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Mahakumbh 2025: महाकुंभ में अभी कितने महास्नान है बाकी? जानें पूरा शेड्यूल
प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ 2025 का तीसरा शाही स्नान बसंत पंचमी पर हो चुका है, जिसमें करोड़ों श्रद्धालुओं ने संगम में डुबकी लगाई। अब तक तीन अमृत स्नान हो चुके हैं, और दो प्रमुख स्नान बाकी हैं। फरवरी महीने में भीड़ से बचकर, श्रद्धालु बाकी बचे स्नान पर्वों पर संगम नगरी पहुंच सकते हैं और महाकुंभ के साक्षी बन सकते हैं।
अगला स्नान माघ पूर्णिमा पर होगा, जो विशेष रूप से पुण्य लाभ देने वाला माना जाता है। आइए जानते हैं कि अब कुंभ में कौन-कौनसे महत्वपूर्ण स्नान बाकी हैं।

माघ पूर्णिमा
बसंत पंचमी के बाद फरवरी में माघ पूर्णिमा पर अगला स्नान होगा, जो बेहद शुभ माना जाता है। इस दिन चंद्रमा अपने पूर्ण रूप में होता है, जिससे अमृत स्नान से मोक्ष की प्राप्ति और पापों का नाश होता है। इस साल माघ पूर्णिमा के दिन महाकुंभ का चौथा अमृत स्नान 12 फरवरी को अहले सुबह 05:19 बजे से 06:10 बजे तक होगा। इस शुभ मुहूर्त में गंगा स्नान कर भगवान विष्णु या भगवान भोलेनाथ की पूजा करने से जीवन में सुख-समृद्धि आएगी। यह समय विशेष रूप से पुण्य और आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए उत्तम माना जाता है।
महाशिवरात्रि पर स्नान
महाशिवरात्रि, जो 26 फरवरी को है, फरवरी महीने का तीसरा और महाकुंभ का अंतिम स्नान होगा। इस दिन किए गए स्नान से पुण्य की प्राप्ति होती है। महाकुंभ में इस दिन भारी भीड़ हो सकती है, इसलिए श्रद्धालु पहले स्नान करके भीड़ से बच सकते हैं। महाशिवरात्रि का स्नान विशेष रूप से फलदायी माना जाता है।
कुंभ में स्नान का महत्व
कुंभ में शाही स्नान को अत्यधिक महत्व दिया जाता है, क्योंकि मान्यता है कि इस दिन संगम में डुबकी लगाने से कई गुना पुण्य मिलता है। इसे सिर्फ इस जन्म के ही नहीं, बल्कि पिछले जन्म के पापों को नष्ट करने वाला माना जाता है। इसके अलावा, पितरों की आत्मा को शांति मिलती है और मोक्ष की प्राप्ति होती है। शाही स्नान के दिन स्नान करना विशेष धार्मिक महत्व रखता है, जिससे व्यक्ति के जीवन में पुण्य और शांति का वास होता है।



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