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चारधाम यात्रा पर बड़ा अपडेट, मोबाइल और कैमरा हुआ बैन, नहीं बना सकेंगे रील, जानें वजह और नया रूल
Char Dham Yatra 2026 Latest Update: अक्सर देखा गया है कि दर्शन के दौरान श्रद्धालु भक्ति से ज्यादा सोशल मीडिया के लिए 'रील' बनाने और फोटोग्राफी में व्यस्त रहते हैं, जिससे न केवल मंदिर की गरिमा प्रभावित होती है बल्कि आम यात्रियों को घंटों कतार में खड़े रहकर असुविधा झेलनी पड़ती है। वहीं पिछले साल यानी 2025 में फोटोग्राफी और रील बनाने को लेकर कई प्रकार के विवाद भी हुए जिनकी वजह से कानून व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई और उतराखंड सरकार की प्रशासन व्यवस्था पर भी उंगली उठाई गई। इसी अव्यवस्था को रोकने के लिए प्रशासन ने अब कमर कस ली है और 'नो फोटोग्राफी जोन' और 'मोबाइल बैन' के नियमों को सख्ती से लागू करने का आदेश दिया है।
अगर आप भी 2026 में आने वाली चारधाम यात्रा की प्लानिंग कर रहे हैं तो आपके लिए ये खबर बहुत काम की है वरना हो सकता है कि परेशानी का सामना करना पड़े। आइए विस्तार से जानते हैं कि क्या है नया रूल और इसके पीछे की असली वजह।

कब से शुरू होगी यात्रा?
उत्तराखंड में इस साल की चारधाम यात्रा को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। ऋषिकेश ट्रांजिट कैंप में हुई उच्च स्तरीय बैठक में गढ़वाल कमिश्नर और आईजी सहित तमाम बड़े अधिकारियों ने यात्रा को सुगम बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। बता दें कि इस साल चारधाम यात्रा का शुभारंभ 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर होगा। इसी दिन गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खोल दिए जाएंगे। हालांकि, कपाट खुलने की आधिकारिक घोषणा महाशिवरात्रि के पर्व पर बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) द्वारा की जाएगी।
मंदिरों में मोबाइल और कैमरा पूरी तरह क्यों बैन?
प्रशासन ने निर्णय लिया है कि केदारनाथ और बद्रीनाथ मंदिर परिसर में मोबाइल और कैमरों के इस्तेमाल पर सख्ती से पाबंदी रहेगी। बद्रीनाथ में सिंहद्वार से आगे फोन ले जाने की अनुमति नहीं होगी। यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि मंदिर की मर्यादा बनी रहे और 'रीलबाजी' के कारण होने वाली अव्यवस्था को रोका जा सके। पिछले साल की यात्रा में फोटोग्राफी और रील के चक्कर में कई बार विवाद हुए जिन्होंने कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए।
सोशल मीडिया क्रिएटर्स और व्लॉगर्स को झटका
यह नया नियम उन व्लॉगर्स और कंटेंट क्रिएटर्स के लिए एक बड़ा झटका है जो तीर्थस्थलों पर वीडियो बनाने के उद्देश्य से आते हैं। अक्सर फोटोग्राफी के चक्कर में आम श्रद्धालुओं को दर्शन के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता था। अब मंदिर के मुख्य क्षेत्र में वीडियोग्राफी पूरी तरह वर्जित होगी, जिससे आम भक्तों को दर्शन में आसानी होगी। ये खबर सच्चे दिल से आ रहे भक्तों के लिए तो अच्छी है लेकिन कंटेंट क्रिएटर्स के लिए एक बड़ा झटका है।
कहां ले सकेंगे फोटो और वीडियो?
कमिश्नर विनय शंकर पांडे ने स्पष्ट किया है कि श्रद्धालुओं को दर्शन के लिए प्रवेश करने से पहले अपने मोबाइल और कैमरे निर्धारित काउंटर पर जमा करने होंगे। मंदिर समिति इनके लिए सुरक्षित लॉकर की व्यवस्था करेगी। भक्त केवल मंदिर से बाहर निकलने के बाद परिसर की बाहरी पृष्ठभूमि (Background) में अपनी तस्वीरें या वीडियो ले सकेंगे। याद रखें कि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर उत्तराखंड सरकार की ओर से सख्त कदम उठाए जाएंगे।



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