Kalashtami 2025 Date : 20 या 21 मई कब है कालाष्टमी, जानें सही तिथ‍ि और पूजा करने की व‍िध‍ि

Kalashtami 2025 Date and Time : हिंदू पंचांग के अनुसार, हर माह कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को कालाष्टमी मनाई जाती है। यह दिन भगवान काल भैरव को समर्पित होता है और इस दिन उनका पूजन विशेष फलदायी माना जाता है। मान्यता है कि जो भी भक्त सच्चे मन से कालाष्टमी पर भैरव बाबा की पूजा करता है, उसे सभी संकटों से मुक्ति मिलती है। इस दिन व्रत रखने और उपाय करने से ग्रह दोष, शत्रु बाधा, रोग-दोष और आर्थिक संकट से छुटकारा मिलता है।

Kalashtami 2025 Date and Time

2025 में कालाष्टमी कब है - 20 या 21 मई?

2025 में मई महीने की कालाष्टमी को लेकर भक्तों में थोड़ी उलझन बनी हुई है कि यह व्रत 20 को रखा जाए या 21 मई को? ऐसे में पंचांग के अनुसार अष्टमी तिथि का सही समय जानना जरूरी है।

पंचांग के अनुसार

अष्टमी तिथि प्रारंभ: 20 मई 2025, मंगलवार को दोपहर 01:12 बजे

अष्टमी तिथि समाप्त: 21 मई 2025, बुधवार को दोपहर 11:08 बजे तक

इस प्रकार, कालाष्टमी व्रत और पूजा का श्रेष्ठ समय 20 मई की रात को होगा, क्योंकि भैरव पूजा प्रायः रात्रि में ही की जाती है। अतः 20 मई 2025, मंगलवार की रात को कालभैरव की पूजा करना शास्त्रसम्मत और पुण्यदायक रहेगा।

कालाष्टमी के खास उपाय (Kalashtami 2025 Upay)

भैरव चालीसा और मंत्र का पाठ करें: इस दिन भैरव बाबा के मंदिर में जाकर या घर पर ही "ॐ कालभैरवाय नमः" मंत्र का जाप कम से कम 108 बार करें।

काले तिल और तेल का दीपक जलाएं: घर के दक्षिण दिशा में काले तिल और सरसों के तेल का दीपक जलाकर काल भैरव को अर्पित करें। इससे नकारात्मक ऊर्जा और बुरी नजर से बचाव होता है।

काले कुत्ते को भोजन कराएं: कालभैरव जी के वाहन काले कुत्ते को रोटी, दूध या गुड़ खिलाने से शत्रु बाधा और कोर्ट-कचहरी से जुड़े मामलों में सफलता मिलती है।

गरीबों को दान करें: काले वस्त्र, चप्पल, सरसों का तेल, उड़द दाल और सिक्का दान करें। इससे राहु-केतु दोष और शनि पीड़ा से राहत मिलती है।

रात्रि में भैरव आरती करें: रात को 12 बजे के आसपास भैरव जी की आरती करें और ध्यान करें। इससे आत्मविश्वास और भयमुक्त जीवन का आशीर्वाद मिलता है।

Story first published: Saturday, May 17, 2025, 15:33 [IST]
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