भगवान को भी लगती है गर्मी, इंसानों की तरह आता है पसीना, ये हैं भारत के अनूठे मंदिर

भारत में बड़ी संख्या में मंदिर पाए जाते हैं। मंदिर लोगों की आस्था का स्थल होता है जहां वे भगवान् की सेवा, अराधना और दर्शन के लिए आते हैं। यह महज़ एक स्थल नहीं बल्कि भावनाओं का समागम भी होता है।

हिन्दू धर्म में 33 करोड़ देवी देवताएं हैं। भारत में विभिन्न क्षेत्रों और अलग अलग संस्कृतियों के अनुसार अलग अलग मंदिर पाएं जाते हैं। ये मंदिर अपनी वास्तु कला, भगवान की मूर्तियों, पूजा रिवाजों को लेकर भी एक दूसरे से काफी भिन्न होते हैं।

Mysterious temple in India: Sweats come from gods idols

भारत में कुछ मंदिर ऐसे भी हैं जहां भगवान की मूर्तियों को पसीना आता है। जानते हैं कौन से हैं वे अनोखे मंदिर जहां भगवान की मूर्तियों को इंसानों की तरह ही पसीना आता है -

हिमाचल का भलई माता मंदिर

हिमाचल प्रदेश में स्थित भलई माता के मंदिर में भक्तों का तांता लगा रहता है। नवरात्रों में यहां की छटा देखने लायक ही होती है। मंदिर में स्थित माता की मूर्ति को पसीना आता है। ऐसी मान्यता है कि जब माता को पसीना आता है उस वक्त वहां मौजूद सभी व्यक्ति की मनोकामना पूरी होती है। मंदिर के पुजारियों के मुताबिक़ इन माता की मूर्ति का उद्गम इसी स्थान पर हुआ था और उस स्थान पर माता का मंदिर बनाया गया। अब भक्तों को मां के दर्शन के साथ साथ इस उम्मीद में भी रहते हैं कि माता की मूर्ति का पसीना निकले।

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जबलपुर का मां काली का मंदिर

मध्य प्रदेश के जबलपुर में स्थित काली मां का मंदिर है जहाँ भी ऐसी मान्यता प्रचलित है। काली मां को गर्मी लगती है इसलिए मंदिर के मुख्य स्थान पर एसी भी लगा हुआ। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस मंदिर में स्थित काली माता की भव्य मूर्ति गोंडवाना साम्राज्य से करीब 600 वर्षों पहले लाया गया था।

तमिलनाडु स्थित सिक्कल सिंगारवेलावर मंदिर

दक्षिण भारत के तमिलनाडु में स्थित कार्तिकेय मुरुगा का सिक्कल सिंगारवेलावर मंदिर भी अपने आप में अनोखा है। यहां स्थापित भगवान की मूर्ति को भी इंसानों की तरह ही पसीना आता है। इस मंदिर में हर साल अक्टूबर-नवंबर के बीच एक प्रचलित धार्मिक मेले का आयोजन किया जाता है जिस दौरान भगवान सुब्रमणय की प्रतिमा को पसीना आता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान सुब्रमणय को यह पसीना एक राक्षस को मारने के इंतज़ार की उत्सुकता के कारण आता है। मंदिर के पुजारी प्रतिमा से निकले पसीने को भक्तों पर पवित्र जल के रूप में छिड़कते हैं।
PC: Shaouraav Shreshtha

नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।

Story first published: Thursday, June 29, 2023, 10:49 [IST]
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