Hartalika Teej Puja Samagri List: हरतालिका तीज की पूजा में शामिल करें ये चीजें, वरना अधूरी रह जाएगी पूजा

Hartalika Teej Puja Samagri List: सावन और भाद्रपद के पावन महीनों में आने वाला हरतालिका तीज व्रत विवाहित और अविवाहित दोनों ही महिलाओं के लिए अत्यंत विशेष माना गया है। यह व्रत माता पार्वती के उसी तप और भक्ति की याद दिलाता है, जिसके बल पर उन्होंने भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त किया था। यही कारण है कि इसे अखंड सौभाग्य, दांपत्य सुख और मनोवांछित वर की प्राप्ति का व्रत कहा जाता है। इस दिन महिलाएं निर्जला रहकर दिनभर भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना करती हैं और रात्रि में व्रत कथा एवं पूजन द्वारा अपने संकल्प को पूर्ण करती हैं।

मान्यता है कि सही विधि-विधान और आवश्यक सामग्रियों के साथ किया गया यह व्रत न सिर्फ वैवाहिक जीवन में मधुरता लाता है, बल्कि परिवार में समृद्धि और मंगल का आशीर्वाद भी देता है। आप भी इस साल हरतालिका व्रत रखने जा रही हैं तो आज ही पूजन सामग्री जुटा लें ताकि विधि-विधान से पूजा कर सकें और अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद मिल सके। नोट कर लें पूजा के सामान की पूरी लिस्ट।

Hartalika Teej 2025 Puja Samagri List

कब है हरतालिका तीज व्रत

इस साल हरतालिका तीज व्रत 26 अगस्त 2025, मंगलवार को है। इस दिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और अखंड सौभाग्य के लिए व्रत रखती हैं। सभी महिलाएं सोलह श्रृंगार करती हैं और मेहंदी रचाती हैं। पंचांग के अनुसार, इस साल हरतालिका तीज का शुभ मुहूर्त 25 अगस्त की दोपहर 1 बजकर 54 मिनट से शुरू होगा और 26 अगस्त तो 1 बजकर 54 मिनट तक रहेगा।

हरतालिका तीज व्रत पूजन सामग्री लिस्ट

शिव-पार्वती की प्रतिमा/तस्वीर
मिट्टी का कलश (जल से भरा हुआ, आम/आम्रपल्लव और नारियल सहित)
घी का दीपक
धूपबत्ती/अगरबत्ती
कपूर
पंचामृत (दूध, दही, शहद, घी और गंगाजल)
अक्षत
रोली, हल्दी, कुमकुम, सिंदूर
फूल और माला (विशेषकर बेलपत्र, दूर्वा और पीले फूल शुभ माने जाते हैं)
पान, सुपारी और लौंग
5 प्रकार के मौसमी फल
पान का पत्ता, इलायची और मिठाई
श्रृंगार सामग्री (बिंदी, चूड़ी, मेहंदी, आल्ता, इत्र आदि - सोलह श्रृंगार)
आभूषण या वस्त्र (शिव-पार्वती को अर्पित करने के लिए)
भोग सामग्री - खीर, पूरी, हलवा, सब्जी आदि
पानी से भरा कलश और शुद्ध गंगाजल
अर्पण के लिए तांबे/पीतल की थाली और लोटा
आरती थाली, घंटी और शंख

व्रत की विधि

सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
शिव-पार्वती प्रतिमा स्थापित कर दीप जलाएँ।
श्रृंगार और पूजा सामग्री अर्पित करें।
व्रत कथा और आरती करें।
निर्जल रहकर रात्रि में पूजा सम्पन्न करें और फिर व्रत खोलें।

हरतालिका तीज व्रत का महत्व

माता पार्वती ने भगवान शिव को पाने के लिए कठोर तप किया था, उसी तपस्या की याद में यह व्रत रखा जाता है।
विवाहित महिलाएं पति की लंबी उम्र और अखंड सौभाग्य के लिए व्रत करती हैं।
अविवाहित कन्याएं मनचाहा वर पाने के लिए यह संकल्प लेती हैं।
व्रत से परिवार में सुख-शांति और समृद्धि बनी रहती है।

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