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Bakra Eid Ki Namaz Ka Tarika: यहां जानें ईद उल अजहा की नमाज़ का सही तरीका
Bakra Eid Ki Namaz Ka Tarika And Bakri Eid Ki Namaz Me Kitni Rakat Hai: ईद उल अजहा की नमाज़ इस्लाम धर्म में महत्वपूर्ण है और इसे विशेष तरीके से पढ़ा जाता है। ईद उल अज़हा, सबसे महत्वपूर्ण इस्लामी त्योहारों में से एक है, इस दिन विशेष नमाज अदा की जाती है।
यहाँ ईद उल अज़हा की नमाज़ अदा करने के तरीके के बारे में विस्तार से बताने की कोशिश की गयी है जिसमें दो रकात और छह अतिरिक्त तकबीर शामिल हैं। तो आइये यहां जानते हैं ईद उल अजहा की नमाज़ का सुन्नत तरीका और रकाअत के बारे में।

ईद-उल-अजहा 2024 कब है?
मुस्लिम समुदाय के लिए सबसे महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक, बकरीद, जिसे ईद-उल-अजहा के नाम से भी जाना जाता है, 17 जून 2024 को मनाया जाएगा। यह उत्सव भारत में ज़िलहिज्जा के चाँद के दिखने के बाद मनाया जाता है
Eid ul Adha Ki Namaz Ka Tarika (Eid ul Adha Namaz First Rakat)
यहां सबसे पहले आप ईद उल अजहा की नियत करेंगे।
अब इमाम को अल्लाहू अकबर कहने पर हांथो को बांध लें।
अगर नियत ना मालूम हो तो ये कहे कि जो नीयत इमाम की वही मेरी।
इसके बाद सना यानी 'सुब्हान क अल्लाहुम्मा' पूरा पढ़ें।
अब अल्लाहू अकबर कहने पर हांथ उठा कर छोड़ देना है।
फिर से अल्लाहू अकबर कहने पर हांथ उठा कर छोड़ दें।
तीसरी बार अल्लाहू अकबर कहने पर हांथ बांध लेना है।
यहां से अब इमाम साहब सब पढ़ेंगे आपको चुप रहना है।
पहले इमाम अउजुबिल्लाह मिनश शैतानीर्रजीम पढ़ेंगे।
अब तस्मियह यानी बिस्मिल्लाह हिर्रहमान निर्रहिम पढ़ेंगे।
इसके बाद सूरह फातिहा यानी अलहम्दु शरीफ पुरा पढ़ेंगे।
सूरह फातिहा पढ़ने के बाद आहिस्ते से आमिन आप भी कहें।
इसके बाद कोई एक सूरह या 3 आयत पढ़ा जाएगा।
इसके बाद अल्लाहु अकबर कहने पर रूकूअ में जाएंगे।
रूकूअ में 3, 5, या 7 बार सुब्हान रब्बियल अज़ीम पढ़ें।
फिर समिअल्लाहु लिमन हमिदह कहते हुए रूकूअ से उठेंगे।
आप रूकूअ से उठते हुए रब्बना लकल हम्द कहेंगे।
इसके बाद अल्लाहु अकबर कहते हुए सज्दे में जाएं।
सज्दे में कम से कम तीन बार सुब्हान रब्बियल अला पढ़ें।
फिर अल्लाहु अकबर कहने पर उठ कर बैठ जाएंगे।
फिर तुरंत अल्लाहु अकबर कहने पर दूसरी सज्दा करें।
दूसरी सज्दा में भी तीन बार सुब्हान रब्बियल अला पढ़ें।
अब अल्लाहु अकबर कहने पर दुसरी रकात के लिए खड़े हो जाएं।
Eid ul Adha Ki Namaz Ka Tarika (Eid ul Adha Namaz 2nd Rakat)
पहले यहां पर तअव्वुज और तस्मियह पढ़ा जाएगा।
इमाम साहब अउजुबिल्लाह और बिस्मिल्लाह शरीफ पढ़ेंगे।
इसके बाद यहां भी सूरह फातिहा बुलन्द आवाज में पढ़ेंगे।
फिर यहां भी कोई एक सूरह या आयत को पढ़ा जाएगा।
अब यहां पर तकबीरें बोली जाएगी आप ध्यान दें।
पहली बार अल्लाहु अकबर कहने पर हाथ उठा कर छोड़ना है।
दुसरी बार भी अल्लाहू अकबर कहने पर हांथ उठा कर छोड़ दें।
