Latest Updates
-
अब 1000 से 2000 रूपये में किराए पर मिलेगा गरबा पार्टनर, वारयल पोस्ट ने सोशल मीडिया पर मचाया बवाल -
World Alzheimer's Day 2026: भूलने की आदत कहीं अल्जाइमर का शुरुआती संकेत तो नहीं, जानें इसके लक्षण और इलाज -
Shardiya Navratri 2026: शारदीय नवरात्रि कब से शुरू? जानें घटस्थापना का शुभ मुहूर्त और अष्टमी-नवमी की तारीख -
बार-बार पेशाब आना इन 5 बीमारियों का होता है संकेत, डॉक्टर से जानें बचाव के उपाय -
Parivartini Ekadashi 2026: कब है परिवर्तिनी एकादशी? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, महत्व, पूजा विधि और पारण का समय -
International Day of Peace 2026: क्यों मनाया जाता है अंतर्राष्ट्रीय शांति दिवस? जानिए इसका इतिहास, महत्व व थीम -
World Gratitude Day 2026: जिन्होंने हर सुख-दुख में दिया आपका साथ, उन्हें इन खूबसूरत संदेशों से कहें शुक्रिया -
किस विटामिन की कमी से चक्कर आते हैं? जानें कैसे करें कमी को पूरा -
दीपिका पादुकोण और रणवीर सिंह दूसरी बार बने माता-पिता, एक्ट्रेस ने राधा अष्टमी पर दिया बेटी को जन्म -
Oscars 2027: सिर्फ 90 लाख कमाने वाली ‘गोंधल’ ने 33 फिल्मों को पछाड़ा, बनी भारत की ऑफिशियल एंट्री
Guru Purnima 2026: कब है गुरु पूर्णिमा? जानिए सही तिथि, शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि
Guru Purnima 2026: गुरु पूर्णिमा हिंदू धर्म के सबसे पवित्र और महत्वपूर्ण पर्वों में से एक है। हर साल आषाढ़ मास की पूर्णिमा तिथि पर गुरु पूर्णिमा का त्योहार मनाया जाता है। यह दिन गुरु के प्रति श्रद्धा, सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए समर्पित माना जाता है। सनातन धर्म में गुरु का स्थान इश्वर से भी ऊपर माना गया है। मान्यता है कि गुरु ही व्यक्ति को अज्ञान के अंधकार से निकालकर ज्ञान और सही मार्ग की ओर ले जाते हैं। गुरु पूर्णिमा का पर्व धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। आइए जानते हैं कि गुरु पूर्णिमा की तिथि, शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि के बारे में -

गुरु पूर्णिमा 2026 तिथि और शुभ मुहूर्त
साल 2026 में गुरु पूर्णिमा का पर्व बुधवार, 29 जुलाई को मनाया जाएगा। इस दिन गुरु की पूजा, उनका आशीर्वाद लेना और धार्मिक कार्य करना अत्यंत शुभ माना जाता है।
पूर्णिमा तिथि प्रारंभ: 28 जुलाई 2026, शाम 6:18 बजे
पूर्णिमा तिथि समाप्त: 29 जुलाई 2026, रात 8:05 बजे
पूजा का शुभ समय: 29 जुलाई को सुबह 5:41 बजे से 9:05 बजे तक
गुरु पूर्णिमा 2026: स्नान-दान के शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:17 से 4:59 तक
लाभ-उन्नति मुहूर्त: सुबह 5:41 से 7:22 तक
अमृत मुहूर्त: सुबह 7:22 से 9:04 तक
शुभ मुहूर्त: सुबह 10:46 से दोपहर 12:27 तक
चर मुहूर्त: दोपहर 3:51 से शाम 5:32 तक
लाभ मुहूर्त (सांय): शाम 5:32 से 7:14 तक
गुरु पूर्णिमा क्यों मनाई जाती है?
गुरु पूर्णिमा भारतीय संस्कृति में गुरु-शिष्य परंपरा का प्रतीक पर्व है। इस दिन शिष्य अपने गुरु के प्रति सम्मान व्यक्त करते हैं और उनके आशीर्वाद से ज्ञान, सफलता और अच्छे जीवन की कामना करते हैं।
महर्षि वेद व्यास की जयंती
गुरु पूर्णिमा को व्यास पूर्णिमा भी कहा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन महाभारत के रचयिता और चारों वेदों का संकलन करने वाले महर्षि वेद व्यास का जन्म हुआ था। इसलिए इस दिन उन्हें विशेष श्रद्धा के साथ याद किया जाता है।
आदि गुरु भगवान शिव से जुड़ी मान्यता
मान्यता है कि इसी दिन भगवान शिव ने आदि गुरु के रूप में सप्तऋषियों को योग और आध्यात्मिक ज्ञान का उपदेश दिया था। यही कारण है कि गुरु पूर्णिमा को गुरु-शिष्य परंपरा का विशेष पर्व माना जाता है।
बौद्ध और जैन धर्म में भी विशेष महत्व
गुरु पूर्णिमा का महत्व केवल हिंदू धर्म तक सीमित नहीं है। बौद्ध मान्यता के अनुसार, इसी दिन भगवान बुद्ध ने सारनाथ में अपने प्रथम उपदेश के माध्यम से धर्मचक्र प्रवर्तन की शुरुआत की थी। वहीं जैन धर्म में यह दिन भगवान महावीर और उनके प्रथम शिष्य गौतम स्वामी से जुड़ी महत्वपूर्ण परंपराओं के कारण श्रद्धापूर्वक मनाया जाता है।
गुरु पूर्णिमा पर पूजा कैसे करें?
गुरु पूर्णिमा के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें। इसके बाद पूजा की तैयारी करें।
इसके बाद अपने गुरु, शिक्षक या पूजनीय व्यक्ति की तस्वीर या प्रतिमा के सामने दीपक जलाएं। उन्हें पुष्प अर्पित करें और श्रद्धापूर्वक उनका आशीर्वाद लें।
इस दिन गुरु मंत्र का जाप करना शुभ माना जाता है। कुछ समय ध्यान करने से मन शांत रहता है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
इस दिन जरूरतमंद लोगों की सहायता करें और अपनी क्षमता के अनुसार दान दें। साथ ही, माता-पिता, गुरु और घर के बड़े-बुजुर्गों का आशीर्वाद लेना भी शुभ माना जाता है।
इन बातों का भी रखें ध्यान
गुरु पूर्णिमा के दिन सात्विक भोजन करने का प्रयास करें। किसी से विवाद या कटु व्यवहार करने से बचें और मन में नकारात्मक विचार न आने दें। इस दिन गुरु के बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लेना भी शुभ माना जाता है।



Click it and Unblock the Notifications
