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Nirjala Ekadashi 2025: व्रत रखने जा रहे हैं तो यहां जानें क्या खाएं और क्या नहीं?
What to Eat and Avoid on Nirjala Ekadashi 2025 : निर्जला एकादशी हिंदू धर्म की सबसे कठिन, अनुशासित और पुण्यदायी एकादशियों में गिनी जाती है। यह व्रत ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को रखा जाता है। इस वर्ष 2025 में निर्जला एकादशी 6 जून, शुक्रवार को मनाई जाएगी।
यह व्रत भगवान विष्णु को समर्पित है और मान्यता है कि इस दिन विधिपूर्वक निर्जल उपवास रखने से साल की सभी 24 एकादशियों का फल प्राप्त होता है। यही कारण है कि इसे "साल की सबसे बड़ी एकादशी" भी कहा जाता है। इस दिन उपवास करने वाले भक्त अन्न और जल दोनों का त्याग करते हैं। यह व्रत अत्यंत कठिन होता है, लेकिन इसका फल भी उतना ही महान माना जाता है। शास्त्रों में इसे करने से मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त होता है।
हालांकि, व्रत के दिन कुछ विशेष बातों का ध्यान रखना जरूरी होता है, वरना व्रत का पुण्य कम हो सकता है। आइए जानते हैं निर्जला एकादशी पर क्या खाया जा सकता है और क्या नहीं?

निर्जला एकादशी पर क्या न खाएं?
1. लहसुन और प्याज से बचें
इस दिन सात्विक भोजन का पालन करना अनिवार्य होता है। लहसुन, प्याज, मांसाहार, शराब जैसे तामसिक और रजसिक पदार्थों का सेवन वर्जित है। ये चीजें शरीर और मन की शुद्धता को प्रभावित करती हैं, जिससे व्रत का पुण्य फल घट सकता है।
2. चावल का सेवन न करें
एकादशी के दिन चावल और उससे बने व्यंजन खाना शास्त्रों में निषिद्ध माना गया है। मान्यता है कि चावल में जल तत्व अधिक होता है और एकादशी के दिन इसका सेवन करने से व्रत का फल समाप्त हो सकता है। निर्जला एकादशी पर यह नियम और अधिक सख्ती से पालन किया जाता है।
3. बैंगन, मसूर दाल, मूली और जड़ वाली सब्जियां न खाएं
जड़ में उगने वाली सब्जियां जैसे आलू, मूली, गाजर, और साथ ही बैंगन और मसूर दाल का सेवन भी इस दिन वर्जित होता है। ये पदार्थ शुद्ध सात्विकता को प्रभावित करते हैं और व्रत के उद्देश्यों के विरुद्ध माने जाते हैं।
निर्जला एकादशी में क्या खा सकते हैं?
निर्जला एकादशी का तात्पर्य ही है, बिना जल के उपवास। लेकिन यदि स्वास्थ्य की दृष्टि से निर्जल रहना कठिन हो, तो सूर्यास्त के बाद जल या दूध लिया जा सकता है। अन्न का त्याग अनिवार्य है।
इस दिन आप ये खा सकते हैं:
फल (जैसे केला, सेब, अनार)
शकरकंद या साबूदाना
दूध, दही
नारियल पानी या फलों का रस (बिना नमक या मसाले के)
यदि कोई व्यक्ति पूर्ण उपवास नहीं कर सकता, तो फलाहार या केवल दूध-दही पर व्रत रह सकता है, लेकिन अन्न और नमक का सेवन पूरी तरह त्याज्य है।



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