Latest Updates
-
SRH की मालकिन काव्या मारन की शादी हुई तय! कौन है दुल्हा, कब और कहां होगी वेडिंग, जानिए पूरी डिटेल्स -
Ashtami Kab Hai: 18 या 19 अक्टूबर, कब है अष्टमी? जानें सही तारीख, कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त और पारण का समय -
Shardiya Navratri 2026 Day 7: नवरात्रि के सातवें दिन करें मां कालरात्रि की पूजा, जानें विधि, मंत्र, भोग, आरती -
Navratri Day 7 Wishes: मां कालरात्रि का आशीर्वाद...इन संदेशों के साथ अपनों को भेजें महासप्तमी की शुभकामनाएं -
‘रामायण’ के ट्रेलर लॉन्च के दौरान रणबीर कपूर की घड़ी क्यों हुई वायरल? कीमत सुन उड़ जाएंगे होश, जानें खासियत -
लंबे समय तक बैठे रहने से रीढ़ की हड्डी को पहुंचता है नुकसान, डॉक्टर ने बताया इतने घंटे में ब्रेक जरूरी -
Imran Khan Net Worth: भारत छोड़ने के आदेश के बाद इमरान खान की संपत्ति का क्या होगा? जानें कितनी है नेटवर्थ -
ग्रेटर नोएडा के इस गांव में आज भी होती है रावण की पूजा, दशहरे पर दहन बल्कि शोक मनाते हैं लोग -
Shardiya Navratri 2026 Day 6: नवरात्रि के छठे दिन करें मां कात्यायनी की पूजा, जानें विधि, मंत्र, भोग और आरती -
National Boss Day 2026 Wishes: कभी गाइड करते...बॉस डे पर अपने बॉस का दिल से कहें शुक्रिया, भेजें ये खास संदेश
Jyeshtha Amavasya 2023 Date: जानें सुहागिन महिलाओं के लिए क्यों ख़ास है ज्येष्ठ अमावस्या, देख लें सही तारीख
हिन्दू पंचांग के अनुसार हर माह में एक पूर्णिमा और एक अमावस्या आती है। आप जानते होंगे कि 15 दिनों के अंतराल में आने वाली अमावस्या और पूर्णिमा का अपना ख़ास धार्मिक महत्व होता है।
पंचांग के अनुसार अभी ज्येष्ठ का महीना चल रहा है और इस वर्ष ज्येष्ठ अमावस्या और भी महत्वपूर्ण होगी क्योंकि इस दिन वट सावित्री व्रत और शनि जयंती भी पड़ रही है।

इस वर्ष ज्येष्ठ अमावस्या 19 मई को पड़ने वाली है। अमावस्या के दिन पवित्र स्नान और पितरों का तर्पण बहुत विशेष माना जाता है। जानते हैं ज्येष्ठ अमावस्या की तिथि, मुहूर्त, शुभ योग, पूजन विधि और महत्व के बारे में विस्तार से आगे-
ज्येष्ठ अमावस्या 2023 की तिथि
अमावस्या तिथि की शुरुआत 18 मई को रात 09:42 बजे होगी और समापन 19 मई को रात 09:22 बजे होगा। ऐसे में ज्येष्ठ अमावस्या 19 मई, शुक्रवार को मनाई जायेगी जिस दिन वत सावित्री व्रत और शनि जयंती भी होगी।

ज्येष्ठ अमावस्या 2023 मुहूर्त एवं शुभ योग
ज्येष्ठ अमावस्या पर शोभन योग का भी निर्माण होने जा रहा है जो 08:17 बजे तक रहेगा। वहीं स्नान का शुभ मुहूर्त 19 मई को सुबह 5 बजे से शाम 04:59 बजे तक रहेगा। वहीं शनि देव की पूजा शाम में 06:43 से 07:03 बजे तक करना शुभ रहेगा।
ज्येष्ठ अमावस्या का महत्व
शास्त्रों और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ज्येष्ठ महीने में स्नान और दान का विशेष महत्व होता है। ज्येष्ठ अमावस्या के दिन पितरों का दान करने से पूर्वजों का आशीर्वाद प्राप्त होता है और आत्मा को तृप्ति मिलती है। इसके साथ ही इस दिन अपनी क्षमता के अनुसार ज़रुरतमंदों को दान करने से भी अच्छे फल की प्राप्ति होती है। साथ ही शनि जयंती के अवसर पर शनि देव की पूजा करना शुभ परिणाम देता है।

ज्येष्ठ अमावस्या पर पूजन
ज्येष्ठ अमावस्या के दिन ब्रह्म मुहूर्त में किसी नदी, तालाब या कुंड में स्नान करें और सूर्य को अर्घ्य दें। साथ ही तिल को जल में प्रवाहित करें। पितरों की आत्मा की शान्ति के लिए पिंडदान करें। साथ ही गरीबों को भोजन, वस्त्र और अन्य चीज़ों का दान करें। सुहागनों को वट सावित्री होने के उपलक्ष में यम की पूजा करनी चाहिए और सुहाग की चीज़ें बांटनी चाहिए। ज्येष्ठ अमावस्या के दिन शनि जयंती भी होगी इसलिए शनि देव को सरसों का तेल अर्पित करें, नीले फूल चढ़ाएं और सच्ची श्रद्धा से शनि चालीसा का जाप करें।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications
