Latest Updates
-
April Fool's Day 2026: लंगोटिया यारों की 'बत्ती गुल' कर देंगे ये फनी मैसेजेस, हंसी रोकना होगा मुश्किल -
Lucky Signs: घर से निकलते समय इन 5 चीजों का दिखना माना जाता है बेहद शुभ, समझ जाएं जल्द बदल सकती है किस्मत -
Mysterious Temples Of India: भारत के 5 रहस्यमयी मंदिर, जहां का प्रसाद घर ले जाना होता है मना -
नारियल या सरसों का तेल? बालों की ग्रोथ के लिए कौन है नंबर-1, जानें सफेद बालों का पक्का इलाज -
April Fool's Pranks: अपनों को बनाना चाहते हैं अप्रैल फूल? ट्राई करें ये प्रैंक्स, हंस-हंसकर हो जाएंगे लोटपोट -
Mahavir Jayanti 2026: अपने बेटे के लिए चुनें भगवान महावीर के ये 50+ यूनीक नाम, जिनका अर्थ है बेहद खास -
डायबिटीज के मरीज ब्रेकफास्ट में खाएं ये 5 चीजें, पूरे दिन कंट्रोल रहेगा ब्लड शुगर लेवल -
Today Bank Holiday: क्या आज बंद रहेंगे बैंक, स्कूल और शेयर बाजार; जानें आपके शहर का क्या है हाल -
Mahavir Jayanti 2026 Wishes:अहिंसा का दीप जलाएं…इन संदेशों के साथ अपनों को दें महावीर जयंती की शुभकामनाएं -
Mahavir Jayanti Quotes 2026: 'जियो और जीने दो', महावीर जयंती पर अपनों को शेयर करें उनके अनमोल विचार
Margashirsha Purnima 2023: साल के आखिरी पूर्णिमा तिथि पर बन रहा है दुर्लभ संयोग, नोट करें शुभ मुहूर्त
Margashirsha Purnima Date 2023: हिंदू धर्म में अमावस्या के साथ साथ पूर्णिमा तिथि का भी विशेष महत्व बताया गया है। हिंदू कैलेंडर के अनुसार मार्गशीर्ष नौवां महीना है। इस माह की पूर्णिमा तिथि की महत्ता कहीं अधिक बताई गयी है। गौरतलब है कि शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि के अगले दिन पूर्णिमा आती है।
इस पूर्णिमा तिथि पर स्नान, दान और ध्यान करने से उत्तम फल की प्राप्ति होती है। ऐसी मान्यता है कि इस तिथि पर किये गए परोपकारी कार्यों का फल कई गुना बढ़कर मिलता है। इस साल की मार्गशीर्ष पूर्णिमा 26 दिसंबर, मंगलवार को पड़ रही है। इस पूर्णिमा तिथि पर दुर्लभ संयोग बन रहा है जिससे इस दिन की शुभता बढ़ने वाली है। आइये इस लेख के माध्यम से जानते हैं कि मार्गशीर्ष पूर्णिमा के दिन शुभ मुहूर्त क्या है और शुभ संयोग कब से कब तक रहेगा।

मार्गशीर्ष पूर्णिमा 2023 कब है?
मार्गशीर्ष महीने की पूर्णिमा 26 दिसंबर 2023, मंगलवार को पड़ रही है।
मार्गशीर्ष, शुक्ल पूर्णिमा तिथि प्रारम्भ - 26 दिसंबर को सुबह 05 बजकर 46 मिनट से
मार्गशीर्ष, शुक्ल पूर्णिमा तिथि समापन - 27 दिसंबर को सुबह 06 बजकर 02 मिनट तक
मार्गशीर्ष पूर्णिमा के दिन शुभ संयोग
इस बार मार्गशीर्ष माह की पूर्णिमा पर कई अद्भुत संयोग बनने वाले हैं। मार्गशीर्ष पूर्णिमा के दिन शुक्ल योग का निर्माण हो रहा है। इस योग को बहुत ही शुभ व फलदायी माना गया है। इतना ही नहीं, इस दिन भद्रावास योग और ब्रह्म योग भी बन रहा है। ऐसी मान्यता है कि इस योग में श्रीहरि विष्णु का पूजन करने से जीवन में सुख समृद्धि का आगमन होता है।

मार्गशीर्ष पूर्णिमा को क्यों कहा जाता है बत्तीसी पूर्णिमा?
ऐसा माना गया है कि मार्गशीर्ष पूर्णिमा के दिन जो जातक व्रत रखता है और सच्चे मन से पूजा करता है, उसे जीवन में हर तरह के सुखों की प्राप्ति होती है। मार्गशीर्ष पूर्णिमा के दिन भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त करने के लिए तरह-तरह के उपाय किए जाते हैं। इस दिन पवित्र नदी, सरोवर या कुंड में स्नान करने से विशेष कृपा होती है। मार्गशीर्ष पूर्णिमा पर किये गए दान कर्म का फल 32 गुना बढ़ कर मिलता है इसलिए इस पूर्णिमा को बत्तीसी पूर्णिमा भी कहा जाता है। इस दिन पूजा-अर्चना करने से भगवान विष्णु के साथ देवी लक्ष्मी का आशीर्वाद भी मिलता है।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications











