Latest Updates
-
वायरल बुखार, खांसी-जुकाम और इंफेक्शन से बचने के लिए करें ये 5 योगासन, इम्यूनिटी होगी बूस्ट -
‘बबीता सिंह रिपोर्टिंग’ के बाद निमिषा सजयन ने ऐसे घटाया 14 किलो वजन, एक्ट्रेस ने शेयर की वेट लॉस जर्नी -
Paryushana Mahaparva 2026: आज से शुरू हुआ हुआ पर्युषण महापर्व, जानें आठ दिनों का महत्व और नियम -
पेरिस में बना फ्रांस का पहला पारंपरिक हिंदू मंदिर, 1970 के संकल्प से 2026 तक ऐसे पूरा हुआ सफर -
International Literacy Day 2026: क्यों मनाया जाता है अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस? जानें इतिहास, महत्व और थीम -
International Literacy Day 2026: साक्षरता दिवस पर ये संदेश भेज सबको करें जागरूक, बताएं पढ़ने-लिखने का महत्व -
Aja Ekadashi Vrat Katha: अजा एकादशी पर पढ़ें ये व्रत कथा, मिलेगा अश्वमेध यज्ञ के बराबर पुण्य -
Aja Ekadashi 2026: नारायण की कृपा...इन संदेशों के साथ अपने प्रियजनों को भेजें अजा एकादशी की शुभकामनाएं -
National Nutrition Week: प्रेग्नेंसी में जरूरी है सही न्यूट्रिशन, जानें गर्भावस्था में क्या खाएं-क्या न खाएं -
Aja Ekadashi 2026: कब है अजा एकादशी? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, महत्व, पूजा विधि और पारण समय
First Shukrawar of 2025: पूरे साल मिलेगा मां लक्ष्मी का आशीर्वाद, बस आज कर लें इन मंत्रों का जाप
First Shukrawar of 2025: हिंदू धर्म में हर दिन किसी न किसी देवता को समर्पित होता है। शुक्रवार का दिन धन की देवी माता लक्ष्मी और सुख-वैभव के कारक शुक्र ग्रह को समर्पित है। शुक्र ग्रह को भौतिक सुख-सुविधाओं, रोमांस और विलासिता का प्रतीक माना जाता है।
साल 2025 का पहला शुक्रवार 3 जनवरी को है, और यह दिन माता लक्ष्मी का आशीर्वाद पाने और शुक्र ग्रह को मजबूत करने के लिए खास माना गया है।

अगर आप अपने जीवन में सुख-समृद्धि और सौभाग्य चाहते हैं, तो शुक्रवार के दिन कुछ खास मंत्रों का जाप करें। यह मंत्र आपके घर में धन-धान्य और खुशहाली लाने में मदद कर सकते हैं।
माता लक्ष्मी के मंत्र
1. लक्ष्मी बीज मंत्र:
ऊँ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं ऊँ महालक्ष्मी नम:।
2. श्री लक्ष्मी महामंत्र:
ऊँ श्रीं ल्कीं महालक्ष्मी महालक्ष्मी एह्येहि सर्व सौभाग्यं देहि मे स्वाहा।
3. आर्थिक स्थिति के लिए:
ऊँ ह्रीं श्री क्रीं क्लीं श्री लक्ष्मी मम गृहे धन पूरये, धन पूरये, चिंताएं दूरये-दूरये स्वाहा।
4. सुख-समृद्धि मंत्र:
या रक्ताम्बुजवासिनी विलासिनी चण्डांशु तेजस्विनी।
या रक्ता रुधिराम्बरा हरिसखी या श्री मनोल्हादिनी।
या रत्नाकरमन्थनात्प्रगटिता विष्णोस्वया गेहिनी।
सा मां पातु मनोरमा भगवती लक्ष्मीश्च पद्मावती।
शुक्र ग्रह के मंत्र
1. तांत्रिक मंत्र:
ऊँ ह्रीं श्रीं शुक्राय नमः।
ऊँ द्रां द्रीं द्रौं सः शुक्राय नमः।
ऊँ वस्त्रं मे देहि शुक्राय स्वाहा।
2. पौराणिक मंत्र:
ऊँ हिमकुन्दमृणालाभं दैत्यानां परमं गुरुम।
सर्वशास्त्रप्रवक्तारं भार्गवं प्रणमाम्यहम।
3. शुक्र गायत्री मंत्र:
"ॐ भृगुराजाय विद्महे दिव्य देहाय धीमहि तन्नः शुक्र प्रचोदयात।"
4. शुक्र बीज मंत्र:
ऊँ शुं शुक्राय नमः।
5. वैदिक मंत्र:
ऊँ अन्नात्परिस्रुतो रसं ब्रह्मणा व्यपिबत क्षत्रं पय: सेमं प्रजापति।
इन मंत्रों का श्रद्धा और विधि-विधान से जाप करने से न केवल धन-समृद्धि प्राप्त होती है, बल्कि शुक्र ग्रह की अशुभता भी कम होती है। इस शुक्रवार को इन उपायों को अपनाकर अपने जीवन में सुख-शांति और वैभव को बढ़ाएं।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications
