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Chaitra Navratri Colours 2023: नवरात्रि पर चाहते हैं विशेष आशीर्वाद तो पहनें मां दुर्गा के ये पसंदीदा रंग
हिन्दू धर्म में रंगों का बहुत महत्व है। ये रंग ग्रहों की दशाओं से सम्बंधित होते हैं। साथ ही देवताओं की कृपा लाने में भी मददगार होते हैं। रंगों का मानस पटल पर भी प्रभाव पड़ता है इसलिए रंगों का धार्मिक महत्व होने के साथ साथ वैज्ञानिक महत्व भी है।
नवरात्री की बात करें तो शक्ति की देवी दुर्गा की नौ रातों को होने वाली उपासना में नौ अलग अलग रंगों का महत्व है। कम लोग जानते हैं कि हर नवरात्रि में रंगों का क्रम बदल जाता है। आइये हम आपको बताते हैं किस दिन कौन सा रंग का महत्व है।

चैत्र नवरात्रि के नौ रंग हैं - सफ़ेद, लाल, नीला, पीला, हरा, भूरा, नारंगी, मोर हरा और गुलाबी। आमतौर पर नवरात्री के अलग अलग दिनों में अलग अलग रंग का महत्व है जैसे की -
नवरात्रि का पहला दिन - नीला रंग
नीला रंग समृद्धि और शांति का प्रतीक है। नवरात्रि के पहले दिन नीले रंग का वस्त्र पहनने से जीवन में शांति व समृद्धि आती है।
दूसरा दिन - पीला
इस रंग से सकारात्मक ऊर्जा निकलती है। इसे आशावाद का रंग कहते हैं। साथ ही पीला रंग आनंद का प्रतीक है। नवरात्रि एक त्यौहार भी है तो इसका आनंद उठाने के लिए पीले रंग का वस्त्र धारण करें और माता की पूजा करें।

तीसरा दिन - हरा
हरा रंग विकास का प्रतीक है और यह नयी शुरुआत को भी दर्शाता है। माता के आशीर्वाद से जीवन में नयी खुशियां आये, नयी शुरुआत हो, इसके लिए तीसरे दिन हरे रंग का इस्तेमाल करें।
चौथा दिन - भूरा या ग्रे
दुःख या हर्ष में समान भावना रखनी चाहिए क्योंकि मृत्युलोक में कुछ भी शाश्वत नहीं है। यही सन्देश देता है ग्रे या भूरा रंग। नवरात्रि के चौथे दिन भूरा या ग्रे रंग का बहुत महत्व है।
पांचवा दिन - नारंगी
नारंगी रंग उत्साह सहस और वीरता का प्रतीक है। कहीं न कहीं इसका सम्बन्ध शक्ति के साथ है और माँ दुर्गा तो शक्ति की देवी ही हैं। इसलिए ये रंग उनको विशेष पसंद है। सकारात्मक ऊर्जा से भरपूर इस रंग का इस्तेमाल पांचवे दिन करने से माता की कृपा बरसती है।

छठा दिन - सफेद
छठा दिन है श्वेत रंग का। श्वेत पवित्रता और शुद्धता का प्रतीक है। आतंरिक शुद्धता का नवरात्रि में विशेष महत्व है। इस रंग के कपडे पहनने से मन मस्तिष्क पर गहरा असर पड़ता है इसलिए छठे दिन श्वेत वस्त्र धारण करें और माता की कृपा प्राप्त करें।
सातवां दिन - लाल
सातवा दिन है लाल रंग का। लाल रंग जोश और स्नेह का प्रतीक है। ये रंग माता को विशेष पसंद है क्योंकि आपने देखा होगा माता की चुनरी लाल रंग की ही होती है। भक्ति के जोश और माता से जुड़ाव के लिए लाल वस्त्र धारण करें। माता आपके जीवन में जोश और शक्ति का संचार कर देंगी।

आठवां दिन - नीला
विशालता और अनंत शक्ति का प्रतीक है नीला रंग। इसे आसमानी रंग भी कहते हैं। माता को आठवें दिन नीला रंग पसंद है। ये इस बात का भी सन्देश देता है कि माता की शक्ति विशाल है और उनकी कृपा अनंत है।

नौंवा दिन - गुलाबी
गुलाबी रंग प्रेम और सद्भाव का प्रतीक है। ये रंग आकर्षण पैदा करता है और ऊर्जा को प्राप्त करने में मदद करता है। माता की कृपा को आसानी से आत्मसात करने में भी ये रंग मदद करता है। नौवे दिन गुलाबी रंग के कपड़े धारण करें।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



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