Latest Updates
-
Holi 2026: होली में ज्यादा पी ली है भांग, तो नशा उतारने के लिए आजमाएं ये घरेलू उपाय -
क्यों जलाई जाती है होलिका और क्यों खेलते हैं रंग? जानें होली से जुड़ी 5 अद्भुत और प्राचीन पौराणिक कहानियां -
Holi 2026 Insta Captions: होली की पोस्ट के साथ शेयर करें ये शानदार कैप्शन, मिलेंगे ढेरों लाइक्स और कमेंट्स -
Holi 2026 Wishes In Sanskrit: इन संस्कृत श्लोकों और संदेशों से अपनों को दें होली की शुभकामनाएं -
Holi Wishes for Nanad-Nandoi: ननद-नंदोई को होली पर करें ऐसे विश, सासु मां कहेंगी- 'मेरी बहू सबसे प्यारी' -
नाखूनों से होली का पक्का रंग छुड़ाने के लिए आजमाएं ये घरेलू उपाय, मिनटों में दूर हो जाएंगे सारे निशान -
Holi 2026: रंगों की मस्ती में न आए कोई परेशानी, इन सावधानियों के साथ मनाएं सुरक्षित होली -
क्या Chandra Grahan के दौरान शारीरिक संबंध बनाना सही है? जानें क्या कहते हैं शास्त्र और नियम -
Holi Wishes 2026 For In-Laws: सास-ससुर से लेकर साले-साली तक; होली पर ससुराल वालों को भेजें ये प्यार भरे संदेश -
Chandra Grahan 2026: आज साल का पहला पूर्ण चंद्र ग्रहण; अनिष्ट से बचने के लिए राशि अनुसार करें इन चीजों का दान
Guru Purnima 2025: गुरु पूर्णिमा पर गुरु को क्या भेंट करें? शास्त्रों में बताए गए 5 श्रेष्ठ दान
Guru Purnima 2025 Daan : हिंदू धर्म में गुरु पूर्णिमा का पर्व अत्यंत पवित्र और विशेष महत्व रखता है। यह दिन गुरु के प्रति श्रद्धा, भक्ति और कृतज्ञता प्रकट करने का अवसर होता है। वेदों और शास्त्रों में गुरु का स्थान ईश्वर से भी ऊंचा बताया गया है - "गुरु ब्रह्मा, गुरु विष्णु, गुरु देवो महेश्वरः, गुरु साक्षात् परब्रह्म, तस्मै श्री गुरवे नमः।" गुरु ही जीवन में अज्ञान के अंधकार को मिटाकर ज्ञान का प्रकाश फैलाते हैं।
ऐसे में गुरु पूर्णिमा पर उन्हें प्रसन्न करने के लिए विशेष दान-पुण्य करने की परंपरा है। शास्त्रों के अनुसार, इस दिन गुरु को कुछ विशिष्ट चीजों का दान करना बेहद शुभ और फलदायक माना जाता है। आइए जानते हैं वे कौन-सी चीजें हैं:

1. पीले वस्त्रों का दान करें
गुरु पूर्णिमा के दिन पीले रंग का विशेष महत्व होता है। यह रंग ज्ञान, शुद्धता और समर्पण का प्रतीक माना गया है। इस दिन अपने गुरु को पीले रंग के वस्त्र जैसे कि धोती, कुर्ता, अंगवस्त्र या पीली चादर दान करना अत्यंत पुण्यदायक होता है। इससे गुरु प्रसन्न होकर अपने शिष्य को आशीर्वाद स्वरूप विद्या, बल और सफलता प्रदान करते हैं। पीले वस्त्र सूर्य और बृहस्पति ग्रह का भी प्रतिनिधित्व करते हैं, जो ज्ञान और बुद्धि के कारक माने जाते हैं।
2. धार्मिक ग्रंथ या पुस्तकें दान दें
गुरु ज्ञान के भंडार होते हैं। उन्हें धार्मिक ग्रंथ जैसे श्रीमद्भगवद्गीता, रामायण, उपनिषद, या ध्यान-योग से जुड़ी पुस्तकें भेंट करना शुभ माना जाता है। इस प्रकार का दान गुरु की प्रसन्नता प्राप्त करने के साथ-साथ शिष्य के आत्मिक और बौद्धिक विकास में भी सहायक होता है। यदि संभव हो तो पुस्तकों को सुंदर कपड़े में लपेटकर श्रद्धा सहित भेंट करें।
3. सात्विक आहार एवं फल अर्पित करें
गुरु को सात्विक आहार जैसे ताजे फल, सूखे मेवे, देशी घी से बनी मिठाइयां, गौ-दूध और उससे बनी खीर या पेड़ा आदि अर्पण करना अत्यंत फलदायक माना गया है। यह दान न केवल गुरु के स्वास्थ्य की कामना करता है, बल्कि इसमें शिष्य की श्रद्धा, सेवा और विनम्रता का भाव भी झलकता है। पुराणों में भी बताया गया है कि फल, अन्न और मिठाई का दान विशेष पुण्य देने वाला होता है।
4. चांदी या ताम्र पात्र का दान करें
गुरु को पूजा या जलपान हेतु चांदी या तांबे के पात्र जैसे लोटा, गिलास, थाली आदि दान में देना अत्यंत शुभ माना गया है। चांदी जहां शुद्धता और चंद्रमा की शीतलता का प्रतीक है, वहीं तांबा अग्नि और ऊर्जा का संकेत देता है। ये धातुएं गुरु की शांति, करुणा और तेज को दर्शाती हैं। इस प्रकार का दान सौभाग्य, आयु और पुण्य में वृद्धि करता है।
5. यथाशक्ति दक्षिणा दें
गुरु को यथाशक्ति दक्षिणा देना प्राचीन परंपरा है। दक्षिणा में आप धन, वस्त्र, अन्न, स्वर्ण, चांदी या अन्य उपयोगी वस्तुएं दे सकते हैं। यदि भौतिक रूप से कुछ देना संभव न हो, तो श्रद्धा, सेवा और समर्पण के साथ एक लोटा जल, फूल और हाथ जोड़कर प्रणाम करना भी श्रेष्ठ माना गया है। गुरु का आशीर्वाद ही जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है, जो जीवन में सुख, शांति और सफलता लाता है।



Click it and Unblock the Notifications











