Latest Updates
-
Grandma Comfort Food Vegetable Khichdi Recipe: घर पर बनाएं दादी के हाथों जैसा स्वाद -
Padma Awards 2026: अलका याग्निक-ममूटी को मिला पद्म भूषण, रोहित शर्मा और आर माधवन भी सम्मानित -
Nirjala Ekadashi 2026 Niyam: निर्जला एकादशी व्रत में जरूर करें इन नियमों का पालन, तभी मिलेगा व्रत का पूरा फल -
Special Healthy Gajar Paratha Recipe: सर्दियों के लिए पौष्टिक और स्वादिष्ट नाश्ता -
Aaj Ka Rashifal 24 June 2026: बुधवार को इन 5 राशियों पर बरसेगी बुध देव की कृपा, जानें किसे मिलेगा धन लाभ -
Fry Pan Method Fish Masala Recipe: घर पर बनाएं रेस्टोरेंट जैसा चटपटा फिश मसाला -
Pahadi Green Superfood Kafuli Recipe: घर पर बनाएं उत्तराखंड का पारंपरिक और पौष्टिक स्वाद -
टीम इंडिया की जर्सी पाकर इमोशनल हुए 15 साल के वैभव सूर्यवंशी, कही ये बड़ी बात, देखें Video -
क्यों मनाते हैं International Olympic Day? जानें इसका इतिहास, महत्व और इस साल की खास थीम -
कौन हैं WhatsApp के नए CEO कुणाल शाह? न इंजीनियरिंग, न MBA डिग्री, फिर भी करोड़ों में है नेट वर्थ
Mahakumbh 2025 : महाकुंभ के आखिरी स्नान महाशिवरात्रि पर जरूर पढ़ें यह स्तोत्र, भोलेनाथ की होगी कृपा
Mahakumbh 2025 : महाकुंभ का अंतिम स्नान 26 फरवरी को आयोजित होगा, जो महाशिवरात्रि के पावन पर्व के साथ संयोग कर रहा है। हिंदू पंचांग के अनुसार, यह स्नान फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को होगा। धार्मिक मान्यता है कि इसी दिन भगवान शिव ने निराकार से साकार रूप धारण किया था और शिव-शक्ति का दिव्य मिलन हुआ था।
महाशिवरात्रि के दिन भक्तगण भगवान शिव और माता पार्वती की श्रद्धा व भक्ति के साथ पूजा-अर्चना करते हैं। इस अवसर पर रात्रि जागरण, अभिषेक, व्रत और मंत्र जाप का विशेष महत्व होता है। भक्तों के लिए शिव के पञ्चाक्षर स्तोत्र का पाठ अत्यंत फलदायी माना जाता है। महाकुंभ में इस शुभ अवसर पर स्नान करने से भक्तों को विशेष आध्यात्मिक लाभ प्राप्त होता है और उनकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।

शिवजी का स्तोत्र
श्रीशिवपञ्चाक्षरस्तोत्रम् ॥
नागेन्द्रहाराय त्रिलोचनाय,
भस्माङ्गरागाय महेश्वराय।
नित्याय शुद्धाय दिगम्बराय,
तस्मै न काराय नमः शिवाय॥१॥
मन्दाकिनी सलिलचन्दन चर्चिताय,
नन्दीश्वर प्रमथनाथ महेश्वराय।
मन्दारपुष्प बहुपुष्प सुपूजिताय,
तस्मै म काराय नमः शिवाय॥२॥
शिवाय गौरीवदनाब्जवृन्द,
सूर्याय दक्षाध्वरनाशकाय।
श्रीनीलकण्ठाय वृषध्वजाय,
तस्मै शि काराय नमः शिवाय॥३॥
वसिष्ठकुम्भोद्भवगौतमार्य,
मुनीन्द्रदेवार्चितशेखराय।
चन्द्रार्क वैश्वानरलोचनाय,
तस्मै व काराय नमः शिवाय॥४॥
यक्षस्वरूपाय जटाधराय,
पिनाकहस्ताय सनातनाय।
दिव्याय देवाय दिगम्बराय,
तस्मै य काराय नमः शिवाय॥५॥
पञ्चाक्षरमिदं पुण्यं यः पठेच्छिवसन्निधौ।
शिवलोकमवाप्नोति शिवेन सह मोदते॥
पञ्चाक्षर स्तोत्र के लाभ
माना जाता है कि इस स्तोत्र का पाठ करने से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं और अगर कोई जातक इसका पाठ सच्चे मन से करता है तो उसके सभी असंभव कार्य भी संभव हो जाएंगे।
महाकुंभ का अंतिम स्नान
महाकुंभ का अंतिम स्नान 26 फरवरी को महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर होगा। हिंदू मान्यताओं के अनुसार, इस दिन भगवान शिव ने साकार रूप लिया था। भक्तगण पवित्र स्नान, पूजा और रात्रि जागरण कर भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त करेंगे। महाकुंभ में इस शुभ अवसर पर स्नान करने से विशेष आध्यात्मिक लाभ मिलता है।



Click it and Unblock the Notifications