Karnataka Election 2023 : रिजल्ट से पहले श्री रेणुका येल्लम्मा मंदिर पहुंचे कर्नाटक CM, जानें मंदिर की खासियत

कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने शनिवार को होने वाले कर्नाटक विधानसभा चुनाव की मतगणना से पहले बेलगावी स्थित सौंदत्ती श्री रेणुका येल्लामा मंदिर में पूजा अर्चना की। न सिर्फ मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई की बल्कि महाराष्‍ट्र और कर्नाटक में प्रसिद्ध इस मंदिर के प्रति शृद्धालुओं की गहरी आस्‍था है। देवी येलम्मा या श्री रेणुकादेवी का मंदिर शक्ति भक्तों के लिए एक लोकप्रिय तीर्थ स्थल है। मंदिर में हर दिन सैकड़ों तीर्थयात्री बड़ी श्रद्धा के साथ आते हैं। आइए जानते हैं इस प्राचीन मंदिर के बारे में।

* सौंदत्ती येलम्मा मंदिर बेलगाम जिले में अपने जिला मुख्यालय से 70 किलोमीटर और धारवाड़ से 38 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। सौंदत्ती देवी रेणुका को समर्पित अद्भुत और प्राचीन मंदिर के लिए लोकप्रिय है, जिसे येल्लम्मा भी कहा जाता है। यह मंदिर येलम्मागुड्डा पर स्थित है, जो सौंदत्ती शहर से लगभग 5 किलोमीटर की दूरी पर है। मंदिर में येल्लम्मा या एल्लामा या रेणुका को देवी के रुप में पूजा जाता हैं।

Karnataka Election 2023: Cm Bommai Visit Saundatti Renuka Yellama Mandir Know About This Temple

* येल्लम्मा देवी मंदिर सौंदत्ती के पास एक पहाड़ी की चोटी पर स्थित है। सौंदत्ती एक प्राचीन शहर है जो रट्टा वंश की पहली राजधानी थी।

* यह मं‍दिर ऋषि जमदग्नि की पत्नी और परशुराम की माता रेणुका से जुड़ा है, जिनकी कहानी पुराणों में वर्णित है। यहां, उन्हें रेणुका देवी या येल्लम्मा देवी के रूप में पूजा जाता है। रेणुका देवी मंदिर सौंदत्ती का सबसे प्रसिद्ध तीर्थ स्थान है। यह बेलगाम जिले के सबसे पुराने शहरों में से एक है।

* येल्लम्मा देवी की पहचान देवी काली से भी की जाती है। काली को पापियों का नाश करने वाली दंड देने वाली के रूप में जाना जाता है, लेकिन वह एक दयालु मां भी हैं जो अपने भक्तों पर प्यार और आशीर्वाद बरसाती हैं। इसी दृष्टि से यहां इनकी पूजा की जाती है। इसके अलावा येल्‍लम्‍मा देवी को उर्वरता यानी फर्टिल‍िटी से भी जोड़ा जाता है।

* सौंदत्ती येल्लम्मा मंदिर वास्तुकला के चालुक्य और राष्ट्रकूट शैली में बनाया गया है। सौंदत्ती येल्लम्मा मंदिर में जैन वास्तुकला की भी झलक नजर आती है।

* मंदिर के परिसर में तीन पवित्र कुंड हैं। कुमकुम कुंडम, योनी कुंडम और अरिहं कुंडम है। यहां एक पवित्र कुंआ भी है, जिसे जोगल भावी कहा जाता है। माना जाता है क‍ि इन पवित्र जल से स्‍नान करने से त्‍वचा से जुड़े सभी रोग खत्‍म हो जाते हैं। यहां भगवान गणेश, भगवान मल्लिकार्जुन, परशुराम, एकनाथ, सिद्धेश्वर को समर्पित कई मंदिर हैं।

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