यहां तिसरी बार भी अल्लाहू अकबर कहने पर हांथ को छोड़ दें।
चौथी बार अल्लाहू अकबर कहने पर बगैर हांथ को उठाए।
आप अब रूकुअ में जाएंगे हर बार की तरह ध्यान रहे।
रूकूअ में कम से कम 3 बार सुब्हान रब्बियल अज़ीम पढ़ें।
फिर समिअल्लाहु लिमन हमिदह कहते हुए रूकूअ से उठेंगे।
आप साथ ही रब्बना लकल हम्द कहते हुए रूकुअ से उठेंगे।
इसके बाद तुरंत अल्लाहु अकबर कहते हुए सज्दा में जाएंगे।
सज्दे में भी कम से कम 3 बार सुब्हान रब्बियल अला पढ़ें।
फिर अल्लाहु अकबर कहते हुए सज्दे से उठेंगे।
फिर फ़ौरन अल्लाहु अकबर कहते हुए दूसरी सज्दा करेंगे।
दूसरी सज्दा में भी ज़रूर 3 बार सुब्हान रब्बियल अला पढ़ें।
अब अल्लाहु अकबर कहते हुए सज्दे से उठ कर बैठ जाएंगे।
इसके बाद तशह्हुद यानी अत्तहिय्यात पढ़ा जाता है।
अत्तहिय्यात पढ़ते हुए कलिमे ला पर उंगली खड़ा करेंगे।
फिर तुरंत इल्ला पर उंगली गिरा कर सीधी कर लेंगे।
इसके बाद दुरूदे इब्राहिम पढ़ें फिर दुआ ए मसुरा पढ़ें।
अब अस्सलामु अलैकुम व रहमतुल्लाह कहने पर सलाम फेर लें।
पहले अस्सलामु अलैकुम व रहमतुल्लाह कहते हुए दाहिने तरफ गर्दन घुमाएंगे।
फिर दुसरी बार अस्सलामु अलैकुम व रहमतुल्लाह कहते हुए बाएं तरफ गर्दन घुमाएंगे।
यहां तक आपकी 2 रकात ईद उल अजहा की नमाज मुकम्मल हो गई इसके बाद खुतबा होता है आप चुपचाप सब बैठे बैठे सुनेंगे।
ईद उल अजहा की नमाज पढ़ने का सही तरीका
आपको सिर्फ इस बात पर ध्यान रखना चाहिए कि ईद उल अजहा की नमाज में नियत के बाद अल्लाहू अकबर कहने पर हांथ बांध कर सना पढ़ना है।
इसके बाद आप अल्लाहू अकबर कहने पर हाथ उठा कर छोड़ दें फिर दूसरी बार भी हाथ उठा कर छोड़ देना है। तीसरी बार अल्लाहू अकबर कहने पर हाथ बांध लेने हैं।
इसके बाद सूरह फातिहा और सूरह आयत पढ़ी जाती है। चुप रहना है। पढ़ने के बाद अल्लाहू अकबर कहने पर रुकुअ और सज्दा करें।
यहां तक ईद उल अजहा की नमाज की पहली रकात हो जाएगी दूसरी रकात में उठते उठते सूरह फातिहा और सूरह आयत पढ़ी जाएगी।
इसके बाद तीन जायद तकबीर होगी तो ध्यानरहे पहली बार अल्लाहू अकबर कहने पर हांथ उठा कर छोड़ देना है दूसरी बार भी छोड़ दें और तीसरी बार भी अल्लाहू अकबर कहने पर हांथ उठा कर छोड़ देना है।
इसके बाद चौथी बार अल्लाहू अकबर रूकुअ में जाने के लिए कहा जाएगा यहां पर बगैर हाथ उठाए रूकुअ में जाएंगे। इसके बाद बाकी नमाज़ की तरह होती है।
इन बातों का ध्यान रखकर आप आसानी से ईद उल अजहा की नमाज पढ़ सकेंगे।
ईद उल अजहा की नमाज की नियत
नियत की मैने 2 रकात नमाज़ ईदुल अजहा की वाजिब जाइद छः तकबीरों के वास्ते अल्लाह तआला के मुंह मेरा काबा शरीफ की तरफ अल्लाहु अकबर।
इमाम के पीछे नियत करें
नियत की मैने 2 रकात नमाज़ ईदुल अजहा की वाजिब जाइद छः तकबीरों के वास्ते अल्लाह तआला के पीछे इस इमाम के मुंह मेरा काबा शरीफ की तरफ।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



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