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Eid Ki Namaz Kaise Padhe: ईद के दिन पढ़ी जाती है खास नमाज, जानें सुन्नत का तरीका
Eid Ki Namaz Ka Tarika: इस्लामिक पाक़ महीने रमजान का अंत हो चुका है और अब ईद के चाँद का इंतज़ार भी खत्म हुआ। भारत में इस वर्ष 10 अप्रैल को चाँद रात हुई और 11 अप्रैल को ईद उल फितर का पर्व मनाया जाएगा।
इस लम्हे में रमजान के महीने को अलविदा कहा जाता है और अल्लाह का शुक्रिया अदा किया जाता है। भारत में 11 अप्रैल को ईद है। इस दिन ईद की नमाज़ पढ़ी जायेगी। ईद की नमाज़ में सुन्नत का तरीका रोज़ाना की नमाज़ से थोडा अलग होता है। जानते हैं ईद की नमाज़ की विशेष सुन्नतें-
Eid Ki Namaz Ki Niyat Kaise Kare, Eid ki Namaz ka Tarika

इस दिन सबसे पहले ईद उल फितर नमाज़ की नियत कर लें। "नियत की मैंने दो रकअत नमाज़ वाजिब ईदुल फित्र की मय ज़ाइद 6 तकबीरों के, वास्ते अल्लाह तआला के पीछे इस इमाम के, मुंह मेरा काबे शरीफ़ की तरफ" - अल्लाहु अकबर। अल्लाहु अकबर कहते समय दोनों हाथ कान तक उठाकर ले जाये, फिर हाथ बाँध ले।
इसके बाद ईद की नमाज में सबसे पहले सना पढ़े। "सुबहाना कल्ला हुम्मा व बिहम्दिका व तबारा कस्मुकाव त'आला जद्दुका वला इलाहा गैरुका" सना पढने के बाद दुबारा से हाथ कान तक ले जाए अल्लाहु अकबर कहकर हाथ छोड़ दे। दूसरी बार फिर से कान तक हाथ ले जाये और अल्लाहु अकबर कहकर हाथ छोड़ दे। इसके बाद तीसरी बार भी यही करना है लेकिन इस बार हाथ को छोड़ना नहीं बल्कि बाँध लेना है।
अब इमाम जो भी पढ़े उसे ध्यान से सुने इधर उधर ध्यान न दे। इमाम साहब अऊजु बिल्लाह, बिस्मिल्लाह और सूरए फातिहा अन्य सूरत पढ़ते हैं। इस दौरान बेहद ध्यान व ख़ामोशी से इमाम साहब को सुनना चाहिए।
दूसरी रकअत के लिये भी सज्दे से खड़े होने पर इमाम साहब बिस्मिल्लाह/सूरए फातिहा/अन्य सूरत पढ़ते हैं, वो भी एकदम ख़ामोशी से सुनें।
इसके बाद इमाम साहब "अल्लाहु अकबर" कहेंगे तब कानो तक अपने हाथ उठाए फिर हाथ छोड़ दे। इमाम दुबारा से अल्लाह हु अकबर कहेंगे। उस समय दुबारा से कान तक हाथ ले जाकर छोड़ दें। इसके बाद अंतिम एंव चौथी बार इमाम साहब "अल्लाहु अकबर" कहेंगे तब हाथ उठाये बिना सीधा रुकू में जायें और इमाम द्वारा बताए नियम के मुताबिक ईद की नमाज पूरी करे।
ईद की नमाज ख़त्म हो जाने के बाद इमाम साहब खुत्बा पढ़ते हैं जिसे बेहद ध्यान से सुने। खुत्बा सुनना वाजिब माना जाता है। इसके बाद आपस में गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दें।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



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