Chardham Yatra: चारधाम यात्रा कहां से शुरू होकर कहां होती है संपन्न?

छोटा चार धाम जो खास तौर पर उत्तराखंड की पहाड़ियों में स्थित है, उसकी पावन यात्रा 22 अप्रैल से शुरू हो चुकी है। दो तरह के चार धाम हैं एक छोटा चार धाम और दूसर बड़ा चार धाम।

यहां हम बात कर रहे हैं छोटा चार धाम की। श्रद्धालुओं में इस बात को लेकर असमंजस रहता है कि यात्रा शुरू कहां से होती है और संपन्न कहा होती है।

Char Dham Yatra Starts From Which Place and Its Ending Point Details In Hindi

ऐसे में हम आपके लिए छोटा चार धाम यात्रा की पूरी जानकारी यहां दे रहे हैं ताकि आपकी यात्रा सुरक्षित, सुगम और सफल हो।

चारधाम यात्रा कहां से शुरू होकर कहाँ संपन्न होती है?
चार धाम की पवित्र यात्रा शास्त्र के अनुसार हमेशा दक्षिणावर्त दिशा में संपन्न करनी चाहिए। यानी की आपकी यात्रा दक्षिण दिशा में जो धाम पहले आये वहां से शुरू करनी चाहिए.

छोटा चारधाम में कौन कौन से स्थान आते हैं?
चार धाम के तहत आते हैं गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ।

चारधाम यात्रा की शुरुआत किस स्थान से करें?
चारधाम यात्रा का आरंभ हरिद्वार से करते हैं। यहां गंगा में स्नान कर पवित्र होते हैं फिर दक्षिण दिशा में पहला धाम है यमुनोत्री। इसलिए श्रद्धालु हरिद्वार से यमुनोत्री की तरफ कूच करते हैं। यमुनोत्री का दर्शन करने के बाद गंगा का दर्शन करते हुए केदार पर्वत पर स्थित केदारनाथ बाबा का दर्शन किया जाता है। फिर यात्रा का अंतिम पड़ाव है बद्रीनाथ धाम। इसके बाद यात्रा की सुविधा से वापस हरिद्वार लौटते हैं और अपने घर के लिए प्रस्थान करते हैं।

चारधाम यात्रा कितने दिन में पूरी कर सकते हैं?
उत्तराखंड के छोटा चारधाम यात्रा को पूरा करने में आठ से दस दिन का समय लग सकता है। वैसे तो यात्रा कठिन होती है लेकिन अब इन स्थलों को पर्यटक स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है इसलिए अब यात्रा उतनी कठिन नहीं रही। खाने-पीने और आराम करने की व्यवस्था उपलब्ध हो जाती है। साथ ही साथ उचित स्थान पर मेडिकल की व्यवस्था भी रहती है।

तो याद रखिये, छोटा चार धाम की यात्रा का क्रम है - हरिद्वार से यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ। अगर आप धार्मिक रूप से इन चार धामों की यात्रा करते हैं तो क्रम यही रहेगा किन्तु अगर पर्यटन की इच्छा से यात्रा करते हैं तो आपका क्रम कुछ भी हो सकता है। ये इस बात पर भी निर्भर करता है कि यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन मिल रहा है या नहीं। कई बार भूस्खलन और बिगड़ते मौसम की वजह से रजिस्ट्रेशन नहीं मिल पाता है, ऐसे में यात्री दूसरे धामों की तरफ रुख कर लेते हैं।

नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।

Desktop Bottom Promotion