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Eid-ul-Fitr 2023: भारत में कब मनाई जाएगी ईद-उल-फितर, जानें मतलब, इतिहास, अहमियत और फैक्ट्स
ईद उल फितर पूरी दुनिया में मनाया जाने वाले इस्लामी फेस्टिवल्स में से एक है। जो रमजान के पाक महीने के अंत में सेलिब्रेट किया जाता है। ये दिन रमजान का महीना अच्छे से गुजरने और इस दौरान हेल्थ और सहनशक्ति देने के लिए अल्लाह पाक को इसके लिए शुक्रिया अदा किया जाता है। दुनियाभर का मुसलमान अल्लाह को उनके ब्लैसिंग और गिफ्ट्स के लिए शुक्रिया अदा करते हैं। ईद उल फितर 2023 मुसलमानों के बीच भाईचारे और एकजुटता को बढ़ावा देने के लिए मनाया जाता है। ईद उल फितर पर, ईद की नमाज के बाद ईद उल फितर की मुबारकबाद देते हैं।
ईद अल फितर का मतलब
ईद उल फितर का मतलब है 'रोजा तोड़ने का त्योहार'। ईद उल फितर इस्लामिक कैलेंडर के शव्वाल महीने के पहले दिन पड़ने वाला अल्लाह पाक का शुक्रिया अदा करने के लिए और जश्न मनाने के लिए दुनिया भर में बड़े पैमाने पर दावतों के साथ आयोजित एक फेस्टिवल है।

ईद उल फितर 2023 तारीख
ईद उल फितर की सही तारीख हर साल अलग होती है, इसकी डेट चांद के देखे जाने के अनुसार अलग-अलग होती है, जो कि अमावस्या की अगली रात होती है। भारत में ईद 23 अप्रैल को भी मनाई जा सकती है। भारत में 24 मार्च से रमजान महीने की शुरुआत हुई है। अगर भारत में 22 अप्रैल को ईद मनाई जाती है तो रमजान के कुल 29 रोजे ही पूरे होंगे। वहीं पाकिस्तान और अरब देशों में रमजान के 30 रोजे पूरे हो जाएंगे। हालांकि 29 दिनों के रोजे के बाद भी ईद मनाई जा सकती है।
ईद उल फितर का इतिहास
बद्र की लड़ाई में जीत का जश्न मनाने के लिए 624 CE में पैगंबर मुहम्मद (PBUH) ने इस फेस्टिवल की शुरूआत की थी। तब से, ईद उल फितर इस्लाम में सबसे अहम दिनों में से एक बन गया है। ईद उल फितर की शुरूआत के बारें में पता चलता है कि मक्का से मदीना में पैगंबर मुहम्मद (PBUH) के हिजरत के वक्त ये फेस्टिवल और फैल गया।

ईद उल फितर का महत्व
ईद उल फितर पेशेंस, प्योरिटी, डिवोशन जैसे गुणों का प्रतीक है। ये त्योहार का दिन है क्योंकि जो लोग रमजान के दौरान फास्ट या रोजा रखते हैं उन्हें टफ स्पिरिचुअल डिसिप्लिन और महीने भर की इबादत का रिवॉर्ड मिलता है। इस पाक दिन पर, मुसलमान रमजान के पाक महीने के जरीए अल्लाह पाक से अपने गुनाहों की माफी और रहम के दरवाजे खोलने के लिए उनका शुक्रिया करते हैं।
पैगंबर मुहम्मद (PBUH) खुद ये देख करते थे कि सभी जरूरतमंद, गरीब और विधवाएं ईद उल फितर की खुशियों को शेयर कर सकें। वो दिन है जब सभी मुसलमानों को अपना ब्लैसिंग देखनी चाहिए और उन लोगों की मदद करनी चाहिए जिन्हें इसकी जरूरत है।

ईद उल फितर 2023 कैसे मनाएं
1. ईद की नमाज अदा करें
इसे ईद सलाह के रूप में भी जाना जाता है, ईद उल फितर पर रोजा तोड़ने पर सभी मुसलमानों द्वारा ईद की नमाज अदा की जाती है। इस नमाज़ में छह या बारह एक्स्ट्रा तकबीर के साथ दो रकात नमाज शामिल होती हैं। पहली रकअत में 7 तकबीर होती है और दूसरी रकात में 5 तकबीर होती है। इन नमाज का परपज़ मुसलमानों को रमजान के पाक महीने में अल्लाह पाक की ब्लैसिंग्स देने और इबादत करने में सक्षम बनाने के लिए अल्लाह पाक का शुक्रिया अदा किया जाता है। ईद की नमाज़ आमतौर पर दोस्तों, परिवार और अन्य साथी मुसलमानों के साथ पढ़ी जाती है।

2. ज़कात अल-फितर अदा करें और दान करें
ईद उल फितर को चैरिटी का दिन भी माना जाता है। मुसलमान ज़कात अल-फितर अदा करते हैं, जो चैरिटी में एक कंपलसरी, उनके लिए जो देने में सक्षम होते है। कई मुसलमान फूड बैंकों में स्वेच्छा से जरूरतमंद लोगों को खाना बांटते हैं।

3. मजेदार और अलग-अलग तरह की खानें बनते हैं
ईद उल फितर पर मुसलमानों को रोजा रखना हराम है। त्योहार की शुरुआत हल्के नाश्ते से होती है जिसमें पारंपरिक रूप से खजूर और कुछ मिठाइयां शामिल होती हैं। फिर, दोपहर के भोजन के दौरान, परिवार और दोस्त इकट्ठा होते हैं और सैवईयां, कबाब, दही वड़े जैसे व्यंजनों का आनंद लेते हैं। बिरयानी, कबाब, निहारी के बिना तो दावत पूरी नहीं होती है। ईद की नमाज अदा करने के बाद मुसलमान अपने दोस्तों, रिश्तेदारों और परिचितों के साथ इकट्ठा होते हैं।



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