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Dev Uthani Ekadashi Wishes In Sanskrit: देवउठनी एकादशी पर अपनों को भेजें ये दिव्य संस्कृत शुभकामनाएं और श्लोक
Dev Uthani Ekadashi Wishes In Sanskrit: चार महीनों की योगनिद्रा के बाद जब भगवान श्रीहरि विष्णु जागते हैं, तो पूरे ब्रह्मांड में मंगलमय तरंगें फैल जाती हैं। इस पवित्र अवसर को देवउठनी एकादशी या प्रबोधिनी एकादशी कहा जाता है। इस साल दो दिन एकादशी तिथि का योग बन रहा है। ऐसे में ग्रहस्थ लोग 1 नवंबर को और वैष्णव लोग 2 नवंबर को एकादशी व्रत रख सकते हैं। यह दिन केवल पूजा और व्रत का नहीं, बल्कि भक्ति, पुनर्जागरण और शुभारंभ का प्रतीक है।
ऐसे शुभ दिन पर अपने प्रियजनों को संस्कृत में शुभकामनाएं देना, न केवल परंपरा को सम्मान देना है बल्कि आस्था और संस्कारों का संदेश फैलाना भी है। आइए जानें देवउठनी एकादशी पर कहे जाने वाले सुंदर संस्कृत श्लोक, मंगलकामनाएं और शुभ संदेश, जिनसे आप अपने अपनों को श्रीहरि के आशीर्वाद से भर सकते हैं।

Dev Uthani Ekadashi 2025 - शुभकामना संदेश (Sanskrit Wishes with Hindi Meaning)
जय श्रीहरिः! सर्वे भवन्तु सुखिनः।
हे श्रीहरि! सब लोग सुखी रहें।
देवोत्थानदिनं मंगलमस्तु।
देवउठनी का यह दिन आपके लिए मंगलमय हो।
शुभं भवतु वः सर्वदा विष्णुकृपया।
भगवान विष्णु की कृपा से आपका जीवन सदा शुभ हो।
प्रबोधिनी एकादश्याः शुभाशयाः।
प्रबोधिनी एकादशी की हार्दिक शुभकामनाएँ।
विष्णोः कृपया आयुः आरोग्यं समृद्धिश्च लभ्यताम्।
भगवान विष्णु की कृपा से दीर्घायु, स्वास्थ्य और समृद्धि प्राप्त हो।
देवोत्थाने श्रीहरिः पथप्रदर्शकः भवतु।
देवउठनी पर भगवान श्रीहरि आपके मार्गदर्शक बनें।
एकादशीव्रतेन मनः शुद्धिं प्राप्नुहि।
एकादशी व्रत से मन की शुद्धि प्राप्त करें।
विष्णोः स्मरणं सर्वसिद्धिप्रदम्।
भगवान विष्णु का स्मरण सभी सिद्धियाँ देता है।
देवोत्थाने शुभफलानि प्राप्नुहि।
देवउठनी के दिन शुभ फलों की प्राप्ति हो।
श्रीहरिः त्वां सदा रक्षतु।
भगवान श्रीहरि आपकी सदैव रक्षा करें।
तुलसीविवाहोत्सवे सर्वे सौभाग्यं लभन्ताम्।
तुलसी विवाह पर्व पर सबको सौभाग्य प्राप्त हो।
भक्तिर्भवतु विष्णुपादयोः।
आपके हृदय में श्रीविष्णु के चरणों की भक्ति बनी रहे।
हरिनामस्मरणेन सर्वं सिद्ध्यति।
हरि नाम के स्मरण से सब सिद्ध होता है।
देवोत्थाने नूतनं जीवनं आरभ्यताम्।
देवउठनी पर नया जीवन प्रारंभ करें।
विष्णोः अनुग्रहः सर्वत्र भवतु।
भगवान विष्णु की कृपा हर दिशा में बनी रहे।
जयतु श्रीहरिः! पुनर्जागरणस्य शुभाशयाः।
जय श्रीहरि! पुनर्जागरण (देवउठनी) की शुभकामनाएँ।
भक्तिर्भवतु, शक्तिर्भवतु, शान्तिर्भवतु।
आपके जीवन में भक्ति, शक्ति और शांति बनी रहे।
देवोत्थानं भक्ति-प्रेरणां ददातु।
देवउठनी आपको भक्ति की प्रेरणा दे।
विष्णु-विवाह-दिनं सौभाग्यं वहतु।
विष्णु-तुलसी विवाह का दिन आपके लिए सौभाग्य लाए।
हरिनामस्मृत्या जीवनं मंगलं भवतु।
हरि नाम स्मरण से आपका जीवन मंगलमय हो।
Dev Uthani Ekadashi - संस्कृत फेसबुक / व्हाट्सऐप स्टेटस
"जय श्रीहरिः! देवोत्थान एकादशी की शुभाशयाः।"
जय श्रीहरि! देवउठनी एकादशी की शुभकामनाएँ।
"विष्णोः जागरणं शुभं करोतु।"
भगवान विष्णु का जागरण मंगल लाए।
"हरिनामः अमृतं - पिबतु सर्वजनः।"
हरि का नाम अमृत है, सब उसका सेवन करें।

