Mahashivratri Me Panchamrit Banane Ki Vidhi: शिवजी को पंचामृत है बहुत प्रिय, जानें बनाने की सही वैदिक विधि

Mahashivratri Me Panchamrit Banane Ki Vidhi: भगवान शिव की कृपा जिस व्यक्ति पर हो जाती है, भोलेबाबा उसकी छोटी से छोटी हर मनोकामना को पूरा कर देते हैं। अब यह भक्तों के ऊपर है कि वो कितनी श्रद्धा और आस्था के साथ अपने महादेव की सेवा करते हैं। यदि निश्छल मन से एक लोटा जल भी चढ़ा दिया जाए तो शिवकृपा बरसने लगती है।

भगवान शिव का आशीर्वाद पाने के लिए महाशिवरात्रि से बेहतर दिन कोई और नहीं हो सकता है। इस साल महाशिवरात्रि का उत्सव 8 मार्च, शुक्रवार के दिन मनाया जाएगा। शिवजी की पूजा में पंचामृत चढ़ाने का बहुत महत्व है। आइये इस लेख के माध्यम से जानते हैं पंचामृत क्या है, इसे बनाने की विधि और इससे होने वाले लाभ क्या हैं।

Mahashivratri par panchamrit kaise banaye know vidhi and significance in hindi

पंचामृत क्या होता है? (Panchamrit Kya Hota Hai)

पंचामृत का अर्थ है पांच अमृत यानी पांच पवित्र वस्तुओं से बना। यह मिश्रण दुग्ध, दही, घृत, शक्कर और मधु (शहद) मिलाकर बनाया जाता है, जो हव्य यानी देवताओं का भोजन बनता है। प्रसाद के रूप में भी इसका बहुत महत्व है, इसी से भगवान का अभिषेक भी किया जाता है। पांचों प्रकार के मिश्रण से बनने वाला पंचामृत मन को शांति प्रदान करने वाला होता है और इसके सेवन से शरीर रोगमुक्त रहता है। पंचामृत का प्रयोग सभी देवी-देवताओं की पूजा में किया जाता है, आइए जानते हैं इसे बनाने का तरीका।

पंचामृत कैसे बनाते हैं? (Panchamrit Banane Ki Vidhi)

जितना दूध लें उसका आधा दही लेना है, दही से आधा शक्कर लेना है, शक्कर से आधा घी लेना है और घी से आधा शहद लेना है यानि 1/2 किलो दूध, 250 ग्राम दही, 125 ग्राम शक्कर, 60 ग्राम घी, 30 ग्राम शहद। इन पांचों चीज़ों को अच्छी तरह से मिला लें और इस्तेमाल में लाएं।

पंचामृत बनाने के लिए अगर ये चीज़ें (दूध, दही, घी) गौ माता की मिल जाएं तो बहुत ही उत्तम होगा। कुछ लोग पंचामृत में गंगाजल भी डालते हैं तो अगर आपको गंगाजल डालना है तो इस बात का ध्यान रखें कि गंगाजल सबसे पहले डालें फिर बाक़ी सब चीजें डालें।

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शिवलिंग पर पंचामृत चढ़ाने से क्या लाभ होता है? (Shivling Par Panchamrit Chadhane Ke Fayde)

महाशिवरात्रि के शुभ दिन पंचामृत से शिवलिंग का स्नान कराने से मन -मस्तिष्क से काम, लोभ, क्रोध, मोह और अहंकार जैसे नकारात्मक भावों का नाश होता है। पंचामृत इन पांचों विकारों को नष्ट कर देते हैं। भगवान शिव की कृपा पाने के लिए इस दिन शिवलिंग की पूजा की जाती है। पंचामृत अर्पण करने से मन निर्मल और बलवान होता है।

नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।

Story first published: Monday, March 4, 2024, 15:20 [IST]
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