Latest Updates
-
30 जुलाई या 2 अगस्त, फ्रेंडशिप डे कब है? जानें International Friendship Day और Friendship Day में फर्क -
Happy Sawan 2026 Wishes: ...इन संदेशों के जरिए अपने प्रियजनों को दें सावन की शुभकामनाएं -
कांवड़ यात्रा की शुरुआत कैसे हुई? जानिए कौन था पहला कांवड़िया, जिसने सबसे पहले चढ़ाया था शिवलिंग पर जल -
कलौंजी के तेल से बनाएं बालों को लंबा और घना, जानें इसे घर पर बनाने का तरीका -
देव आनंद के बेटे सुनील आनंद का हार्ट अटैक से निधन, जिस अस्पताल में पिता ने ली थी अंतिम सांस वहीं तोड़ा दम -
Guru Purnima 2026 Speech: गुरु पूर्णिमा पर दें ये सरल और दमदार भाषण, तालियों से गूंज उठेगा पूरा हॉल -
Guru Purnima 2026 Wishes: गुरु से ही ज्ञान...गुरु पूर्णिमा पर अपने गुरुजनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
World Nature Conservation Day 2026: क्यों मनाते हैं विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस? जानें इसका इतिहास और महत्व -
World Hepatitis Day 2026: हेपेटाइटिस क्या है? जानें इसके लक्षण, कारण, प्रकार और बचाव के उपाय -
CJP के बाद किसने शुरू की E20 जनता पार्टी? सोशल मीडिया पर जुड़े लाखों फॉलोअर्स, जानें क्या है मांग
Hartalika Teej 2023 Kab Hai: इस साल हरतालिका तीज पर शिव-पार्वती पूजा के लिए बन रहा है विशेष मुहूर्त
Hartalika Teej 2023 Kab Hai: तीज का त्यौहार हिन्दू धर्म में बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। यह दिन सुहागन महिलाओं के लिए बहुत ख़ास होता है। साल में तीज का त्यौहार तीन बार मनाया जाता है।
हरियाली तीज, हरतालिका तीज और कजरी तीज हिन्दू पंचाग के एक वर्ष में आती हैं और महिलायें अपने पति की दीर्घायु और संतान के अच्छे जीवन के लिए इन व्रतों को रखती है। भाद्रपद शुक्ल पक्ष में हरतालिका तीज पड़ती है। इस वर्ष हरतालिका तीज 18 सितम्बर को पड़ेगी। जानते हैं इस तीज का मुहूर्त, तिथि और महत्व के बारे में विस्तार से-

हरतालिका तीज 2023 तिथि एवं मुहूर्त
हरतालिका तीज भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को पड़ती है। इस वर्ष यह तृतीया तिथि 17 सितम्बर को सुबह 11:08 बजे से शुरू हो रही है और समापन 18 सितम्बर को दोपहर 12:39 बजे होगा। उदया तिथि को मानते हुए तीज 18 सितम्बर को मनाई जायेगी।
18 सितम्बर को सुबह 6 बजे से रात के 08:24 बजे तक पूजा का शुभ मुहूर्त होगा। हालांकि शाम में प्रदोष काल में पूजा करना सबसे उत्तम होगा। यह मुहूर्त शिव-पार्वती की पूजा के लिए ख़ास रहेगा।
हरतालिका तीज का महत्व
यह तीज का त्यौहार सुहागनों के लिए बहुत ही ख़ास महत्व का होता है। इस दिन विवाहित औरतें शिव पार्वती की सच्चे मन से अराधना करती हैं। वे सोलह शृंगार करके मां पार्वती और महादेव शिव की बालू की प्रतिमा बनाती हैं और फिर उनका पूजन करती हैं। इस दिन व्रत का पालन करने और भगवान की पूजा से पति और संतान का कल्याण होता है और वैवाहिक जीवन में सुख समृद्धि प्राप्त होती है।
हरतालिका तीज की पूजन विधि
इस दिन ब्रह्म मुहूर्त में स्नान के बाद साफ़ वस्त्र पहनें। उसके बाद शिव पार्वती का ध्यान लगाते हुए व्रत का संकल्प लें।
इस दिन बालू, रेत या काली मिट्टी से शिव गौरी की मूरत बनाएं। इसके बाद एक चौकी पर चारों तरफ केले के पत्ते बाँध दें। उसके बाद उसपर भगवान की बनाई हुई मूर्ति स्थापित करें। विधिवत पूजा करें और मां पार्वती को सोलह शृंगार अर्पित करें। उसके बाद दोनों को भोग लगाएं और घी का दीपक जलाएं। हरतालिका तीज की व्रत कथा पढ़ें और आरती के साथ पूजा संपन्न करें। पूजा के बाद पति और घर के सभी बड़ों से अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद प्राप्त करें।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications