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Kanwar Yatra: क्या आप जानते हैं कांवड़ियां क्यों लगाते हैं 'बोल-बम' के जयकारे, भगवान शिव से जुड़ी है कहानी
Kanwar Yatra: भगवान शिव के भक्तों के लिए सावन का महीना ख़ास महत्व रखता है। पूरे साल वो श्रावण मास का इन्तजार करते हैं। इस दौरान शिव मंदिरों की रौनक देखने लायक होती है।
सावन महीने में ही भक्त कांवड़ यात्रा के लिए निकलते हैं। भक्त कांवड़ लेकर गंगा अथवा किसी पवित्र नदी से जल लेने जाते हैं और उस जल दे भगवान शिव का जलाभिषेक किया जाता है।

कांवड़ यात्रा पर निकलने वाले श्रद्धालु इस दौरान कई तरह के नियमों का पालन करते हैं। कांवड़ियों की सुविधा के लिए कई तरह के इंतजाम भी किये जाते हैं ताकि वो बिना किसी कष्ट के भोलेबाबा को जल चढ़ा सकें। क्या आपने कभी इस बात पर गौर किया है कांवड़ यात्री भगवान शिव की जयजयकार के साथ 'बोल-बम' के नारे क्यों लगाते हैं। चलिए आज जानते हैं।
भगवान शिव को प्रिय है बोल बम
कांवरियों द्वारा बोले जाने वाले बम नारे के पीछे एक कहानी बताई जाती है। प्रचलित कथा के मुताबिक, जब राजा दक्ष द्वारा कराये जा रहे यज्ञ में माता सती ने अपना शरीर त्याग दिया था तब गुस्से में आकर भगवान शिव ने दक्ष की गर्दन ही काट दी थी। इसके पश्चात राजा दक्ष को पुनर्जीवित करने के लिए शिवजी ने उन्हें बकरे सिर लगा दिया था।
बकरे का सिर लगे होने की वजह से दक्ष के मुंह से जो बोली निकली वह भगवान शिव को बहुत अच्छी लगी और उनका क्रोध भी कम हो गया। दक्ष का घमंड टूट गया था और उसकी बोली सुनकर भगवान शिव प्रसन्न हो गए थे। यही वजह है कि शिव भक्त अपने प्रिय भगवान को प्रसन्न करने के लिए बम-बम हर-हर बम-बम, बोल बम के नारे लगाते हैं। सावन के महीने में महादेव का आशीर्वाद पाने के लिए कांवड़िये यह जयकारा जरूर लगाते हैं।

इन शब्दों से मिलता है हौसला
सावन के महीने में कांवड़ यात्रा का आयोजन किया जाता है। यह यात्रा काफी कठिन होती है और कई तरह के नियमों का पालन करना होता है। कांवड़ यात्री कंधे में पवित्र जल लेकर कई किलोमीटर तक नंगे पैर पैदल यह यात्रा करते हैं। हौसलाअफजाई के लिए सभी भक्त शिवजी के नारे लगाते हुए अपनी यात्रा पूरी करते हैं।
कई बार थकावट और ऊर्जा की कमी के कारण कांवड़ियों का मनोबल टूटने लगता है लेकिन बोल बम और भगवान शिव के जयकारे उन्हें मंजिल तक पहुंचा देते हैं।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



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