है। इन रंगों को धारण करने से साधक की मनोकामनाएं पूरी होती हैं और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। इस नवरात्रि, आप भी इन रंगों का पालन करके मां दुर्गा की कृपा प्राप्त कर सकते हैं।

Story first published: Thursday, March 27, 2025, 7:00 [IST]
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