"देवोत्थानं हर्षवर्धनं मनोहरं च।"
देवउठनी हर्ष और आनंद लाने वाला दिन है।
"जयतु श्रीहरिः, जयतु धर्मः।"
जय श्रीहरि, जय धर्म।
"विष्णु कृपया सर्वं सिद्ध्यति।"
विष्णु की कृपा से सब सिद्ध होता है।
"देवोत्थाने प्रेम, भक्ति, शान्तिः।"
देवउठनी पर प्रेम, भक्ति और शांति बनी रहे।
"हरिनामस्मरणं जीवनस्य आधारः।"
हरिनाम का स्मरण जीवन का आधार है।
"विष्णोः पादयोः नमः - भक्तिः सदा वर्धताम्।"
विष्णु के चरणों में नमस्कार, भक्ति सदा बढ़े।
"देवोत्थानं पुनः आरम्भस्य प्रतीकः।"
देवउठनी नए आरंभ का प्रतीक है।
"तुलसीविवाहं मंगलं भवतु।"
तुलसी विवाह का दिन शुभ हो।
"हरिः स्मृतिः दुःखं हरति।"
हरि का स्मरण सभी दुख हर लेता है।
"देवोत्थानं - आत्मजागरणस्य दिवसः।"
देवउठनी आत्म-जागरण का दिन है।
"जयतु विष्णुः, प्रकाशं ददातु।"
जय श्रीविष्णु, वे प्रकाश दें।
"विष्णुप्रेम्णा जगत् आलोक्यताम्।"
विष्णु प्रेम से जग प्रकाशित हो।
"देवोत्थानस्य निमित्तं आनन्दः अनन्तः।"
देवउठनी के अवसर पर आनंद अनंत हो।
"हरिनामं अमृतधारा।"
हरि नाम अमृत की धारा है।
"विष्णु भक्ति एव जीवनस्य सारः।"
विष्णु भक्ति ही जीवन का सार है।
"देवोत्थानं शुभं, जीवनं दिव्यम्।"
देवउठनी शुभ हो, जीवन दिव्य बने।
"जयतु भक्तिः, जयतु विष्णुः!"
भक्ति की जय हो, विष्णु की जय हो!
Dev Uthani Ekadashi - संस्कृत कोट्स (Sanskrit Quotes)
"भक्तिः परमं बलम्।"
भक्ति ही सबसे बड़ा बल है।
"हरिनामस्मरणं सर्वपापविनाशकं।"
हरिनाम का स्मरण सभी पापों को नष्ट करता है।
"देवोत्थानं आत्मजागरणस्य आरम्भः।"
देवउठनी आत्म-जागरण का प्रारंभ है।
"विष्णुः सर्वत्र वर्तते।"
भगवान विष्णु सर्वत्र विद्यमान हैं।
"श्रद्धा भक्ति च जीवनस्य सौन्दर्यम्।"
श्रद्धा और भक्ति जीवन का सौंदर्य हैं।
"तुलसीविवाहे सौभाग्यं प्रवहति।"
तुलसी विवाह पर सौभाग्य बहता है।
"विष्णुप्रेम्णा जगत् शान्तिमयम्।"
विष्णु प्रेम से जग शांतिमय होता है।
"हरिः सर्वं करोति मंगलम्।"
हरि सब कुछ मंगलमय कर देते हैं।
"भक्तस्य हृदये विष्णुः वसति।"
भक्त के हृदय में विष्णु निवास करते हैं।
"देवोत्थानं नवजीवनस्य प्रेरणा।"
देवउठनी नए जीवन की प्रेरणा है।
Dev Uthani Ekadashi - संस्कृत शायरी (Sanskrit Shayari with Hindi Meaning)
हरिनामं अमृतं दिव्यं,
भक्ते हृदि वसतु सदा।
हरि नाम अमृत समान है, वह सदा भक्त के हृदय में वास करे।
देवोत्थानं शुभं दिवसं,
विष्णुः प्रसीदतु सर्वदा।
देवउठनी का यह शुभ दिन, विष्णु सदैव प्रसन्न रहें।
भक्ते विष्णुप्रेम् आलोक्य,
दुःखं सर्वं नश्यति।
भक्ति में विष्णु प्रेम देखकर सारे दुख मिट जाते हैं।
तुलसीपत्रं समर्प्यति यः,
स लभते विष्णुलोकं ध्रुवम्।
जो तुलसीपत्र अर्पित करता है, वह निश्चय ही विष्णुलोक प्राप्त करता है।
देवोत्थानं हर्षवर्धनं,
जीवनं नूतनं भवेत्।
देवउठनी हर्ष बढ़ाती है, जीवन को नया बनाती है।
हरिनामेन निर्मलं मनः,
जयतु भक्तिः सनातनी।
हरिनाम से मन निर्मल होता है, सनातन भक्ति की जय हो।
विष्णोः कृपया सर्वं सिद्ध्यति,
भवतु मंगलं जगताम्।
विष्णु की कृपा से सब सिद्ध होता है, जगत मंगलमय हो।
जयतु श्रीहरिः दिव्यतेजः,
प्रकाशं कुरु हृदये मम।
जय श्रीहरि! अपने दिव्य प्रकाश से मेरा हृदय आलोकित करो।
देवोत्थाने जगत् हर्षितं,
भक्तो नमेत विष्णुपादयोः।
देवउठनी पर जग आनंदित होता है, भक्त विष्णु चरणों में नमन करता है।
भक्तिरसः अमृतधारा,
तेन जीवनं पूर्यताम्।
भक्ति का रस अमृतधारा है, उसी से जीवन को भर दो।



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