Jitiya Vrat 2025: जितिया व्रत रखने वाली माताएं न करें ये 5 गलतियां, बच्चों पर पड़ सकता है बुरा असर

Jitiya Vrat Ye 5 Kaam Na Kare: हिंदू धर्म में जितिया व्रत या जीवितपुत्रिका व्रत को सबसे कठिन और महत्वपूर्ण उपवास माना गया है। यह व्रत मुख्य रूप से माताएं अपने पुत्र की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि की कामना के लिए रखती हैं। इस व्रत का पालन बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, झारखंड और नेपाल में बड़े श्रद्धा और विश्वास के साथ किया जाता है। इसे निर्जला उपवास कहा जाता है क्योंकि इस दिन व्रती महिलाएं अन्न ही नहीं बल्कि पानी तक ग्रहण नहीं करतीं।

मान्यता है कि इस व्रत के नियमों का सही पालन करने से भगवान जीमूतवाहन प्रसन्न होते हैं और संतान को लंबी आयु व परिवार को खुशहाली का आशीर्वाद देते हैं। लेकिन कई बार महिलाएं अनजाने में कुछ गलतियां कर देती हैं, जिनका असर व्रत के फल पर पड़ सकता है। आइए जानते हैं जितिया व्रत के दौरान किन 5 कामों से बचना जरूरी है।

जितिया व्रत में क्या नहीं करना चाहिए?

1. व्रत के दिन पानी या अन्न ग्रहण करना

जितिया व्रत को निर्जला उपवास कहा जाता है। इसका अर्थ है कि व्रत के दिन व्रती को अन्न, फल, दूध या पानी कुछ भी नहीं लेना चाहिए। यदि भूलवश भी कुछ ग्रहण किया जाए तो व्रत अधूरा माना जाता है। हालांकि बीमार और गर्भवती महिलाओं को कुछ छूट होती है।

Jitiya Vrat Ye 5 Kaam Na Kare

2. पूजा-पाठ और कथा में लापरवाही

इस व्रत में भगवान जीमूतवाहन और जितमाता की पूजा अनिवार्य है। कथा सुनना और विधिवत पूजा करना बेहद ज़रूरी है। पूजा-पाठ में लापरवाही करने से व्रत का पूर्ण फल नहीं मिलता। ऐसे मे जरूरी है कि व्रत रखने वाली महिलाएं व्रत कथा जरूर सुनें और नियमों का पालन करें। जो महिलाएं व्रत नही रखती हैं उन्हें भी कथा सुननी चाहिए।

3. क्रोध, कलह या नकारात्मक भाव रखना

जितिया व्रत के दौरान व्रती महिला को संयम और शांति बनाए रखनी चाहिए। इस दिन झगड़ा, गुस्सा या अपशब्द बोलना अशुभ माना जाता है। व्रती को पूरे दिन सकारात्मकता के साथ रहना चाहिए।

4. नियमों का उल्लंघन करना

जितिया व्रत के सख्त नियम हैं। सूर्योदय से पहले स्नान और पूजा करें। व्रत तोड़ने का समय (पारण) अगले दिन पूजा-पाठ के बाद होता है। समय से पहले भोजन-जल लेना व्रत के नियमों का उल्लंघन है।

5. स्वास्थ्य की अनदेखी करना

हालांकि व्रत बहुत कठोर है, लेकिन यदि कोई महिला गर्भवती है या गंभीर रूप से बीमार है तो उसे चिकित्सक की सलाह पर नियम अनुसार छूट लेनी चाहिए। व्रत के लिए स्वास्थ्य की बलि देना सही नहीं है।

जितिया व्रत में क्या करना चाहिए?

1. जितिया व्रत में धूप में जाने से बचें ताकि डिहाइड्रेशन न हो।

2. बीमार और गर्भववती महिलाएं अपना खास ख्याल रखें और डॉक्टर की सलाह पर ही उपवास लें।

3. खाना सात्विक होना चाहिए और मिर्च-मसाले नहीं होने चाहिए वरना तबीयत खराब हो सकती है।

Story first published: Sunday, September 14, 2025, 8:30 [IST]
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