सावधान! पहली बार जा रहे हैं कैंची धाम? इन 5 टिप्स से आपकी यात्रा होगी आसान

Kainchi Dham Travel Tips: उत्तराखंड को देवभूमि भी कहा जाता है। वहां पर बहुत से ऐसे धार्मिक स्थल हैं जिनकी बहुत अधिक मान्यता है। उत्तराखंड के नैनीताल में स्थित कैंची धाम के बारे में तो आपने सुना ही होगा। ये हनुमान मंदिर है जिसकी स्थापना नीम करौली बाबा ने की थी। बाबा नीम करौली महाराज का यह आश्रम आस्था, शांति और चमत्कारों के लिए प्रसिद्ध है। हलांकि वो अब इस दुनिया में नहीं हैं लेकिन उनकी ख्याती देश में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी फैली हुई है।

इसका अंदाजा आप इस बाते से लगा सकते हैं कि एप्पल के फाउंडर स्टीव जॉब्स से लेकर मार्क जुकेरबर्ग और दिग्गज क्रिकेटर विराट कोहली व मशहूर एक्ट्रेस अनुष्का शर्मा, हालीवुड एक्ट्रेस जूलिया रॉबर्ट्स ने भी मंदिर में दर्शन किए हैं। एक वजह ये भी है कि इस मंदिर की मान्यता इतनी ज्यादा बढ़ गई है कि दूर-दूर से लोग दर्शन करने के लिए आते हैं।

हर साल लाखों भक्त वहां दर्शन करने के लिए जाते हैं लेकिन जून के महीने में तो अपार भीड़ देखने को मिलती है। इसके पीछे की वजह है नीम करौली बाबा का जन्मदिन जो 15 जून को मनाया जाता है। अगर आप पहली बार जा रहे हैं, तो इन 5 बातों को नजरअंदाज न करें वरना आपकी यात्रा में बाधा आ सकती है।

जाम की समस्या

नीम करौली बाबा का मंदिर चमत्कारों के लिए फेमस है। ऐसा माना जाता है कि कई दिग्गज लोगों को वहां जाकर शांति की प्राप्ति हुई है और उनके बिगड़े हुए काम बने हैं। यही मान्यता लोगों को आकर्षित करती है और हजारों की संख्या में लोग वहां दर्शन करने के लिए जाते हैं। यही वजह है कि अब लोगों को घंटों लंबे जाम का सामना करना पड़ता है। इस बात से सबसे ज्यादा परेशान स्थानीय लोग हैं। कई बार तो इमरजेंसी की स्थिति में इस जाम की वजह से लोगों को भारी नुकसान का सामन करना पड़ता है। अगर आप पहली बार जा रहे हैं तो बता दें कि सुबह 6 से 7 बजे के बीच में आपको जाम कम मिलेगा और मंदिर परिसर में भी भीड़ कम मिलेगी।

महंगाई का सितम

ये गाना तो आपने सुना ही होगा कि महंगाई डायन खाए जाते है। ऐसा ही कुछ हाल नीम करौली बाबा के मंदिर के बाहर भी है। मंदिर में लड्डू, गुड़ और चने का प्रसाद चढ़ाया जाता है साथ में कंबल भेंट किया जाता है। लोगों की आस्था के साथ वहां के दुकानदार ऐसा खिलवाड़ कर रहे हैं कि मनमाने रेट में उन्हें सभी सामान बेचा जाता है। इसके अलावा खाने की सामग्री भी इतनी महंगी है कि गरीब तबके के लोग खरीदने से पहले सोच में पड़ जाते हैं। कई बार तो मन मारकर ही रह जाते हैं। उदाहरण के लिए वहां की फेमस पकौड़ी-रायता जिसकी सही कीमत अधिक से अधिक 50 रुपये होनी चाहिए वो 100 से 150 के बीच में है। बच्चे के लिए एक कुल्लहड़ दूध की कीमत 50 से 80 के बीच में हैं। ऐसे में आप अंदाजा लगा सकते हैं कि महंगाई के वहां क्या हालात हैं।

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पब्लिक ट्रांसपोर्ट की समस्या

कैची धाम जाने वाले भक्त जान लें कि वहां पर पब्लिक ट्रांसपोर्ट जैसे बसों की काफी समस्या है। अगर आपको एक जगह से दूसरी जगह पर जल्दी में जाना है तो आपको प्राइवेट कैब करनी पड़ेगी जो काफी महंगी पड़ जाती है। ऐसा नहीं है कि बसें नहीं चलती हैं लेकिन उनका समय निर्धारित है जिसके बारे में बाहरी लोगों को पता ही नहीं होता है। ऐसे में अगर आप पहली बार जा रहे हैं तो बसों के समय के बारे में जान लें।

पार्किंग की समस्या

एक और समस्या जो सबसे बड़ी है वो है पार्किंग की समस्या। लंबी-लंबी लाइनों में वाहन खड़े रहते हैं और पार्किंग मिलती ही नहीं है। कई बार तो लोग खुले में गाड़ी खड़ी करके चले जाते हैं जिस वजह से लंबा जाम भी लग जाता है। अगर आप चाहते हैं तो पार्किंग की समस्या का सामना न करना पड़े तो इसके लिए सुबह जल्दी ही दर्शन करने के लिए निकलें।

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बंदरों का कहर

कैची धाम में बंदरों का भी कहर बरपा हुआ है। वो लोगों के हाथों से महंगे सामान और खाने की सामग्री छीन लेते हैं। अगर उन्हें रोका जाए तो कई बार वो हमला भी कर देते हैं। ऐसे में जरूरी है कि वन विभाग सतर्कता दिखाए और बंदरों के कहर को कम करने के लिए जरूरी कदम उठाए। वहीं लोगों को भी सावधान रहने की जरूरत है।

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