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हज यात्रा में हुई मौत के बाद परिवार वाले क्यों मना रहे हैं जश्न? सऊदी अरब से क्यों नहीं मांग सकते अपनों का शव
Hajj Yatra Me Mrityu Shubh Ya Ashubh: इस वर्ष देश ही नहीं दुनियाभर में गर्मी अपना कहर बरपा रही है। इस गर्मी का प्रकोप हज यात्रा पर भी दिखा जहां इस वर्ष 1300 से अधिक हज यात्रियों की मौत हुई। इस वर्ष 18 लाख से अधिक लोग हज यात्रा पर आएं। हज यात्रा इस्लाम धर्म की सबसे पवित्र तीर्थयात्रा होती है।
सऊदी अरब में स्थित पवित्र शहर मक्का में यह यात्रा होती है जहाँ काबा नाम की घनाकार इमारत की इबादत एवं उसके चक्कर लगाए जाते हैं। इस वर्ष भारत से गए यात्रियों में से अबतक 98 लोगों की मौत हो चुकी है। इंडोनेशिया के एक हज यात्री की मौत के बाद उनके बच्चे इस बात को लेकर खुश हैं कि उनके पिता ने मक्का की सबसे पाक़ धरती पर अपनी अंतिम सांस ली।

शव नहीं भेजा जाता वापिस उनके देश (Hajj Pilgrims Death Rules in Saudi Arab)
हज यात्रा के दौरान यदि किसी की मृत्यु हो जाती है तो उस व्यक्ति का शव वापिस उसके देश नहीं भेजा जाता। दरअसल हज यात्रा की शुरुआत में भरे जाने वाले फॉर्म में ही इस बात पर साइन ले लिए जाते हैं कि मृत्यु के बाद शव को सऊदी अरब में ही दफना दिया जाएगा। इसमें उनके परिवार या किसी और की भी आपत्ति भी स्वीकार नहीं की जाती। प्राकृतिक कारणों से हुई मौत के केस में सऊदी अरब सरकार किसी मुआवज़े को देने की भी ज़िम्मेदार नहीं होती। व्यक्ति की पूरी ज़िम्मेदारी उसकी खुद की होती है। मक्का के आस पास के कब्रिस्तान में ही शव दफनाया जाता है। उनकी कब्र पर किसी तरह की पट्टी नहीं लगाई जाती, हालांकि उसपर एक नंबर दिया जाता है जिससे परिवारजन आकर कब्र पर जा सके।
मक्का की धरती पर दफनाया जाना पाक़ मानते हैं हजयात्री
इस्लाम धर्म में मक्का को सबसे पाक़/पवित्र माना गया है। हज यात्रा के दौरान मृत्यु होकर मक्का या मदीना की भूमि में दफ़न होना मुस्लिम धर्म के लोगों में सौभाग्य का अहसास दिलाता है। इसलिए कई मृत लोगों के परिवार अपने को खोने के ग़म में भी इस बात को लेकर संतुष्ट हैं कि उनके परिवारजन को अंतिम समय में मक्का की ज़मीन नसीब हुई। कई लोगों का मानना है कि मक्का की धरती पर अंतिम सांस लेने से आत्मा को शान्ति मिलती है और इसे अल्लाह की नेमत माना जाता है।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



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