Latest Updates
-
नसों में जमा कोलेस्ट्रॉल को कम कर सकते हैं ये 5 योगासन, नियमित अभ्यास से हार्ट डिजीज का खतरा होगा कम -
चेहरे पर नारियल तेल में मिलाकर लगाएं कॉफी पाउडर, स्किन की इन 5 समस्याओं से मिलेगा छुटकारा -
Myth Vs Fact: टाइट ब्रा पहनने से ब्रेस्ट कैंसर होता है? डॉक्टर से जानिए ऐसे ही 10 मिथ और उनकी सच्चाई -
Karwa Chauth Kab Hai 2026: करवा चौथ कब है? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त और चांद दिखने का सटीक समय -
डायबिटीज में नारियल पानी पिएं या नींबू पानी? जानें शुगर कंट्रोल के लिए क्या है बेहतर -
Papankusha Ekadashi Vrat Katha: पापांकुशा एकादशी पर जरूर पढ़ें ये व्रत कथा, सभी पापों से मिलेगी मुक्ति -
Papankusha Ekadashi 2026 Wishes: विष्णु जी की कृपा...पापांकुशा एकादशी पर अपनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
पार्टी में जल्दी बिगड़ जाता है मेकअप? केकी और पैची लुक से बचने के लिए अपनाएं ये 5 टिप्स -
दशहरा के बाद दिल्ली की हवा हुई जहरीली, 200 के पार पहुंचा AQI, प्रदूषण से बचाव के लिए फॉलो करें ये टिप्स -
कुल्लू दशहरा में नहीं जलता रावण का पुतला, देवलोक से आते हैं देवी-देवता, जानिए क्या है सदियों पुरानी परंपरा
Ganesh Chaturthi Par Na Dekhe Chaand: सच में गणेश चतुर्थी पर चांद देखने से लग जाता है कलंक? जानें रोचक कथा
Ganesh Chaturthi Par Chaand Kyu Nahi Dekhna Chahiye: वैसे चांद को देखने से शीतलता प्राप्त होती है रचनात्मकता बढ़ती है और मनुष्य प्रसन्न हो जाता है। चांद की खूबसूरती को लेकर कहानियां और शेरो शायरी तक बनी हैं।
लेकिन अगर आपने चांद को गौर से देखा हो तो ये नोटिस जरूर किया होगा कि चांद पर काले काले धब्बे भी दिखते हैं। इन काले धब्बों को वैज्ञानिक क्रेटर बोलते हैं जो दूर होने की वजह से हमें काले धब्बे जैसे लगते हैं।

लेकिन अगर हिन्दू धार्मिक मान्यताओं को देखें और ज्योतिष में इसका कारण जानें तो बहुत रोचक कथा मिलती है। इन काले धब्बों का सम्बन्ध गणेश जी के जन्म से भी है। साथ ही साथ गणेश चतुर्थी के दिन चांद को देखने की मनाही भी है। आइये आपको बताते हैं वो कथा।
गणेश चतुर्थी पर क्यों है चांद देखने की मनाही?
शिव पार्वती के पुत्र और विघ्नहर्ता गणेश का जन्म भादो माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को हुआ था। इस दिन को विनायक चतुर्थी के नाम से जाना जाता है। जब मां पार्वती स्नान कर रही थीं उस वक़्त शिव जी मिलने आये लेकिन गणेश ने शिवजी को मिलने से रोक दिया क्योंकि मां पार्वती का आदेश था कि किसी को भी घर के अंदर नहीं आने दे।
इससे क्रोधित शिव ने गणेश का सर काट दिया। बाद में मां पार्वती अपने पुत्र को इस हालत में देख बहुत रोई तो शिव ने गणेश के धड़ पर हाथी का सर लगा दिया और इससे गजानन गणेश का फिर से जन्म हुआ। इसके बाद जब गणेश धरती का भ्रमण कर रहे थे तो सभी इनका स्तुति गान करने लगे लेकिन चांद चुपचाप अपनी सुंदरता का घमंड लिए मुस्कुरा रहा था। इस बात से गणेश क्रोधित हो उठें और उन्होंने चाँद को श्राप दिया कि जा तुझ पर काले धब्बे पड़ जाएं।
इस दिन के बाद से गणेश चतुर्थी जो गणेश जी का जन्मदिवस है उस दिन चांद को देखना अशुभ होता है क्योंकि इसी दिन गणेश ने चांद को श्राप दिया था। यहां तक की कृष्ण ने भी गलती से गणेश चतुर्थी के दिन चांद देख लिया था तो उनपर भी मिथ्या आरोप लग गया था। इसलिए इस दिन को कलंक चतुर्थी भी कहते हैं। गणेश चतुर्थी से गणेश उत्सव प्रारम्भ होता है अंनत चतुर्दशी तक चलता है।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications
