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Janmashtami Vrat Me Pani Pina: जन्माष्टमी व्रत में पानी पी सकते हैं या नहीं, जानें व्रत से जुड़े नियम
Janmashtami Vrat Me Pani Pina: भगवान कृष्ण के जन्म का प्रतीक जन्माष्टमी का त्यौहार बहुत उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस साल यह 26 अगस्त 2024 को भाद्रपद में कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि के साथ पड़ रहा है। भक्त विभिन्न परंपराओं और अनुष्ठानों का पालन करके भगवान कृष्ण का सम्मान करने की तैयारी करते हैं।
इस शुभ दिन पर व्रत रखने वालों के लिए कुछ व्रत नियमों का पालन करना आवश्यक है। जन्माष्टमी व्रत करने वाले जातक खासतौर से पहली बार यह व्रत करने वाले लोगों में कई बातों को लेकर संशय रहता है।

क्या जन्माष्टमी व्रत में पानी पी सकते हैं?
जन्माष्टमी का व्रत कान्हा के प्रति अपने प्रेम और समर्पण को दर्शाने का तरीका है। जन्माष्टमी व्रत में पानी पीने से जुड़ी अपनी मान्यताएं हैं। कई लोग इस दिन निर्जला व्रत रखते हैं। वो रात में श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के बाद ही जल ग्रहण करते हैं। वहीं कई लोग शाम होने से पहले तक जल ग्रहण करते हैं। मगर सांयकाल से लेकर रात 12 बजे तक पानी के सेवन की सख्त मनाही होती है। वहीं कुछ लोग फलाहार पर रहते हैं तो वो जल के बजाय जूस या नारियल पानी आदि का सेवन करते हैं।
क्या पीरियड्स में जन्माष्टमी का व्रत कर सकते हैं?
महिलाओं को ये सवाल तब परेशान करता है जब उनके पीरियड्स की तारीख और जन्माष्टमी का व्रत एक ही दिन पड़ता है। कोई भी व्रत सच्चे मन और श्रद्धा के साथ किया जाता है। आप जन्माष्टमी के दिन शारीरिक रूप से शुद्ध होने के बात व्रत का संकल्प लें। इस दिन व्रत रखें लेकिन आप भगवान और उनसे जुड़ी किसी भी सामग्री को स्पर्श न करें। इस दिन आप किसी अन्य की मदद से पूजा करवाएं और प्रसाद बनवा लें।
जन्माष्टमी के दिन क्या नहीं करना चाहिए?
जन्माष्टमी के दिन केवल सात्विक भोजन ही करें, जो शुद्ध हो और जिसमें मांस, प्याज, लहसुन और शराब जैसी तामसिक चीजें न हों। इस पवित्र अवसर के लिए इन्हें अनुपयुक्त माना जाता है। घर पर प्रसाद तैयार करना भी महत्वपूर्ण है। आम प्रसाद में पेड़ा, घीया की लौज, नारियल गजक, पंजीरी और दूध से बनी अन्य मिठाइयाँ शामिल हैं। जन्माष्टमी व्रत के दौरान मांसाहारी भोजन से दूर रहें क्योंकि मांसाहार का सेवन सख्त वर्जित है। घर का माहौल शांत और खुशनुमा होना चाहिए। सभी के साथ अच्छा व्यवहार करें और किसी के प्रति कठोरता या अनादर से बचें।
जन्माष्टमी के दिन क्या करें
भगवान कृष्ण को गायों और सभी जीवित प्राणियों से बहुत लगाव था। इसलिए जन्माष्टमी के दिन जानवरों को भोजन और पानी देकर उनके प्रति दया दिखाएं। यह कार्य सभी प्रकार के जीवन के प्रति सम्मान को बढ़ावा देता है और भगवान कृष्ण की शिक्षाओं के अनुरूप है।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



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