Mahashivratri 2026: महाशिवरात्रि के व्रत में क्या खाना चाहिए और क्या नहीं? जानें व्रत के सही नियम

Mahashivratri 2026: हिंदू धर्म में महाशिवरात्रि पर्व का विशेष महत्व है। शिव भक्तों को इस दिन का बेसब्री से इंतजार होता है। मान्यता के अनुसार, फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि के दिन भगवान शिव और मां पार्वती का विवाह हुआ था। हिंदू पंचांग के अनुसार, इस साल महाशिवरात्रि का व्रत 15 फरवरी को रखा जाएगा। इस दिन शिव मंदिरों में बेहद खास रौनक देखने को मिलती है। साथ ही, बड़ी संख्या में भक्त महादेव के दर्शन करने के लिए पहुंचते हैं। इस दिन लोग शिव जी की पूजा करते हैं और व्रत रखते हैं। धार्मिक मान्यता है कि महाशिवरात्रि व्रत विधि पूर्वक करने से साधक की हर मनोकामना पूरी होती है और शिव जी की कृपा हमेशा बनी रहती है। लेकिन शास्त्रों में कुछ नियम बताए गए हैं, जिनका पालन करना जरूरी होता है। अगर आप भी इस बार व्रत रखने जा रहे हैं, तो जान लें महाशिवरात्रि व्रत में क्या खाएं और क्या नहीं?

Mahashivratri Fasting Rules

महाशिवरात्रि व्रत में क्या खाएं?(What To Eat During Mahashivratri Fast In Hindi)

महाशिवरात्रि व्रत में फल, दूध, दही, मखाना, साबूदाना, मिठाई, सिंघाड़े का आटा, कुट्टू का आटा, समा के चावल और मूंगफली का सेवन किया जा सकता है। इसके अलावा, सूखे मेवे जैसे बादाम, काजू, अखरोट और किशमिश का सेवन किया जा सकता है। इससे व्रत के दौरान शरीर में ऊर्जा बनी रहती है और पाचन भी ठीक रहता है। साथ ही, खूब पानी और नारियल पानी का सेवन करें ताकि शरीर हाइड्रेटेड रहे। ध्यान रहे कि महाशिवरात्रि व्रत में साधारण नमक के बजाय केवल सेंधा नमक का ही प्रयोग करें।

महाशिवरात्रि व्रत में क्या न खाएं? (What Not To Eat During Mahashivratri Fast In Hindi)

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, महाशिवरात्रि व्रत के कुछ चीजों का परहेज करना अनिवार्य है। महाशिवरात्रि व्रत में अनाज यानी गेहूं, चावल, बेसन और मैदा का सेवन न करें। इसके अलावा, इस दिन तामसिक भोजन जैसे प्याज, लहसुन, मांस, मदिरा और अन्य तामसिक खाद्य पदार्थों के सेवन भूलकर भी नहीं करना चाहिए।

पारण का सही तरीका

महाशिवरात्रि व्रत का पारण 16 फरवरी को सुबह 06 बजकर 59 मिनट के बाद शुभ मुहूर्त में करें। पारण के समय एकदम से भारी भोजन करने से बचें। व्रत खोलने के बाद पानी या हल्के फलदार (फल, साबूदाना, सेंधा नमक से बनी चीजें) का सेवन करें। व्रत के बाद सात्विक भोजन ही ग्रहण करना चाहिए ताकि शरीर का संतुलन बना रहे। यदि आपको कोई स्वास्थ्य संबंधी समस्या है, तो व्रत[के दौरान बहुत अधिक कठोर नियमों का पालन न करें और सावधानी जरूर बरतें।

Story first published: Monday, February 9, 2026, 14:00 [IST]
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