Latest Updates
-
Ganesh Chaturthi Decoration Ideas: गणेश चतुर्थी पर ऐसे सजाएं बप्पा का दरबार, कम खर्च में ये आइडियाज आएंगे काम -
Hartalika Teej 2026: हरतालिका तीज पर हाथों में लगी मेहंदी का चाहती हैं डार्क कलर, तो आजमाएं ये 4 आसान टिप्स -
Modak Recipe: गणेश चतुर्थी पर बप्पा के लिए घर पर बनाएं उनके प्रिय उकडिचे मोदक, जानें इसकी आसान रेसिपी -
Hartalika Teej 2026: हरतालिका तीज का व्रत कब है? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व -
ना मूर्ति, ना पुजारी, सूर्यास्त के बाद एंट्री भी मना, जानिए फिल्म 'The Vvaan' वाले वन देवी मंदिर का रहस्य -
नेपाल में बाढ़ के बाद भूकंप, इंडोनेशिया में फटा ज्वालामुखी, क्या बाबा वेंगा की भविष्यवाणी हुई सच? -
Pithori Amavasya 2026: आज या कल, पिठोरी अमावस्या कब है? जानें सही तारीख, स्नान-दान का शुभ मुहूर्त और महत्व -
World Suicide Prevention Day 2026: क्यों मनाया जाता है विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस? जानें इसका इतिहास और महत्व -
तांबे के बर्तन में पानी पीने से मिलेंगे ये 5 फायदे, डायजेशन के साथ इम्यूनिटी भी होगी मजबूत -
Ganesh Chaturthi 2026: कब है गणेश चतुर्थी? जानें तिथि, गणपति स्थापना का शुभ मुहूर्त और विसर्जन की तारीख
Shayani Ekadashi 2024: देवशयनी एकादशी के दिन इन कामों की है सख्त मनाही, इन कार्यों से होंगे श्रीहरि प्रसन्न
Devshayani Ekadashi 2024 Niyam: देवशयनी एकादशी पर भक्त भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करते हैं। माना जाता है कि इस दिन कठोर व्रत रखने से सुख, शांति और समृद्धि आती है। इस साल देवशयनी एकादशी 17 जुलाई 2024 को पड़ रही है।
वैसे तो साल में आने वाली सभी एकादशी तिथि शुभ होती है, मगर देवशयनी एकादशी का विशेष महत्व बताया गया है। ऐसी मान्यता है कि देवशयनी एकादशी तिथि से भगवान विष्णु क्षीर सागर में निद्रा अवस्था में चले जाते हैं। अगले चार महीने तक सभी तरह के मांगलिक कार्यों पर भी रोक लगा दी जाती है। आइये इस लेख के माध्यम से जानते हैं कि देवशयनी एकादशी के मौके पर कौन कौन से कार्य प्रतिबंधित हैं और किन कामों को करने से श्री हरी की कृपा प्राप्त होती है।

देवशयनी एकादशी का महत्व (Devshayani Ekadashi 2024)
देवशयनी एकादशी का व्रत हिंदू धर्म में सबसे अधिक पूजनीय व्रतों में से एक है। इसका धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व बहुत अधिक है। इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करने से भक्तों को आनंद और शांति मिलती है।
देवशयनी एकादशी पर क्या करें और क्या न करें (Devshayani Ekadashi Rules in Hindi)
भक्तों को इस दिन तुलसी के पत्ते नहीं तोड़ने चाहिए क्योंकि देवी तुलसी स्वयं श्री हरि के लिए व्रत रखती हैं। इसके बजाय, उन्हें एक दिन पहले तोड़कर पानी में डालकर इस्तेमाल के लिए रखा जा सकता है।
इस शुभ दिन पर शराब, मांस, प्याज, लहसुन जैसे तामसिक खाद्य पदार्थों का सेवन न करने की सलाह दी जाती है। इस व्रत के दौरान ब्रह्मचर्य का पालन करना भी बहुत ज़रूरी है। इसके अलावा साबुन से नहाने से भी बचना चाहिए।
चाहे व्रत हो या न हो, भक्तों को एकादशी के दिन चावल से बनी कोई भी चीज़ खाने से बचना चाहिए। ब्राह्मणों को भोजन और कपड़े बांटना बहुत पुण्य का काम माना जाता है।
इस तिथि पर श्री कृष्ण के महामंत्र का जाप और विष्णु सहस्रनाम का पाठ करना सभी भक्तों के लिए लाभकारी है। ऐसा माना जाता है कि ये कार्य इस दिन के आध्यात्मिक अनुभव को बढ़ाते हैं।
देवशयनी एकादशी के दिन किसी के बारे में बुरा बोलने से बचें। यह अभ्यास सकारात्मक वातावरण बनाए रखने में मदद करता है।
उपवास रखने वालों को उपवास से एक दिन पहले तामसिक भोजन से भी बचना चाहिए ताकि वे स्वयं को आध्यात्मिक और शारीरिक रूप से तैयार कर सकें।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications
