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Holashtak 2024 Starting Date: शुरू हो गया है फाल्गुन माह, जाने कब से लग जाएगा होलाष्टक
Holashtak 2024 Kab Se Shuru Ho Raha Hai: फाल्गुन महीने का आरंभ 25 फरवरी दिन रविवार से हो चुका है और इसका समापन 25 मार्च को होली के साथ होगा है। होली के पूर्व 8 दिनों तक होलाष्टक लग जाता है। इस हिसाब से इस बार होलाष्टक 17 मार्च को लग जायेंगे। होलाष्टक की शुरुआत होने के बाद कोई भी मांगलिक एवं शुभ कार्य करना वर्जित होता है।
पंचांग के अनुसार होली के 8 दिन पूर्व फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को होलाष्टक लग जाता है। इन दिनों में शादी विवाह, नामकरण तथा मुंडन इत्यादि शुभ कार्य पर रोक लग जाती है। फाल्गुन पूर्णिमा के दिन होलिका दहन किया जाता है। इस वर्ष 24 मार्च को होलिका दहन किया जायेगा और 25 मार्च सुबह से रंग गुलाल अबीर के साथ होली खेली जाएगी।

मान्यता है कि होलाष्टक के दौरान सभी ग्रह उग्र स्वभाव के हो जाते हैं। इस कारण इस समय कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए। उस समय बाधा या रुकावट आने की संभावना होती है। साथ ही किसी भी शुभ कार्य का मनवांछित फल भी प्राप्त नहीं होता है। आईए जानते हैं होलाष्टक कब से कब तक रहेगा और इस दौरान किन कामों की मनाही है।
होलाष्टक 2024: जानें क्या करें और क्या न करें?
• होलाष्टक के दौरान पूजा का विशेष महत्व है। इस दौरान लोगों को जप तप भी करना चाहिए। होलाष्टक के समय भगवान विष्णु और अपने इष्ट देवी देवताओं की विधि विधान से पूजा अर्चना करनी चाहिए। सुख-शांति, संपत्ति और समृद्धि की प्राप्ति होती है।
• होलाष्टक के दौरान हमें गरीब या जरूरतमंद को दान करना चाहिए और अपने से छोटे को प्यार तथा अपने से बड़े को मान सम्मान देना चाहिए। मान्यता है कि होलाष्टक वह अवधि जिसमे हिरण्यकश्यप ने अपने सुपुत्र प्रहलाद को प्रताड़ित किया था। इसलिए इस समय हमें बड़ों को सम्मान तथा छोटों को स्नेह देना चाहिए। ऐसा करने से मान प्रतिष्ठा में बढ़ोतरी होती है।
• होलाष्टक के दौरान प्रतिदिन श्री राम भगवान तथा श्री कृष्ण वासुदेव को अबीर गुलाल लगाकर पूजा आराधना करना चाहिए और श्री सूक्त का पाठ करना चाहिए।
• होलाष्टक में भगवान भोलेनाथ का रोजाना महामृत्युंजय मंत्र के साथ पूजा अर्चना करें जिससे रोग दोष कष्ट दूर होंगे। विपत्ति की स्थिति समाप्त होगी।
• होलाष्टक के दौरान कोई भी शुभ कार्य जैसे शादी, गृह प्रवेश, नामकरण, मुंडन इत्यादि नहीं करना चाहिए। क्योंकि यह प्रहलाद को प्रताड़ित करने का समय था।
• होलाष्टक में किसी भी प्रकार के जमीन या मकान संबंधित डील न करें। ना ही भूमि पूजन करें। एडवांस बुकिंग तथा एडवांस पेमेंट से बचें। पैसा डूबने की संभावना होगी।
• होलाष्टक के दौरान यज्ञ हवन जैसे धार्मिक अनुष्ठान कार्य ना करें और न ही शामिल हों। होलाष्टक में किए गए अनुष्ठान की पूर्ण फल प्राप्ति होने में अड़चन पैदा होती है तथा पूर्ण आहुति संपन्न नहीं होती है।
• होलाष्टक के दौरान कोई भी नया कारोबार या व्यापार नहीं प्रारंभ करना चाहिए । ऐसा करना अशुभ माना जाता है। इससे लंबे समय तक आपका कार्य नहीं चल पाता।
• होलाष्टक में किसी भी प्रकार के नए सामान सोने चांदी, इलेक्ट्रॉनिक, मोबाइल, घड़ी, टीवी और घरेलू सामान खरीदना भी अशुभ माना गया है।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



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